ट्रंप की धमकी, होर्मुज खोलो वरना तबाही! ईरान बोला- खोल देंगे जहन्नुम के दरवाजे

Published by : Pritish Sahay Updated At : 06 Apr 2026 9:16 AM

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो- पीटीआई

Iran US War: ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के 38 दिन पूरे हो चुके हैं. मिडिल ईस्ट में जंग और भड़कती दिख रही है. ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए 48 घंटे की धमकी दी है, जबकि ईरान ने पलटवार में जहन्नुम के दरवाजे खोलने की चेतावनी देकर तनाव और बढ़ा दिया है.

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Iran US War: इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग के 912 घंटे पूरे हो चुके हैं. समय के इस अंतराल में दुनिया ने देखा है तो सिर्फ विध्वंस, बारूद की महक, बमों का काला धुआं और चीख-पुकार. एक तरफ अमेरिका और इजराइल ईरान पर घातक हमला कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान भी इन्हें मजा चखा रहा है. मिडिल ईस्ट अब सिर्फ नक्शे का हिस्सा नहीं है. यह सबसे बड़ा वॉर जोन बन गया है, जहां हर घंटे बारूद का धमाका होता है और हर दिन मिलता है नया टारगेट. ऐसे में मिडिल ईस्ट की जंग और तेज हो सकती है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई धमकी, जंग को और भीषण कर सकती है.

ट्रंप ने ईरान को हमला तेज करने की चेतावनी दी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और उसके बुनियादी ढांचे पर हमले तेज करने की नई धमकी दी है. ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान उनकी तय समयसीमा के भीतर होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलता, तो उस पर भीषण हमले किए जाएंगे. उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि ईरान या तो होर्मुज खोले, या फिर विनाशकारी परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे. अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा- याद है, जब मैंने ईरान को समझौता करने या होर्मुज खोलने के लिए दस दिन का समय दिया था? उन्होंने आगे कहा- टाइम तेजी से बीत रहा है, 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा.

होर्मुज खोल दो वरना नरक में जाओगे- ट्रंप

ट्रंप ने सोशल ट्रूथ पर लिखा- मंगलवार को ईरान में पावर प्लांट दिवस और पुल दिवस एक साथ मनाए जाएंगे. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ होगा! होर्मुज खोल दो, तुम पागलों, वरना नरक में जाओगे- देखते रहो!” इस बार ट्रंप की तय समयसीमा अंतरराष्ट्रीय समय (GMT) के अनुसार मंगलवार रात एक बजे की है. हाल के दिनों में वह कई बार ऐसी डेडलाइन दे चुके हैं, लेकिन हर बार इसे आगे बढ़ा दिया है. इस युद्ध ने सिर्फ पांच हफ्तों में हजारों जिंदगियों को खत्म कर दिया है. वैश्विक बाजार बुरी तरह डगमगा गया है. अहम समुद्री मार्ग बाधित हैं और ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं.

दुश्मनों के लिए खोल दिए जाएंगे जहन्नुम के दरवाजे- ईरान

ट्रंप की धमकी पर ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार- संयुक्त सैन्य कमान के प्रमुख जनरल अली अब्दुल्ला अलीबादी ने ट्रंप की हालिया धमकी के जवाब में कहा- यदि ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला किया गया, तो दुश्मनों के लिए जहन्नुम के दरवाजे खोल दिए जाएंगे.

ईरान बाधित कर सकता है बाब अल-मंडेब जलमार्ग- गालिबाफ

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने ट्रंप की धमकी के जवाब में कहा कि अगर अमेरिका पावर प्लांट पर हमले करता है तो तेहरान बाब अल-मंडेब से होने वाले यातायात को भी बाधित कर सकता है. बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य 20 मील (32 किलोमीटर) चौड़ा रास्ता है. यह लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है. दुनिया भर में समुद्र के रास्ते ले जाए जाने वाले तेल का लगभग दसवां हिस्सा और कंटेनर जहाजों का एक चौथाई हिस्सा (25 परसेंट) इसी मार्ग से होकर गुजरता है.

डोनाल्ड ट्रंप अस्थिर और भ्रमित व्यक्ति हैं- ईरान के मंत्री

ट्रंप की लगातार बयानबाजी के बीच ईरान के संस्कृति मंत्री सैयद रजा सालिही-अमीरी ने उन्हें अस्थिर और भ्रमित व्यक्ति करार दिया है. न्यूज एजेंसी द एसोसिएटेड प्रेस को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ईरानी समाज ट्रंप के बयानों को गंभीरता से नहीं लेता, क्योंकि उनमें व्यक्तिगत, व्यवहारिक और भाषाई संतुलन की बहुत कमी है. ट्रंप के पावर प्लांट उड़ाने वाले बयान पर सालिही-अमीरी ने कहा कि ट्रंप ऐसे व्यक्ति बन गए हैं, जिन्हें न ईरानी पूरी तरह समझ पा रहे हैं और न ही अमेरिकी. उन्होंने आगे कहा कि होर्मुज पूरी दुनिया के लिए खुला है, लेकिन ईरान के दुश्मनों के लिए बंद है.

मध्यस्थता के प्रयास भी जारी

एक तरफ जंग जारी है तो दूसरी ओर मध्यस्थता के प्रयास भी किए जा रहे हैं. ओमान के विदेश मंत्रालय ने रविवार को बताया कि ईरान और ओमान के उपविदेश मंत्रियों और विशेषज्ञों ने होर्मुज से सुरक्षित रास्ता तय करने के प्रस्तावों पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की. ओमान अक्सर अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है. मिस्र ने कहा कि विदेश मंत्री बदर अब्देलट्टी ने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ-साथ मध्यस्थता में मदद कर रहे तुर्किये और पाकिस्तानी समकक्षों से फोन पर बात की है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि उसने अराघची को बताया कि इस्लामाबाद तनाव कम करने के उद्देश्य से किए गए सभी प्रयासों का समर्थन करता है. वह जल्द ही अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की मेजबानी करेगा.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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