केरल में PFI कार्यकर्ताओं के 56 ठिकानों पर NIA का छापा, टेरर फंडिंग मामले में हो रही कार्रवाई

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 29 Dec 2022 9:37 AM

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एनआईए की अगुवाई वाली कई जांच एजेंसी की टीम ने देश में आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने के आरोप में सितंबर में 15 राज्यों में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन के शीर्ष नेताओं सहित कई पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया था.

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केरल में गुरुवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) कार्यकर्ताओं के 56 स्थानों पर छापेमारी की. पीएफआई के कैडरों से संबंध रखने वाले कई संदिग्धों के परिसरों और कार्यालयों में तलाशी चल रही है. केरल पुलिस के सूत्रों ने बताया कि बुधवार देर रात शुरू हुई छापेमारी अब भी जारी है.

इन स्थानों पर एनआईए का रेड

पीएफआई कैडरों के खिलाफ विशिष्ट इनपुट के बाद राज्य पुलिस के सहयोग से गुरुवार तड़के छापेमारी शुरू हुई. केरल के मलम्पुरम, एर्नाकुलम, अलपुजा, कोल्लम और तिरुवनंतपुरम के जगहों पर छापामारी की जा रही है.

एनआईए ने पीएफआई पर की बड़ी कार्रवाई

एनआईए की अगुवाई वाली कई जांच एजेंसी की टीम ने देश में आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने के आरोप में सितंबर में 15 राज्यों में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन के शीर्ष नेताओं सहित कई पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया था. अधिकारियों ने तब इस बड़ी कार्रवाई को पीएफआई के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी जांच प्रक्रिया के रूप में दर्ज किया था.

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किसी अन्य के नाम पर PFI को खड़ा करने की हो रही थी कोशिश

एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि पीएफआई के नेता किसी और के नाम पर पीएफआई को खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे.

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पीएफआई को सरकार ने किया बैन

गृह मंत्रालय की ओर से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (Popular front of India) की आतंकी फंडिंग व अन्य गतिविधियों के चलते पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है. इस साल सितंबर में गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर यूएपीए एक्ट के तहत इस संगठन पर प्रतिबंध लगाया गया है. PFI के अलावा उनके सहयोगी संगठन रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन, नेशनल विमेन फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन(केरल) पर भी प्रतिबंध लगाया गया है.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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