सोनिया गांधी के सुझाव पर एनबीए ने जतायी नाराजगी, कहा- कांग्रेस अध्यक्ष का सुझाव मीडिया का मनोबल गिराने वाला

Updated at : 07 Apr 2020 9:02 PM (IST)
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सोनिया गांधी के सुझाव पर एनबीए ने जतायी नाराजगी, कहा- कांग्रेस अध्यक्ष का सुझाव मीडिया का मनोबल गिराने वाला

न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने सरकार और सरकारी उपक्रमों द्वारा मीडिया विज्ञापनों पर दो साल के लिए रोक लगाये जाने संबंधी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के सुझाव पर मंगलवार को ‘नाराजगी' जाहिर की है.

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नयी दिल्ली : न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने सरकार और सरकारी उपक्रमों द्वारा मीडिया विज्ञापनों पर दो साल के लिए रोक लगाये जाने संबंधी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के सुझाव पर मंगलवार को ‘नाराजगी’ जाहिर की है. एनबीए ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का यह सुझाव मीडियाकर्मियों के ‘मनोबल को गिराने’ वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में सोनिया गांधी ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए विभिन्न सुझाव दिये. उन्होंने कहा कि सरकार एवं सरकारी उपक्रमों द्वारा मीडिया विज्ञापनों (टेलीविज़न, प्रिंट एवं ऑनलाइन विज्ञापनों) पर दो साल के लिए रोक लगाकर यह पैसा कोरोना वायरस से उत्पन्न हुए संकट से लड़ने में लगाया जाए. केवल कोविड-19 के बारे में परामर्श या स्वास्थ्य से संबंधित विज्ञापन ही इस बंदिश से बाहर रखे जाएं.

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एनबीए के अध्यक्ष रजत शर्मा ने एक बयान में कहा कि एसोसिएशन मीडिया विज्ञापनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाये जाने संबंधी कांग्रेस अध्यक्ष के सुझाव को पूरी तरह से खारिज करती है. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब मीडियाकर्मी अपने जीवन की चिंता किये बगैर महामारी पर समाचारों को प्रसारित कर अपने राष्ट्रीय कर्तव्य को निभा रहे हैं, कांग्रेस अध्यक्ष से इस तरह का बयान उनके (मीडियाकर्मियों) मनोबल को गिराने वाला है.

शर्मा ने कहा कि एक तरफ तो मंदी के कारण इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विज्ञापन राजस्व में कमी आयी है, तो वहीं दूसरी ओर सभी उद्योगों और व्यवसायों के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण वित्तीय संकट से जूझ रहे है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा, समाचार चैनल अपने पत्रकारों और अन्य कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करने पर भारी धनराशि खर्च कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह गलत समय पर दिया गया मनमाना सुझाव है. एनबीए ने कांग्रेस अध्यक्ष से अपना सुझाव वापस लेने का अनुरोध किया है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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