मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत को राहत, LPG लेकर होर्मुज से निकला ग्रीन आशा
Published by : Pritish Sahay Updated At : 06 Apr 2026 7:51 PM
भारतीय जहाज आशा ग्रीन ने पार किया होर्मुज, सांकेतिक फोटो- पीटीआई
Middle East War: होर्मुज से भारत के लिए एक और अच्छी खबर आ रही है. तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एक और भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से निकल गया है. एलपीजी कैरियर ग्रीन आशा होर्मुज से निकलकर अब भारत के रास्ते पर है.
Middle East War: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर है. एक और भारतीय ध्वज वाले जहाज ने होर्मुज पार कर लिया है. एलपीजी टैंकर ग्रीन आशा अब भारत की ओर बढ़ रहा है. इसमें 20,000 टन एलपीजी लदा है. 28 फरवरी के बाद यह इस मार्ग से गुजरने वाला यह भारत का 9वां जहाज है. इससे पहले 8 जहाज सही सलामत भारत पहुंच चुके हैं. इसके साथ ही अब फारस की खाड़ी में फंसे भारतीय जहाजों की संख्या घटकर 15 रह गई है.
अब तक कितने भारतीय जहाज पार कर चुके हैं होर्मुज?
मिडिल ईस्ट में लड़ाई (28 फरवरी) छिड़ने के बाद से होर्मुज में फंसे 9 जहाज सुरक्षित रूप से इस रास्ते को पार कर चुके हैं. इसमें सबसे पहले एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी होर्मुज पार कर भारत पहुंचे थे. इसके बाद पाइन गैस, जग लाडकी, जग वसंत, बीडब्ल्यू टायर, बीडब्ल्यू एल्म भारत आए. शुक्रवार (3 अप्रैल) को एक और भारतीय जहाज ग्रीन सानवी ने होर्मुज को पार किया था. सोमवार (6 अप्रैल) को ग्रीन आशा ने सुरक्षित होर्मुज पार कर लिया है.
लड़ाई के दौरान कितना एलपीजी गैस भारत पहुंचा
अमेरिका-इजराइल और ईरान की लड़ाई के बीच हजारों टन एलपीजी लेकर कई भारतीय जहाज देश वापस आ चुके हैं. इनमें एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी 92,700 टन एलपीजी लेकर आए थे. तेल टैंकर जग लाडकी ने संयुक्त अरब अमीरात से गुजरात के मुंद्रा तक 80,000 टन से ज्यादा कच्चा तेल पहुंचाया. पाइन गैस और जग वसंत 92 हजार से ज्यादा एलपीजी लेकर भारत पहुंचे थे. वहीं, बीडब्ल्यू टीवाईआर और बीडब्ल्यू ईएलएम करीब 94,000 टन एलपीजी लेकर भारत आ चुके हैं. जहाज ग्रीन सान्वी 47,000 मीट्रिक टन एलपीजी की एक खेप लेकर भारत आ गई है.
15 जहाज अब भी फंसे, ईरान से लगातार हो रही बात
मिडिल ईस्ट में चल रहे जंग के कारण होर्मुज पार करना काफी मुश्किल हो गया है. हालांकि भारतीय जहाज को हरी झंडी मिल रही है. लेकिन अभी भी वहां 15 जहाज फंसे हुए हैं. जिसकी सकुशल वापसी के लिए भारत लगातार ईरान से बात कर रहा है.
होर्मुज बंद होने से एनर्जी मार्केट प्रभावित
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नाकेबंदी के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्कट पर दबाव बढ़ गया है. तेल, गैस, कुकिंग फ्यूल और खाद की कीमतें कई देशों में बढ़ गई है. दुनिया भर के देशों को इन चीजों की कमी का डर भी सता रहा है. दुनिया का करीब 20 फीसदी जहाज इसी रूट से ट्रैवल करते हैं. लेकिन, 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है. ऐसे में दुनियाभर में तेल संकट भी गहरा गया है.
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By Pritish Sahay
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