एकनाथ शिंदे मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर पंकजा मुंडे ने अलापा बगावती राग, कहा- 'मुझे योग्य नहीं समझा'

पिछले 9 अगस्त 2022 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 41 दिन बाद एकनाथ शिंदे ने अपने दो सदस्यीय मंत्रिमंडल का विस्तार किया. शिवसेना के बागी गुट और भाजपा के नौ-नौ सदस्यों को इसमें जगह दी गई. मंत्रिमंडल में किसी भी महिला को शामिल नहीं किया गया.
मुंबई : अभी हाल ही में महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया. इसके बाद भाजपा की नेता पंकजा मुंडे ने बगावती राग अलापना शुरू कर दिया है. मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे मंत्रिमंडल में शामिल करने के योग्य नहीं समझा गया. शायद मुझमें मंत्री बनने की पर्याप्त योग्यता नहीं है. बताते चलें कि महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में विस्तार के तहत पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना धड़े के नौ मंत्रियों और उनके भाजपा सहयोगियों के नौ नेताओं को शपथ दिलाई गई थी. इस मंत्रिमंडल में किसी महिला को स्थान नहीं देने पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की आलोचना भी हो रही है.
मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा की नेता पंकजा मुंडे ने कहा कि मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के लायक शायद मुझमें पर्याप्त योग्यता नहीं है. उन्होंने कहा कि उनके अनुसार जो योग्य होगा, उसे मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा. इस पर मेरा कोई रुख नहीं है. मैं अपने सम्मान को बनाए रखते हुए राजनीति करने की कोशिश करती हूं. एकनाथ शिंदे में एकनाथ शिंदे मंत्रिमंडल से महिलाओं को दूर रखने और पंकजा मुंडे के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार को गिराकर भाजपा के सहयोग से एकनाथ शिंदे गुट के सत्तासीन होने के बाद अब इस नए गठबंधन में सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है.
बता दें कि पिछले 9 अगस्त 2022 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 41 दिन बाद एकनाथ शिंदे ने अपने दो सदस्यीय मंत्रिमंडल का विस्तार किया. शिवसेना के बागी गुट और भाजपा के नौ-नौ सदस्यों को इसमें जगह दी गई. मंत्रिमंडल में किसी भी महिला को शामिल नहीं किया गया है, जिसकी नेताओं और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने आलोचना की है. महाराष्ट्र में भाजपा की 12 महिला विधायक हैं. शिंदे गुट में दो महिला विधायक हैं तथा उसे एक निर्दलीय महिला विधायक का समर्थन भी हासिल है. महाराष्ट्र में कुल 28 महिला विधायक हैं.
महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि महाराष्ट्र महिलाओं को आरक्षण देने वाला देश का पहला राज्य है. जब भारत की 50 फीसदी आबादी महिलाओं की है, तब भी उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया. यह भाजपा की मानसिकता को दिखाता है.
महाराष्ट्र के नए मंत्रिमंडल में भाजपा की ओर से मंत्रिमंडल में शामिल सदस्यों में राधाकृष्ण विखे पाटिल, सुधीर मुन्गंतीवार, चंद्रकांत पाटिल, विजयकुमार गावित, गिरीश महाजन, सुरेश खडे, रवींद्र चह्वाण, अतुल सावे और मंगलप्रभात लोढा शामिल किया गया है. वहीं, शिवसेना के बागी एकनाथ शिंदे गुट से गुलाबराव पाटिल, दादा भुसे, संजय राठौड़, संदीप भुमरे, उदय सामंत, तानाजी सावंत, अब्दुल सत्तार, दीपक केसरकर और शंभुराज देसाई को जगह दी गई.
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नए मंत्रियों में शिंदे समूह के विधायक संजय राठौड़ शामिल किया गया, जो उद्धव ठाकरे की सरकार में वन मंत्री थे और उन पर भाजपा द्वारा एक महिला की आत्महत्या के लिए आरोप लगाया गया था. इसके बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को लेकर भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष चित्रा वाग ने विरोध दर्ज किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि महिला की मौत के लिए जिम्मेदार पूर्व मंत्री संजय राठौड़ को फिर से मंत्री पद दिया गया है. मैं राठौड़ के फिर से मंत्री बनने के बावजूद उनके खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखूंगी.
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