ePaper

NEET-UG विवाद के बाद बड़ा फैसला- 1563 छात्रों के ग्रेस मार्क्स रद्द, 23 जून को फिर से होगी परीक्षा

Updated at : 14 Jun 2024 8:25 AM (IST)
विज्ञापन
Supreme Court

Supreme Court

NEET-UG Controversy के बाद एनटीए ने बड़ा फैसला लिया है. 1563 स्टूडेंट्स के ग्रेस मार्क्स रद्द कर दिए गए हैं. 23 जून को फिर से परीक्षा का आयोजन किया जाएगा.

विज्ञापन

NEET-UG Controversy: नीट-यूजी परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्र ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया कि उसने एमबीबीएस और ऐसे अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए परीक्षा देने वाले 1,563 अभ्यर्थियों को दिये गये ग्रेस मार्क्स रद्द कर दिये हैं.

NEET-UG Controversy: 1563 स्टूडेंट्स को ई-मेल भेजेगा एनटीए

केंद्र ने यह भी कहा कि ऐसे अभ्यर्थियों के पास या तो दोबारा परीक्षा देने या नष्ट हुए समय की क्षतिपूर्ति के लिए उन्हें दिये गये ग्रेस मार्क्स को छोड़ने का विकल्प होगा. इन परीक्षार्थियों के लिए 23 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की जायेगी. इसे लेकर एनटीए जल्द ही एक सार्वजनिक नोटिस जारी करेगा और इन 1563 उम्मीदवारों से ई-मेल के माध्यम से संपर्क करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें आधिकारिक संचार प्राप्त हो.

6 जुलाई से होने वाली काउंसिलिंग पर रोक लगाने से कोर्ट का इंकार

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने 6 जुलाई से शुरू होने वाली काउंसिलिंग पर रोक लगाने से इंकार कर दिया. परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत पर कई राज्यों के हाइकोर्ट में भी याचिकाएं दायर की गयी हैं. ऐसे में जहां भी ग्रेस मार्क्स को लेकर याचिका लगायी गयी है, वहां सुप्रीम कोर्ट का आदेश ही लागू होगा.

ग्रेस मार्क्स वापस लेने के बाद शीर्ष अंकों वाले छात्रों की संख्या 61 रह जायेगी

एनटीए द्वारा 1,563 छात्रों को दिये गये ग्रेस मार्क्स वापस लेने के निर्णय के बाद नीट-यूजी में शीर्ष रैंक पाने वालों की संख्या 67 से घटकर 61 हो जायेगी. ऐसे अभ्यर्थियों के पास दोबारा परीक्षा देने या बर्बाद हुए समय की क्षतिपूर्ति के लिए उन्हें दिये गये ग्रेस मार्क्स को छोड़ने का विकल्प होगा. अधिकारी ने कहा कि जब तक ये अभ्यर्थी पुनःपरीक्षा नहीं देते और 720 में से 720 अंक नहीं लाते, तब तक वे अपना शीर्ष स्थान पुनः प्राप्त नहीं कर पायेंगे. इन 1,563 विद्यार्थियों में से हरियाणा के एक केंद्र से मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए छह छात्रों ने 61 अन्य के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान प्राप्त किया था.

अहम सवालों पर सुप्रीम कोर्ट में एनटीए का जवाब

क्या परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है?

पेपर लीक के आरोप गलत हैं. परीक्षा तय मानकों के आधार पर हुई है. राजस्थान के एक केंद्र पर हिंदी की जगह अंग्रेजी का पेपर पहुंच गया था, लेकिन पेपर लीक नहीं हुआ है.

67 अभ्यर्थियों को रैंक-1 कैसे मिली?

जिन 67 अभ्यर्थियों को 67 अंक मिले हैं, उन सभी को टॉपर नहीं माना जायेगा. 67 में से 44 अभ्यर्थियों को ‘आंसर की’ में बदलाव होने की वजह से बोनस अंक मिले हैं. इस वजह से इन छात्रों ने परफेक्ट स्कोर किया है.

44 छात्रों को ग्रेस मार्क्स किस आधार पर मिले?

परीक्षा में केमिस्ट्री के सेक्शन में एटम से संबंधित एक सवाल पूछा गया था. ‘आंसर की’ में पहला ऑप्शन सही था. पुरानी एनसीइआरटी किताब के हिसाब से तीसरा विकल्प सही था. तीसरा विकल्प चुनने वालों को बोनस अंक मिले हैं.

एक ही केंद्र से छह छात्रों को रैंक-1 कैसे मिली?

यह केवल संयोग है. जिस केंद्र से छह टॉपर्स निकले हैं, उसका औसत रिजल्ट बाकी केंद्रों के रिजल्ट से पहले से ही ज्यादा है.

अधिकतम अंक 720 या 716 हो सकता है. 718 या 719 अंक कैसे मिले?

तकनीकी दिक्कतों की वजह से जिन अभ्यर्थियों का समय बर्बाद हुआ, उन्हें ग्रेस मार्क्स दिये गये. इस वजह से अधिकतम अंक 718 या 719 हो गये हैं.

तारीख से पहले रिजल्ट क्यों जारी किया गया?

23 लाख छात्रों की नामांकन प्रक्रिया समय से पूरी हो, इसलिए परीक्षा का परिणाम 30 दिनों में ही घोषित कर दिया गया.

ग्रेस मार्क्स पाने वालों के पास अब ये दो ऑप्शन

  • ग्रेस मार्क्स पाने वाले अभ्यर्थी या तो एनटीए द्वारा 23 जून को लिये जाने वाले रिएग्जाम में बैठ सकते हैं.
  • या बिना ग्रेस मार्क्स वाले पुराने स्कोर के साथ ही काउंसिलिंग में भाग ले सकते हैं.

परीक्षा में पेपर लीक के सबूत नहीं : धर्मेंद्र प्रधान

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को नीट-यूजी में प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि इन दावों की पुष्टि के लिए कोई सबूत नहीं है. एनटीए में भ्रष्टाचार के आरोप बेबुनियाद हैं. यह बहुत ही प्रामाणिक संस्था है. सरकार सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी छात्र का नुकसान नहीं हो.

तीन याचिकाएं की गयी हैं दायर

  • परिणामों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में बने पैनल
  • परिणामों को वापस लेने और नये सिरे से परीक्षा लेने को लेकर
  • समय बर्बाद होने के लिए ग्रेस मार्क्स दिये जाने को चुनौती

ग्रेस मार्क्स के मुद्दे पर सुनवाई हुई, अन्य याचिकाओं पर 8 जुलाई को

सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को ग्रेस मार्क्स के मुद्दे पर सुनवाई हुई. बाकी लंबित याचिकाओं को एकसाथ संबद्ध कर दिया गया. सभी याचिकाओं पर आठ जुलाई को एक साथ विचार किया जायेगा.

इसे भी पढ़ें

NEET UG 2024: कांग्रेस बोली- मोदी सरकार के कारनामों से 24 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर, प्रधान ने दिया करारा जवाब

नीट-यूजी में हुई कथित धांधली के खिलाफ एआइडीएसओ का प्रदर्शन

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola