राहुल गांधी की क्या गलती थी जो वे माफी मांगेंगे? मोदी सरनेम मामले पर भड़के अधीर रंजन चौधरी

Edited by Amitabh Kumar
Updated:
विज्ञापन

New Delhi: Congress MP Adhir Ranjan Chowdhury with DMK MP TR Baalu addresses a press conference at Parliament House complex during Monsoon session, in New Delhi, Tuesday, Aug. 1, 2023. (PTI Photo/Vijay Verma)(PTI08_01_2023_000067B)

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरनेम वाली अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से एक बार फिर इनकार कर दिया है, जिसके कारण उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराया दिया गया था. जानें उसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा

विज्ञापन

पिछले दिनों कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरनेम वाली अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से एक बार फिर इनकार कर दिया, जिसके कारण उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराया गया था. कांग्रेस नेता ने हालांकि सुप्रीम कोर्ट से अपनी टिप्पणी से उत्पन्न आपराधिक मानहानि मामले में अपनी सजा पर रोक लगाने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि वह दोषी नहीं हैं.

‘मोदी सरनेम’ मानहानि मामले पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि दुनिया और देश जानता है कि सत्ता पक्ष के आदेश और निर्देश पर राहुल गांधी को संसद में चुप कराने के लिए ऐसा किया गया है. राहुल गांधी की क्या गलती थी जो वे माफी मांगेंगे? राहुल गांधी माफी नहीं मांगेंगे और ऐसा अहंकार के कारण नहीं बल्कि इसलिए है कि उन्होंने कोई अन्याय नहीं किया है.

आपको बता दें कि बीजेपी के नेता एवं गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने 2019 में गांधी के खिलाफ उनकी इस टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया था कि ‘‘सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों है?’’ इस तरह की टिप्पणी राहुल गांधी ने 13 अप्रैल, 2019 को कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी रैली के दौरान की थी. उनके इस बयान से राजनीतिक घमासान मच गया था.

undefined

माफी मांगने से एक बार फिर इनकार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरनेम वाली अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से एक बार फिर इनकार कर दिया है, जिसके कारण उन्हें संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराया दिया गया था. गांधी ने हालांकि सुप्रीम कोर्ट से अपनी टिप्पणी से उत्पन्न आपराधिक मानहानि मामले में अपनी सजा पर रोक लगाने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि वह दोषी नहीं हैं.

Also Read: Photo: कब करेंगे राहुल गांधी शादी! महिलाओं के सवाल पर सोनिया गांधी ने दिया शानदार जवाब

कब की थी राहुल गांधी ने टिप्पणी

आपको बता दें कि बीजेपी के नेता एवं गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने 2019 में गांधी के खिलाफ उनकी इस टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया था कि ‘‘सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों है?’’ उक्त टिप्पणी गांधी ने 13 अप्रैल, 2019 को कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी रैली के दौरान की थी. सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर एक हलफनामे में, राहुल गांधी ने कहा कि मोदी ने अपने जवाब में उनके लिए ‘अहंकारी’ जैसे ‘निंदात्मक’ शब्दों का इस्तेमाल केवल इसलिए किया क्योंकि उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया है.

हलफनामे में क्या कहा गया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने हलफनामे में कहा कि याचिकाकर्ता को बिना किसी गलती के माफी मांगने के लिए मजबूर करने के लिए आपराधिक प्रक्रिया और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत प्रभावों का उपयोग करना न्यायिक प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है और इस कोर्ट द्वारा इसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए. हलफनामे में कहा गया है कि याचिकाकर्ता का कहना है और उसने हमेशा कहा है कि वह अपराध का दोषी नहीं है और दोषसिद्धि टिकाऊ नहीं है और अगर उसे माफी मांगनी होती और समझौता करना होता, तो वह बहुत पहले ही ऐसा कर चुके होते.

Also Read: Modi Surname: राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट से सजा पर रोक लगाने की मांग की, हलफनामा दायर

शीर्ष अदालत ने 21 जून को गांधी की अपील पर मोदी और राज्य सरकार से जवाब मांगा

केरल के वायनाड से सांसद के रूप में अयोग्य ठहराये गये राहुल गांधी ने कहा कि उनका मामला ‘असाधारण’ है, क्योंकि अपराध ‘मामूली’ है और एक सांसद के तौर पर अयोग्य ठहराए जाने से उन्हें अपूरणीय क्षति हुई है. शीर्ष अदालत ने 21 जून को गांधी की अपील पर मोदी और राज्य सरकार से जवाब मांगा था. राहुल गांधी ने 15 जुलाई को दायर अपनी अपील में कहा है कि यदि सात जुलाई के फैसले पर रोक नहीं लगाई गयी, तो इससे बोलने, अभिव्यक्ति, विचार और बयान की स्वतंत्रता का गला घोंट दिया जाएगा.

undefined

राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई गयी

आपको बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 24 मार्च को संसद के सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था जब गुजरात की एक अदालत ने उन्हें मोदी सरनेम टिप्पणी के लिए आपराधिक मानहानि मामले में दोषी ठहराया और दो साल की सजा सुनाई थी. हाई कोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने के अनुरोध वाली उनकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि ‘राजनीति में शुचिता’ समय की मांग है1 गांधी की दोषसिद्धि पर रोक से लोकसभा सदस्य के रूप में उनकी बहाली का मार्ग प्रशस्त हो सकता था, लेकिन वह सत्र अदालत या गुजरात हाई कोर्ट से कोई राहत पाने में सफल नहीं रहे.

भाषा इनपुट के साथ

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola