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राहुल गांधी की क्या गलती थी जो वे माफी मांगेंगे? मोदी सरनेम मामले पर भड़के अधीर रंजन चौधरी

Updated at : 04 Aug 2023 12:03 PM (IST)
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राहुल गांधी की क्या गलती थी जो वे माफी मांगेंगे? मोदी सरनेम मामले पर भड़के अधीर रंजन चौधरी

New Delhi: Congress MP Adhir Ranjan Chowdhury with DMK MP TR Baalu addresses a press conference at Parliament House complex during Monsoon session, in New Delhi, Tuesday, Aug. 1, 2023. (PTI Photo/Vijay Verma)(PTI08_01_2023_000067B)

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरनेम वाली अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से एक बार फिर इनकार कर दिया है, जिसके कारण उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराया दिया गया था. जानें उसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा

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पिछले दिनों कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरनेम वाली अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से एक बार फिर इनकार कर दिया, जिसके कारण उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराया गया था. कांग्रेस नेता ने हालांकि सुप्रीम कोर्ट से अपनी टिप्पणी से उत्पन्न आपराधिक मानहानि मामले में अपनी सजा पर रोक लगाने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि वह दोषी नहीं हैं.

‘मोदी सरनेम’ मानहानि मामले पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि दुनिया और देश जानता है कि सत्ता पक्ष के आदेश और निर्देश पर राहुल गांधी को संसद में चुप कराने के लिए ऐसा किया गया है. राहुल गांधी की क्या गलती थी जो वे माफी मांगेंगे? राहुल गांधी माफी नहीं मांगेंगे और ऐसा अहंकार के कारण नहीं बल्कि इसलिए है कि उन्होंने कोई अन्याय नहीं किया है.

आपको बता दें कि बीजेपी के नेता एवं गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने 2019 में गांधी के खिलाफ उनकी इस टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया था कि ‘‘सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों है?’’ इस तरह की टिप्पणी राहुल गांधी ने 13 अप्रैल, 2019 को कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी रैली के दौरान की थी. उनके इस बयान से राजनीतिक घमासान मच गया था.

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माफी मांगने से एक बार फिर इनकार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरनेम वाली अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से एक बार फिर इनकार कर दिया है, जिसके कारण उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराया दिया गया था. गांधी ने हालांकि सुप्रीम कोर्ट से अपनी टिप्पणी से उत्पन्न आपराधिक मानहानि मामले में अपनी सजा पर रोक लगाने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि वह दोषी नहीं हैं.

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कब की थी राहुल गांधी ने टिप्पणी

आपको बता दें कि बीजेपी के नेता एवं गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने 2019 में गांधी के खिलाफ उनकी इस टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया था कि ‘‘सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों है?’’ उक्त टिप्पणी गांधी ने 13 अप्रैल, 2019 को कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी रैली के दौरान की थी. सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर एक हलफनामे में, राहुल गांधी ने कहा कि मोदी ने अपने जवाब में उनके लिए ‘अहंकारी’ जैसे ‘निंदात्मक’ शब्दों का इस्तेमाल केवल इसलिए किया क्योंकि उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया है.

हलफनामे में क्या कहा गया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने हलफनामे में कहा कि याचिकाकर्ता को बिना किसी गलती के माफी मांगने के लिए मजबूर करने के लिए आपराधिक प्रक्रिया और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत प्रभावों का उपयोग करना न्यायिक प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है और इस कोर्ट द्वारा इसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए. हलफनामे में कहा गया है कि याचिकाकर्ता का कहना है और उसने हमेशा कहा है कि वह अपराध का दोषी नहीं है और दोषसिद्धि टिकाऊ नहीं है और अगर उसे माफी मांगनी होती और समझौता करना होता, तो वह बहुत पहले ही ऐसा कर चुके होते.

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शीर्ष अदालत ने 21 जून को गांधी की अपील पर मोदी और राज्य सरकार से जवाब मांगा

केरल के वायनाड से सांसद के रूप में अयोग्य ठहराये गये राहुल गांधी ने कहा कि उनका मामला ‘असाधारण’ है, क्योंकि अपराध ‘मामूली’ है और एक सांसद के तौर पर अयोग्य ठहराए जाने से उन्हें अपूरणीय क्षति हुई है. शीर्ष अदालत ने 21 जून को गांधी की अपील पर मोदी और राज्य सरकार से जवाब मांगा था. राहुल गांधी ने 15 जुलाई को दायर अपनी अपील में कहा है कि यदि सात जुलाई के फैसले पर रोक नहीं लगाई गयी, तो इससे बोलने, अभिव्यक्ति, विचार और बयान की स्वतंत्रता का गला घोंट दिया जाएगा.

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राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई गयी

आपको बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 24 मार्च को संसद के सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था जब गुजरात की एक अदालत ने उन्हें मोदी सरनेम टिप्पणी के लिए आपराधिक मानहानि मामले में दोषी ठहराया और दो साल की सजा सुनाई थी. हाई कोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने के अनुरोध वाली उनकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि ‘राजनीति में शुचिता’ समय की मांग है1 गांधी की दोषसिद्धि पर रोक से लोकसभा सदस्य के रूप में उनकी बहाली का मार्ग प्रशस्त हो सकता था, लेकिन वह सत्र अदालत या गुजरात हाई कोर्ट से कोई राहत पाने में सफल नहीं रहे.

भाषा इनपुट के साथ

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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