ईरान में लापता F‑15 पायलट ने भेजा था 3 शब्दों का मैसेज, ट्रंप बोले- साजिश जैसी लगी, लेकिन फिर…

Updated at : 06 Apr 2026 7:49 AM (IST)
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Trump Reveals US F‑15 Airman Send 3 Word Message felt like trap after ejecting from Iran Downed Plane.

अमेरिकी पायलट की सांकेतिक तस्वीर. फोटो- एक्स.

Trump US F-15 Airman 3 Word Message: अमेरिकी एफ-15 जहाज के पायलट ने अपना प्लेन क्रैश होने से पहले 3 शब्दों का एक मैसेज भेजा था. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि हमें लगा कि यह ईरान का एक जाल है.

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Trump US F-15 Airman 3 Word Message: अमेरिका ने ईरान में फंसे अपने लापता पायलट/एयरमैन/वेपन सिस्टम्स ऑफिसर को बचा लिया. शुक्रवार को एफ-15 विमान के दूसरे क्रू सदस्य लगभग लापता हुए थे. इस दौरान वे 7000 फीट ऊंचे पहाड़ की दरार में छिपे रहे. उनके पास सुरक्षा के लिए सिर्फ एक हैंडगन थी. 48 घंटे तक अमेरिका ने सर्च ऑपरेशन चलाकर रविवार को उन्हें सुरक्षित बचा लिया. एयरमैन के पास एक कम्युनिकेशन डिवाइस और ट्रैकिंग बीकन भी था. उन्होंने इसी के जरिए अपनी सर्च टीम से संपर्क साधा था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सर्च ऑपरेशन को ऐतिहासिक करार दिया. उन्होंने बताया कि पायलट ने इस दौरान तीन शब्द बोले, जिससे एक बार को अमेरिका को शक भी हुआ, हालांकि, मिशन को आगे बढ़ाते हुए उस ‘सम्मानित कर्नल’ को बचा लिया गया. 

विमान से इजेक्ट होते समय उस लापता एयरमैन ने रेडियो पर तीन शब्द बोले, जिसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ध्यान खींचा.  ट्रंप ने एक्सियोस को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि इजेक्ट होने के बाद उस क्रू सदस्य ने रेडियो पर एक अजीब संदेश भेजा, जिससे शक पैदा हुआ. उनके अनुसार, पायलट ने ‘पावर टू बी गॉड (Power to be God)’ कहा था. ट्रंप ने कहा कि यह वाक्य ‘कुछ ऐसा लगता है जो कोई मुस्लिम कह सकता है.’ 

धार्मिक प्रवृत्ति का है पायलट

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी अधिकारियों को शक हुआ कि एयरमैन को ईरान ने पकड़ लिया है और वे झूठे संकेत भेजकर जाल बिछा रहे हैं. हालांकि बाद में उस अधिकारी को जानने वाले लोगों ने बताया कि वह धार्मिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, इसलिए उसका ऐसा कहना स्वाभाविक था. वहीं, एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने एक्सियोस से बातचीत में ट्रंप के बयान की पुष्टि करते हुए कहा कि असल में क्रू सदस्य के शब्द थे- ‘ईश्वर अच्छा है (God is good)’. रिपोर्ट में दो सूत्रों का हवाला देते हुए कहा गया कि एफ-15 के एयरमैन और वेपन सिस्टम्स ऑफिसर ने इजेक्शन के बाद अपने कम्युनिकेशन सिस्टम के जरिए ये शब्द साझा किए थे.

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अमेरिका ने कैसै बचाया अपना पायलट?

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में उस अज्ञात एयरमैन को बहादुर योद्धा बताया. उन्होंने कहा कि वह अमेरिकी सेना में एक सम्मानित कर्नल हैं. द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जब ईरानी और अमेरिकी बल उसे खोजने की कोशिश कर रहे थे, वह पहाड़ की दरार में छिपा रहा, लगातार अपनी जगह बदलता रहा. एक समय पर वह 7,000 फीट ऊंची पहाड़ी रिजलाइन तक चढ़ गया ताकि पीछा कर रही ताकतों से आगे रह सके. 24 घंटे से अधिक समय तक उसकी लोकेशन अमेरिका को भी पता नहीं चल सकी. 

आखिरकार सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी (CIA) ने उसकी लोकेशन का पता लगा लिया. एजेंसी ने विशेष क्षमताओं का इस्तेमाल करते हुए उसे ट्रैक किया, जैसे ही उसकी सटीक लोकेशन की पुष्टि हुई. इसके बाद CIA ने यह जानकारी व्हाइट हाउस, पेंटागन और अमेरिकी सेना के साथ साझा की. रिपोर्ट में कहा गया है कि CIA ने एक भ्रामक सूचना अभियान चलाया, जिसमें ईरानियों को यह बताया गया कि अमेरिकी बल पहले ही उस अधिकारी का पता लगा चुके हैं और जमीनी स्तर पर उसे निकालने की कार्रवाई कर रहे हैं.

इसके बाद शनिवार रात एक स्पेशल फोर्स टीम को उसके पास उतारा गया. इसमें रात भर लड़ाई चली और आखिरकार पायलट को बचा लिया गया. इस दौरान अमेरिका ने ईरान के खाली पड़ी एयरस्ट्रिप का भी उपयोग किया. मिशन के दौरान कोई सबूत न बचे इसके लिए अमेरिका ने कुछ हेलीकॉप्टर को खुद ही तबाह कर दिया. CIA के एक अधिकारी ने एक्सियोस से कहा कि उसे खोजना सुई को भूसे के ढेर में ढूंढने जैसा था, लेकिन हमने कर दिखाया.  

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एयरमैन को बचाने में एक और हेलीकॉप्टर गिरा

3 अप्रैल को दो इंजन और दो सीटों वाला इंटरडिक्शन फाइटर जेट एफ-15ई स्ट्राइक ईगल दक्षिण-पश्चिमी ईरान के ऊपर मार गिराया गया. विमान पर हमला होने के तुरंत बाद पायलट को बचा लिया गया, लेकिन वेपन सिस्टम्स ऑफिसर की तलाश पूरे दो दिन तक चली. बचाव अभियान के दौरान ईरान ने एक अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर पर भी हमला किया, जिससे उसमें सवार कुछ लोग घायल हो गए, लेकिन हेलीकॉप्टर सुरक्षित स्थान पर उतरने में सफल रहा.

रेस्क्यू ऑपरेशन की घोषणा करते हुए ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यह बहादुर योद्धा दुश्मन के इलाके में, ईरान के खतरनाक पहाड़ों के बीच था और हमारे दुश्मन उसका शिकार कर रहे थे, जो हर घंटे उसके और करीब पहुंच रहे थे. ट्रंप ने बताया कि अधिकारी घायल हुआ है, लेकिन वह पूरी तरह ठीक हो जाएगा. इस रेस्क्यू मिशन के दौरान टीम का कोई भी सदस्य न तो मारा गया और न ही घायल हुआ. ट्रंप ने कहा कि ऐसा मिशन सैन्य इतिहास में पहली बार हुआ, जब दुश्मन के गहरे इलाके में फंसे दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग बचाया गया.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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