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National Security: ऑपरेशन सिंदूर के जरिये दुनिया को पता चला देश की ताकत

Updated at : 21 May 2025 6:53 PM (IST)
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National Security: ऑपरेशन सिंदूर के जरिये दुनिया को पता चला देश की ताकत

तेजी से बदलते भू-राजनीतिक माहौल में वैश्विक व्यापार, सामरिक हित, साइबर सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटना एक चुनौती बनता जा रहा है. भारत की समुद्री सुरक्षा को भावी खतरे से निपटने के लिए तैयार करना होगा. शिपबिल्डिंग में तेजी लानी होगी और इसमें नेतृत्व करना होगा.

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National Security: भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए कई स्तर पर प्रयास हो रहे हैं. विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रति व्यक्ति आय में आठ गुना वृद्धि करना जरूरी है और यह सीमा पर शांति के बिना संभव नहीं है. आर्थिक विकास युद्ध जैसे हालातों में नहीं हो सकता है. विकास और प्रगति के लिए शांति सबसे जरूरी पहलू है. शांति को शक्ति से ही हासिल किया जा सकता है. सुरक्षा की शक्ति, आर्थिक शक्ति, विकास की शक्ति और राष्ट्रवाद के प्रति गहरी, अटूट और नि:स्वार्थ प्रतिबद्धता से ही देश विकास के नये आयाम हासिल कर सकता है.

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना करते हुए कहा कि जब 22 अप्रैल को पहलगाम में पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी दुस्साहस किया गया, तब भारत ने बेहद प्रभावी तरीके से जवाब दिया. जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के मुरीदके और बहावलपुर स्थित ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाया गया. भारतीय सेना की कार्रवाई से दुनिया को एक स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गयी कि भारत अब आतंकवाद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा.



राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए स्वदेशी तकनीक है जरूरी


उपराष्ट्रपति ने कहा कि तेजी से बदलते भू-राजनीतिक माहौल में वैश्विक व्यापार, सामरिक हित, साइबर सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटना एक चुनौती बनता जा रहा है. भारत की समुद्री सुरक्षा को भावी खतरे से निपटने के लिए तैयार करना होगा. शिपबिल्डिंग में तेजी लानी होगी और इसमें नेतृत्व करना होगा. भारत माल का लगभग 70 फीसदी सामान समुद्र के रास्ते ले जाते हैं. इसके लिए समुद्री सुरक्षा को सशक्त बनाना होगा ताकि मांग बढ़े और देश की तेजी से आगे बढ़ सके. मौजूदा समय में भारत वैश्विक आर्थिक शक्ति और समुद्री शक्ति के तौर पर उभर रहा है.

भारत शांति, सतत विकास और प्रगति के प्रति प्रतिबद्ध है. भारत पहले ही दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुके हैं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक अग्रणी शक्ति के रूप में उभर रहा है. समुद्र आर्थिक विकास के लिए पहले से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण हो गए हैं. धनखड़ ने लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार  के दौरान योजनाओं को तय समय में पूरा करने का काम किया गया है. इस कार्यक्रम के दौरान गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. ,

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Anjani Kumar Singh

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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