दिल्ली पुलिस कमिश्नर को मिली NSA की ताकत, संदिग्धों को एहतियातन हिरासत में लेने का अधिकार

दिल्ली पुलिस (Photo: PTI)
दिल्ली पुलिस कमिश्नर अब राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कानून-व्यवस्था बनाए रखने और देश की सुरक्षा के मद्देनजर किसी भी व्यक्ति को बिना औपचारिक आरोप तय किए तय अवधि तक एहतियातन हिरासत में लेने का आदेश दे सकेंगे. जानें क्या मिला उन्हें नया अधिकार.
केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को नया अधिकार दिया है. अब वे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई कर सकेंगे. जरूरत पड़ने पर किसी व्यक्ति को एहतियातन हिरासत में लेने का आदेश दे सकेंगे. इसके लिए तुरंत मामला दर्ज होना या आरोप तय होना जरूरी नहीं होगा. सरकार का कहना है कि यह अधिकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और देश की सुरक्षा के लिए दिया गया है.
गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, दिल्ली पुलिस कमिश्नर को यह अधिकार 19 जुलाई से 18 अक्टूबर तक के लिए दिया गया है. यानी यह आदेश फिलहाल तीन महीने तक लागू रहेगा. राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत पुलिस किसी व्यक्ति को एहतियातन हिरासत में ले सकती है. ऐसा तब किया जाता है, जब उस व्यक्ति से देश की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक शांति या जरूरी सेवाओं को खतरा होने की आशंका हो.
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि ऐसी अधिसूचनाएं नई नहीं हैं. सरकार समय-समय पर इन्हें जारी करती रहती है. इसका मकसद दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी सुरक्षा खतरे की स्थिति में पुलिस को तेजी से कार्रवाई करने में सक्षम बनाना है.
सामान्य गिरफ्तारी और NSA के तहत हिरासत में क्या फर्क है?
सामान्य गिरफ्तारी और NSA के तहत हिरासत में बहुत फर्क होता है. आम मामलों में पुलिस को गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश करना पड़ता है. उसे तुरंत वकील से मिलने का भी अधिकार होता है. लेकिन NSA के तहत नियम अलग हैं. इस कानून में एहतियातन हिरासत की प्रक्रिया सामान्य गिरफ्तारी से अलग तरीके से चलती है.
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NSA के तहत हिरासत में लिए गए व्यक्ति पर तुरंत कोई आपराधिक मामला दर्ज होना जरूरी नहीं होता. शुरुआत में उसे 12 दिन तक हिरासत में रखा जा सकता है. इसके बाद एक स्वतंत्र सलाहकार बोर्ड मामले की समीक्षा करता है. अगर बोर्ड मंजूरी देता है, तो हिरासत की अवधि बढ़ाई जा सकती है. यह अवधि अधिकतम 12 महीने तक हो सकती है.
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By अमिताभ कुमार
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