Coronavirus Lockdown को लेकर गाइडलाइन जारी : नियमों को रखा ताख पर तो खानी पड़ेगी जेल की हवा

Updated at : 24 Mar 2020 10:46 PM (IST)
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Coronavirus Lockdown को लेकर गाइडलाइन जारी : नियमों को रखा ताख पर तो खानी पड़ेगी जेल की हवा

Coronavirus pandemic के बढ़ते प्रकोप की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मंगलवार की आधी रात के बाद देश में लॉकडाउन (Coronavirus totally lockdown in india) की घोषणा के बाद गृह मंत्रालय ने केंद्रशासित प्रदेशों, राज्य सरकारों, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी किये हैं.

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नयी दिल्ली : Coronavirus pandemic के बढ़ते प्रकोप की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मंगलवार की आधी रात के बाद देश में लॉकडाउन (Coronavirus totally lockdown in india) की घोषणा के बाद गृह मंत्रालय ने केंद्रशासित प्रदेशों, राज्य सरकारों, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी किये हैं. इसमें कहा गया है कि भारत सरकार के कार्यालय, इसके स्वायत्त और उसके सहयोगी कार्यालय और सार्वजनिक निगमों के कार्यालय बंद रहेंगे. हालांकि, इस लॉकडाउन के दौरान रक्षा, केंद्रीय रक्षा पुलिस बल, कोषागार, पब्लिक यूटिलिटी (पेट्रोल पंप, सीएनजी, एलपीजी, पीएनजी आदि), आपदा प्रबंधन, बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन यूनिट्स, पोस्ट ऑफिस, नेशनल इन्फॉर्मेटिक सेंटर, अर्ली वार्निंग एजेंसी आदि खुले रहेंगे.

गृह मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के लिए दिशानिर्देश की खास बातें :

1 : लॉकडाउन के दौरान सभी परिवहन सेवाएं (सड़क, रेल और हवाई यात्रा) स्थगित रहेंगी.

2 : लॉकडाउन को लागू करने के लिए जिलाधिकारी द्वारा कार्यकारी मजिस्ट्रेट तैनात किये जाएंगे.

3 : सरकारी निर्देश का पालन नहीं करने या झूठी सूचनाएं फैलाने पर एक साल तक की सजा हो सकती है.

4 : अंतिम संस्कार के दौरान 20 से अधिक लोगों के जमा होने की अनुमति नहीं.

5 : लॉकडाउन के दौरान कोई राहत पाने के लिए झूठे दावे करने पर दो साल तक की सजा हो सकती है.

इन सेवाओं पर नहीं रहेगी पाबंदी : अस्पताल, नर्सिंग होम, पुलिस, दमकल केंद्र, एटीएम काम करते रहेंगे. इसके अलावा, उचित मूल्य की दुकानें और खाद्य, किराना, फल, सब्जियां, डेयरी, मांस, मछली, पशु चारे की दुकानें खुली रहेंगी. बैंक, बीमा कार्यालय, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया खुले रहेंगे.

इनकी नहीं होगी इजाजत : सार्वजनिक स्थान जैसे मॉल, सिनेमा हॉल, जिम, स्पा, स्पोर्ट्स क्लब बंद रहेंगे. सभी रेस्तरां, दुकानें, इटरी बंद रहेंगी. शिक्षण संस्थान, ट्रेनिंग, रीसर्च, कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे. धार्मिक और पूजास्थल बंद रहेंगे. किसी भी धार्मिक आयोजन की इजाजत नहीं होगी. सामाजिक, राजनीति, खेल, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की इजाजत नहीं होगी. अंतिम संस्कार की स्थित में 20 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की इजाजत नहीं होगी.

बहुत ही जरूरी हालात में निजी गाड़ियों का होगा प्रवेश : निजी गाड़ियों के संचालन की इजाजत भी किसी जरूरी हालात में होगी. लोगों को सिर्फ मेडिकल जरूरत के लिए, राशन, दवा, दूध और सब्जी खरीदने जाने के लिए इजाजत होगी. खाने, दवाइयों, मेडिकल उपकरण की ई-कॉमर्स के जरिये डिलिवरी जारी रहेगी. ऐंबुलेंस सेवा भी जारी रहेगी. मेडिकलकर्मियों, नर्स, पैरा-मेडिकल स्टाफ और अस्पताल के सहायक कर्मचारियों को आने-जाने की इजाजत होगी.

ये खुले रहेंगे : लॉकडाउन में फंसे पर्यटकों और दूसरे लोगों, मेडिकल और आपातकालीन कर्मचारी, वायु और जल परिवहन के क्रू मेंबरों के लिए होटल, होमस्टे, लॉज और मोटल खुले रहेंगे. क्वॉरंटीन फैसिलटी के तौर पर इस्तेमाल की जा रहीं इमारतें भी खुली रहेंगी.

ये कार्यालय रहेंगे बंद : लॉकडाउन के दौरान आगामी 21 दिनों तक सभी फैक्ट्रियां, वर्कशॉप, ऑफिस, गोदाम, हफ्ते में लगने वाली मार्केट बंद रहेंगी. केंद्र और राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी दफ्तर, ऑटोनॉमस/सबऑर्डिनेट ऑफिस और पब्लिक कॉर्पोरेशन बंद रहेंगे.

इन जगहों पर काम रहेगा जारी : रक्षा, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, कोषगार, आपदा प्रबंधन विभाग, बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन यूनिट, पोस्ट ऑफिस, नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर, पूर्वानुमान की एजेंसियां खुली रहेंगी. पुलिस, होम गार्ड, सिविल डिफेंस, फायर और इमर्जेंसी सर्विस, जेल, जिला प्रशासन और कोषागार, बिजली, पानी और सैनिटेशन का काम होता रहेगा.

राज्य सरकार के आदेश के बाद : राज्य सरकार से इजाजत लेने के बाद ऐसे प्रॉडक्शन यूनिट्स खुल रहेंगे, जहां निरंतर काम होता है वहां काम जारी रहेगा. नगर निकायों में सिर्फ सफाई और पानी की सप्लाई का काम करने वाले कर्मचारी काम करते रहेंगे. जो ऑफिस खुले रहेंगे, वहां भी कम से कम कर्मचारियों को ही जाने की इजाजत होगी. इसके साथ ही, यह सुनिश्चित करना होगा कि काम कर रहे कर्मचारियों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए दिशानिर्देशों का पालन किया जाए.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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