जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में मात्र 4.30 घंटे में खत्म हो गई जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, मांग रहे थे स्टाइपेंड

जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में हड़ताल करते जूनियर डॉक्टर. फोटो: प्रभात खबर.
Jamshedpur Doctor Strike: जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल मात्र 4.30 घंटे में खत्म हो गई. इस दौरान ओपीडी सेवाएं ठप रहीं और 600 से अधिक मरीज बिना इलाज लौटे. प्रशासन के आश्वासन के बाद डॉक्टर काम पर लौटे, अस्पताल की व्यवस्था सामान्य हुई. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
जमशेदपुर से चंद्रशेखर की रिपोर्ट
Jamshedpur Doctor Strike: जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में कार्यरत जूनियर डॉक्टर्स सोमवार को अपनी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जेडीए) के बैनर तले हड़ताल पर चले गये थे. हालांकि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए ) इस हड़ताल से अपने आप को बाहर रखा था. जिसके कारण अस्पताल के इमरजेंसी सेवा को छोड़कर ओपीडी पूरी तरह बंद रही. सोमवार होने के कारण मरीजों की काफी संख्या रहती है.
वापस लौट गए 600 से अधिक मरीज
रजिस्ट्रेशन में कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि आज सुबह लगभग 600 से ज्यादा मरीज बिना इलाज कराये वापस चले गये. जबकि कई ओपीडी में सीनियर डॉक्टर बैठे हुए थे लेकिन रजिस्ट्रेशन काउंटर में पर्ची नहीं बनने के कारण वे भी मरीजों की जांच नहीं कर सकें. सुबह लगभग 8.30 से दोपहर एक बजे तक हड़ताल चली. इस दौरान एमजीएम अस्पताल के प्राचार्य डॉ संजय कुमार व अधीक्षक डॉ बलराम झा ने आकर हड़ताल कर रहे डॉक्टरों से बात की. उन दोनों पदाधिकारियों के आश्वासन देने के बाद दोपहर एक बजे डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल को खत्म कर दी. उसके बाद अस्पताल की स्थिति सामान्य हो गयी.
सुबह 8.30 बजे रजिस्ट्रेशन काउंटर पर जड़ा ताला
सोमवार की सुबह जब मरीजों की भीड़ लगने लगी थी उसी दौरान अस्पताल में हड़ताल कर रहे डॉक्टरों ने रजिस्ट्रेशन काउंटर के गेट में ताला लगा दिया. इस दौरान रजिस्ट्रेशन कर रहे कर्मचारी अंदर में ही थे. वहीं अस्पताल के ओपीडी व इमरजेंसी गेट पर डॉक्टरों के द्वारा मरीजों को समझा कर वापस कर दिया जा रहा था. वहीं इमरजेंसी में वैसे मरीजों को जाने दिया जा रहा था जिसकी स्थिति गंभीर थी बाकी को वापस कर दिया जा रहा है. जिससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही थी. जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि हम लोगों को पांच साल से सरकार की ओर से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है. लेकिन मांग पूरी नहीं हो रही है.
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क्या कहते हैं अधिकारी
एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ बलराम झा ने जूनियर डॉक्टरों की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सरकार गंभीर है. इसके लिए आगे कि प्रक्रिया चल रही है. इन लोगों की मांग जल्द पूरी होगी. जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के सचिव डॉ कुणाल ने कहा कि एमजीएम अस्पताल के प्राचार्य डॉ संजय कुमार व अधीक्षक डॉ बलराम झा से बात करने के बाद उनके द्वारा आश्वासन दिया गया कि जल्द ही स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पूरी हो जायेगी. उसके बाद हम लोगों के द्वारा हड़ताल को खत्म कर दिया गया.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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