PFI के खिलाफ एनआईए ने पहली चार्जशीट दाखिल की, सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने का आरोप
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 14 Mar 2023 4:02 PM
एनआईए ने दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. जिसमें आरोप लगाया गया है कि भोले-भाले मुस्लिम युवाओं को यह विश्वास दिलाकर कट्टरपंथी बना दिया कि भारत में इस्लाम खतरे में है.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI ) के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है. जिसमें पीएफआई के दो सदस्यों पर सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है. साथ ही हथियारों की ट्रेनिंग देने का भी आरोप लगा है. यह आरोप पत्र राजस्थान में संगठन द्वारा चलाई जा रही उग्रवादी गतिविधियों और एजेंडे से संबंधित मामले में दाखिल किया गया है. एनआईए के एक प्रवक्ता ने बताया कि सोमवार को कोटा के मोहम्मद आसिफ उर्फ ‘आसिफ’ और राजस्थान के बारां के सादिक सर्राफ पर यहां की एक विशेष अदालत में भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.
एनआईए चार्जशीट में पीएफआई पर कट्टरपंथ को बढ़ावा देने का आरोप
अधिकारी ने कहा कि यह मामला आपराधिक साजिश की जांच के सिलसिले में दर्ज किया गया था, जिसे पीएफआई सदस्यों द्वारा भोले-भाले मुस्लिम युवाओं को कट्टर बनाकर और उन्हें हथियारों का प्रशिक्षण देकर भारत में विभिन्न समुदायों के बीच खाई पैदा करने के उद्देश्य से रचा गया था. उन्होंने कहा कि आरोपियों का मकसद आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाकर भारत में 2047 तक इस्लामिक शासन कायम करना था.
आरोपी पीएफआई के प्रशिक्षित सदस्य
चार्जशीट में यह बताया गया कि मोहम्मद आसिफ उर्फ आसिफ और सादिक सर्राफ पीएफआई के प्रशिक्षित सदस्य हैं जो हिंसक कृत्यों को अंजाम देने के लिए पीएफआई के लिए प्रभावशाली मुस्लिम युवाओं की भर्ती और कट्टरता में शामिल करते थे.
The accused chargesheeted are trained PFI members who were involved in recruitment and radicalisation of impressionable Muslim youth for the PFI for committing violent acts.
— ANI (@ANI) March 14, 2023
सितंबर 2022 में एनआईए ने किया था केस दर्ज
एनआईए ने आपराधिक साजिश की जांच के लिए पीएफआई के खिलाफ सितंबर 2022 में मामला दर्ज किया गया था, जिसे पीएफआई नेताओं और कैडरों द्वारा कट्टरपंथी मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथ और हथियार-प्रशिक्षण के माध्यम से भारत में विभिन्न समुदायों के बीच तनाव पैदा करने के उद्देश्य से रचा गया था.
Also Read: केरल में PFI कार्यकर्ताओं के 56 ठिकानों पर NIA का छापा, टेरर फंडिंग मामले में हो रही कार्रवाई
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










