New Pension Scheme: क्या बीजेपी का मास्टर स्ट्रोक साबित होगा यूनिफाइड पेंशन स्कीम? विधानसभा चुनाव में मिल सकता है लाभ
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 25 Aug 2024 7:44 AM
New Pension Scheme: मोदी सरकार के यूनिफाइड पेंशन स्कीम की चर्चा काफी हो रही है. इसका लाभ चुनाव में बीजेपी को हो सकता है.
New Pension Scheme: केंद्र की मोदी सरकार ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मंजूरी दी है. इसके बाद बीजेपी विपक्ष से एक कदम आगे निकल गई है. सरकारी कर्मचारियों ने पेंशन संबंधी केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय की तारीफ की, साथ ही इस मुद्दे पर उनके साथ बैठक करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया. सरकारी कर्मचारियों के संगठनों के संयुक्त मंच ज्वाइंट कंसलटेटिव मशीनरी (जेसीएम) के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें बैठक के लिए प्रधानमंत्री ने आमंत्रित किया था.
सरकारी कर्मचारी लंबे समय से पुरानी पेंशन स्कीम की मांग कर रहे थे. मोदी सरकार ने यूनीफाइड पेंशन स्कीम लाकर उनकी मांग लगभग पूरी कर दी है. सरकार के इस फैसले के बाद बीजेपी को उम्मीद है कि आने वाले विधानसभा चुनावों में उसे इसका पूरा लाभ मिलेगा. पुरानी पेंशन स्कीम को लेकर लगातार विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर नजर आया है.
पुरानी पेंशन स्कीम चुनाव में बनेगा मुद्दा?
पुरानी पेंशन स्कीम को लेकर लंबे समय से केंद्रीय कर्मचारी भी बीजेपी से खुश नहीं थे. दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी इसका असर नजर आ सकता है. जिन राज्यों में विधानसभा हुए वहां कांग्रेस ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया. जैसे- हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने सरकार बनने पर ओपीएस लागू करने का ऐलान किया था. मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस ने इस मुद्दे को उछाला लेकिन उसे सफल नहीं मिली. अब इस साल चार राज्यों में चुनाव होने वाले हैं. हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में तो चुनाव की घोषणा की जा चुकी है जबकि महाराष्ट्र और झारखंड में इस साल के अंत तक चुनाव होने वाले हैं.
Read Also : Unified Pension Scheme: क्या है यूनिफाइड पेंशन स्कीम, जानिए इसकी विशेषताएं
लोकसभा चुनाव में पुरानी पेंशन स्कीम नहीं बन पाया था मुद्दा
लोकसभा चुनाव में पुरानी पेंशन स्कीम का मुद्दा ज्यादा कारगर नजर नहीं आया था. हालांकि सरकारी कर्मचारियों की नाराजगी इस दौरान देखने को मिली थी. चार राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इसे बीजेपी का मास्टर स्ट्रोक बताया जा रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










