मणिपुर मामले में सरकार के खिलाफ तना विपक्ष, अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी

Edited by Pritish Sahay
Updated:
विज्ञापन

No Confidence Motion: विपक्षी पार्टियों ने फैसला किया है कि मणिपुर मामले को लेकर लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा. बता दें, मानसून सत्र में मणिपुर हिंसा को लेकर एक भी दिन सत्र नहीं चल पाया है. विपक्ष लगातार पीएम मोदी के बयान की मांग कर रहा है.

विज्ञापन

No Confidence Motion: मणिपुर मामले पर संसद में लगातार हंगामा हो रहा है. हिंसा की घटना को लेकर सदन की कार्यवाही नहीं चल पा रही है. सत्ता पक्ष हिंसा मामले में सदन में विपक्ष से बहस करने को तैयार है. लेकिन विपक्षी पार्टियां इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में बयान देने की मांग पर अड़ी हैं. इस बीच विपक्षी पार्टियों ने यह फैसला किया है कि मणिपुर मामले को लेकर लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा. विपक्ष सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है. सूत्रों को मुताबिक विपक्ष की कुछ पार्टियां लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे सकती हैं.

मणिपुर हिंसा मामले में सदन में हंगामा जारी
बता मणिपुर हिंसा मामले में सदन के दोनों सदनों में लगातार हंगामा हो रहा है.वहीं, मानसून सत्र शुरू होने के एक दिन पहले मणिपुर में 4 मई को महिलाओं को घुमाए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद राजनीति और करमा गई है. गौरतलब है कि 20 जुलाई को सत्र शुरू होने से पहले संसद के बाहर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने मणिपुर की घटना को शर्मनाक बताते हुए दोषियों की कड़ी सजा दिलाने की बात कही थी. लेकिन विपक्ष इतने भर से संतुष्ट नहीं है. विपक्ष का कहना है कि पीएम मोदी इस मामले में सदन के अंदर बयान दें. 

मणिपुर हिंसा मामले में मंगलवार को भी सदन खुलने के साथ ही विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया. विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते रहे, जिसके बाद सदन स्थगित हो गया. वहीं, इस मामले पर बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा है कि विपक्ष संसद में मणिपुर मामले पर चर्चा नहीं करना चाहते हैं. अपने नाम में I.N.D.I.A का इस्तेमाल करके उन्होंने दिखाया है कि यूपीए और कांग्रेस जैसे नामों के प्रति उनकी नापसंदगी है. वहीं, AAP सांसद संजय सिंह के निलंबन पर तिवारी ने कहा कि संजय सिंह उच्च सदन में पहुंच गए हैं लेकिन उनका व्यवहार सड़क का लफंगा जैसा है. उन्हें संसद के अंदर नियमों का पालन करना चाहिए. वहीं, केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा है कि विपक्ष और कांग्रेस मणिपुर मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहते. वे हंगामा करते हैं और संसद चलाने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है.

सदन में पीएम मोदी के बयान को लेकर अड़ी विपक्ष के रवैये पर बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि हमें अपने पीएम पर गर्व है. हम 2024 में सत्ता में वापस आ रहे हैं. पीएम मोदी ने बयान दिया है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना एक विदेशी नागरिक ने की थी. आज लोग इंडियन मुजाहिदीन और इंडियन पीपुल्स फ्रंट जैसे नामों का इस्तेमाल कर रहे हैं. अंकित मूल्य पर कुछ भी उस चीज से अलग हो सकता है जो वास्तव में सच है.

इधर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में कहा कि सरकार राजस्थान और छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अत्याचार के 177 नोटिसों पर चर्चा के लिए तैयार है. पूरे देश में, अगर महिलाओं के खिलाफ कोई अपराध है, तो सरकार चर्चा के लिए तैयार है. हमें इन मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए.

इधर, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने मानसून सत्र को लेकर कहा है कि कहा कि हमारी दो मांगें हैं. उन्होंने कहा कि हमारी पहली मांग है कि पीएम मोदी दोनों सदनों में बयान दें और दूसरा विपक्षी गठबंधन I-N-D-I-A की ओर से दिए गए काम रोको प्रस्ताव नोटिस पर चर्चा करें. मणिपुर की त्रासदी सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं है, यह एक राष्ट्रीय त्रासदी है.

विपक्षी दलों ने की बैठक
गौरतलब है कि विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (I-N-D-I-A) के घटक दलों ने संसद के मौजूदा मानसून सत्र में सरकार को घेरने की आगे की रणनीति पर आज यानी मंगलवार को चर्चा की. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संसद भवन स्थित कक्ष में हुई इस बैठक में खरगे के अलावा आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा, द्रविड़ मुनेत्र कषगम केटीआर बालू, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा समेत कई अन्य नेता शामिल हुए. विपक्षी दल मानसून सत्र के पहले दिन से ही मणिपुर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से संसद के भीतर वक्तव्य देने और विस्तृत चर्चा की मांग कर रहे हैं. इस मुद्दे पर हंगामे के कारण संसद के मानसून सत्र के पहले तीन दिन दोनों सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई थी.

Also Read: लाल डायरी पर क्यों ‘लाल’ हो रहा राजस्थान, राजेंद्र गुढ़ा ने किया दावा- गहलोत सरकार हो जाएगी बेनकाब

चर्चा के लिए सत्ता पक्ष तैयार- अमित शाह
मणिपुर के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने बीते दिन यानी सोमवार को लोकसभा में कहा था कि सरकार इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा के लिए सत्ता पक्ष  तैयार है और विपक्ष से आग्रह है कि वह चर्चा होने दे और सच्चाई सामने आने दे. मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने का वीडियो के सामने आने के बाद राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में तनाव कायम हो गया है. 

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola