ePaper

Explainer: 'आभूषणों की भूमि' मणिपुर को लग गयी किसकी नजर, इसकी सुंदरता लुभाती है लोगों को

Updated at : 27 Jul 2023 9:11 PM (IST)
विज्ञापन
Explainer: 'आभूषणों की भूमि' मणिपुर को लग गयी किसकी नजर, इसकी सुंदरता लुभाती है लोगों को

New Delhi: Members of various organisations stage a protest against the ongoing ethnic violence in Manipur, in New Delhi, Friday, July 21, 2023. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI07_21_2023_000309A)

Manipur Violence : मणिपुर में ऐसा क्या है जो उसे पूर्वोतर के अन्य राज्यों से अलग बनाता है. तो आपको बता दें कि मणिपुर का शाब्दिक अर्थ होता है आभूषणों की भूमि...प्रदेश में जारी हिंसा के बीच जानें राज्य के बारे में खास बातें

विज्ञापन

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर इस समय सुर्ख़ियों में है वो भी प्राकृतिक सौंदर्य के लिए नहीं बल्कि हिंसा की वजह से…यहां मई से जारी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में 27 जुलाई को दो समूहों के बीच गोलीबारी हुई. बताया जा रहा है कि राज्य की राजधानी से करीब 50 किलोमीटर दूर यहां फौबाकचाओ इखाई में हुई गोलीबारी के दौरान एक घर को भी जला दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि दो पक्षों के बीच गोलीबारी में शामिल भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिसकर्मियों को हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा. हमले के दौरान तेरा खोंगसांगबी के समीप स्थित घर में आग लगा दी गयी. हालांकि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. मणिपुर में करीब तीन महीने पहले कुकी और मेइती समुदाय के बीच जातीय हिंसा भड़की थी और तब से इसमें 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं.

मणिपुर की पहाड़ियां इस प्रदेश की सुंदरता में चार चांद लगा देतीं हैं. नगालैंड, मिजोरम, असम के साथ-साथ पड़ोसी मुल्क म्यांमार से घिरी इन पहाड़ियों पर मणिपुर की 40 फीसदी आबादी बसी है, जो यहां की मान्यता प्राप्त जनजातियां है. इस सुंदर प्रदेश में हिंसा जारी है जो रुकने का नाम नहीं ले रही है. हाल में महिलाओं का एक वीडियो वायरल हुआ जिसके बाद तनाव और ज्यादा बढ़ गया है. आइए नजर डालते हैं इस सुंदर मणिपुर पर….

undefined

मणिपुर का शाब्दिक अर्थ होता है आभूषणों की भूमि

अब बात करते हैं मणिपुर में ऐसा क्या है जो उसे पूर्वोतर के अन्य राज्यों से अलग बनाता है. तो आपको बता दें कि मणिपुर का शाब्दिक अर्थ होता है आभूषणों की भूमि…मणिपुर की चार प्रमुख नदियां कुंड और घाटी की तरह हैं. पश्चिम की ओर बराक नदी जिसे बरॉक घाटी भी कहते हैं. मध्य मणिपुर में मणिपुर नदी, पूर्व में यू नदी और उत्तर में लैन्ये नदी…बराक नदी की बात करें तो ये मणिपुर की सबसे लंबी नदी है और ये पहाड़ियों से निकलती है. इसके बाद ये कई सहायक नदियों से मिलती है-जैसे इरांग माकु और तुवई से…यही वो नदी है जो असम राज्य की सीमा भी बनाती है.

Also Read: Manipur Violence: मणिपुर में अब चुराचांदपुर में भड़की हिंसा, थोरबुंग इलाके में लगातार हो रही फायरिंग

भौगोलिक दृष्टि से कैसा है मणिपुर

भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो मणिपुर दो भागों में बंटा हुआ है. पर्वतीय और मैदानी भाग….मणिपुर पूर्व में म्यांमार जबकि उत्तर में नागालैंड से सटा हुआ है. वहीं पश्चिम में असम और मिजोरम हैं जबकि दक्षिण में म्यांमार और मिजोरम से घिरा हुआ है. यह राज्य चारो ओर से घिरी पहाड़ियों के बीच घाटी में हैं. पहाड़ियों उत्तर में ऊंची हैं जबकि ये दक्षिण में कम होते-होते समाप्त हो जाती है.

undefined

अठारवीं सदी में बौद्ध धर्म था बड़ा मजबूत

म्यांमार से सटे होने के कारण मणिपुर में वहां का असर दिखाई देता है. अठारवीं सदी में यहां बौद्ध धर्म बड़ा मजबूत नजर आता था. लेकिन आज मणिपुर के लोगों को लगता है कि भारतीय परंपरा के साथ उनका संबंध सहज स्वभाविक नहीं है. यदि अंग्रेजों ने मणिपुर को जीता ना होता तो उसे भारत के एक भाग के रूप में स्वीकार करने में देर लगती.

Also Read: Breaking News Live: मणिपुर वायरल वीडियो मामले की जांच करेगी CBI ! गृह मंत्रालय भेजेगा केस

मणिपुर में हैं 16 जिले

मणिपुर में 16 जिले हैं. 2016 तक, प्रदेश में केवल 9 जिले थे. इनके नाम है… थौबल, इम्फाल पूर्व, इम्फाल पश्चिम, बिष्णुपुर, उखरुल, सेनापति, तामेंगलोंग और चंदेल. इसके बाद, 2016 में राज्य में प्रशासनिक मामलों को आसान बनाने के लिए राज्य मंत्रिमंडल द्वारा 7 नये मणिपुर जिले जोड़े गये. कैबिनेट द्वारा 2016 में जोड़े गये मणिपुर के नये जिले कामजोंग, काकचिनफ, जिरीबाम, नोनी, टेंगनौपाल, कांगपोकपी और फेरज़ॉल हैं. इन जिलों को बनाने के लिए मणिपुर के मौजूदा पहाड़ी जिलों को विभाजित किया गया था.

कैसे विभाजित हुए जिले 2016 में

-चुराचांदपुर जिले को फ़िरज़ावल और चुराचांदपुर में विभाजित किया गया था.

-तामेंगलोंग जिले को नोनी और तामेंगलोंग जिलों में विभाजित किया गया था़

-मणिपुर के सेनापति जिले को कांगपोकपी और सेनापति जिलों में विभाजित किया गया था.

-उखरुल जिले को कामजोंग और उखरुल जिलों में विभाजित किया गया था.

-चंदेल जिले को टेंग्नौपाल और चंदेल जिलों में विभाजित किया गया था.

undefined

मणिपुर में सबसे बड़े और सबसे छोटे जिले कौन से हैं?

क्षेत्रफल की दृष्टि से देखा जाए तो मणिपुर का सबसे बड़ा जिला चुराचांदपुर है, जिसका क्षेत्रफल 4570 वर्ग किलोमीटर है. वहीं, मणिपुर का सबसे छोटा जिला बिष्णुपुर है, जिसका क्षेत्रफल केवल 496 वर्ग किलोमीटर है.

Also Read: बिहार: मणिपुर की घटना का हवाला देकर भाजपा प्रवक्ता ने दिया इस्तीफा, JDU की तंज के बाद BJP की ओर से आया रिएक्शन

मैतेई और कुकी समुदाय के बीच तनाव

इन दिनों मणिपुर में हिंसा जारी है. मई महीने में इंफाल घाटी में स्थित मैतेई और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच हिंसा भड़क उठी थी. मैतेई मणिपुर में प्रमुख जातीय समूह है और कुकी सबसे बड़ी जनजातियों में से एक है. दोनों में जो संघर्ष शुरू हुआ था वो थमने का नाम नहीं ले रहा है. मणिपुर की भूमि इंफाल घाटी और पहाड़ी जिलों के तौर पर बंटी हुई है. इंफाल घाटी मैतेई बहुल हैं. मैतई जाति के लोग हिंदू समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. वहीं पहाड़ी जिलों में नागा और कुकी जनजातियों का वर्चस्व देखा जाता है.

Also Read: Parliament Monsoon Session: मणिपुर मुद्दे पर बवाल जारी, काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे विपक्षी सांसद

क्यों हो रहा है दो समुदाय में संघर्ष

आपको बता दें कि कुकी जातीय समूह में कई जनजातियां शामिल हैं. मणिपुर में मुख्य रूप से पहाड़ियों में रहने वाली विभिन्न कुकी जनजातियां वर्तमान में मणिपुर की कुल आबादी का 30 फीसद हैं. कुकी जनजाति मैतेई समुदाय को आरक्षण देने का विरोध करती आयी है. इन जनजातियों का मानना है कि यदि मैती समुदाय को आरक्षण मिल जाता है तो वे सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले से वंचित हो जाएंगे.

क्यों जला मणिपुर

मणिपुर में हालात पर नजर रखने वाली विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों की मानें तो हिंसा को बड़े पैमाने पर अफवाहों और फर्जी खबरों के कारण बढ़ावा मिला जिसकी वजह से मणिपुर के हालात खराब हो गये. कांगपोकपी जिले में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने से संबंधित चार मई की घृणित घटना उन यौन हमलों में से एक थी जो पॉलीथिन में लिपटे एक शव की तस्वीर के सोशल मीडिया पर आने और इसके साथ यह झूठा दावा किये जाने के बाद हुए कि पीड़िता की चुराचांदपुर में आदिवासियों द्वारा हत्या कर दी गयी.

undefined

मिजोरम छोड़कर गये मेइती समुदाय के 600 से ज्यादा लोग

हाल में मणिपुर में भीड़ द्वारा दो आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र कर उन्हें घुमाए जाने का वीडिया सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसके बाद मणिपुर के पड़ोसी राज्यों में भी तनाव व्याप्त है. ताजा जानकारी के अनुसार विरोध प्रदर्शन और निशाना बनाये जाने के डर से मेइती समुदाय के 600 से ज्यादा लोगों ने मिजोरम छोड़ दिया है. वीडियो के सामने आने के बाद एक पूर्व उग्रवादी संगठन ने चेतावनी जारी की, ऐसे में मेइती लोग हमले का शिकार बनाए जाने के भय से मिजोरम से चले गये.

सीबीआई करेगी घटना की जांच

इस बीच मणिपुर में भीड़ द्वारा दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाए जाने की घटना की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जाएगी और सरकार इस मामले में मुकदमे की सुनवाई राज्य से बाहर कराने का अनुरोध करेगी. इस बाबत अधिकारियों ने जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि सुनवाई पड़ोसी राज्य असम की अदालत में कराने का अनुरोध किया जाएगा. केन्द्रीय गृह मंत्रालय मेइती और कुकी समुदायों के संपर्क में है तथा मणिपुर में शांति बहाली के लिए बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है.

Also Read: मणिपुर मुद्दे पर मल्लिकार्जुन खरगे ने अमित शाह को लिखी चिट्ठी, कहा- आपकी कथनी और करनी में अंतर

विपक्ष लगातार हमलावर

आपको बता दें कि संसद का मानसून सत्र चल रहा है. सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष लगातार एक दूसरे पर हमलावर है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मणिपुर हिंसा के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सत्ता पाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं. बेंगलुरु में भारतीय युवा कांग्रेस के अधिवेशन को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता ने उक्त बातें कही. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि मणिपुर और देश के कुछ अन्य हिस्सों में जो हो रहा है, उससे भाजपा एवं आरएससस के लोगों को कोई दर्द नहीं हो रहा है.

Also Read: मणिपुर हिंसा: आप सांसद संजय सिंह के निलंबन पर बवाल, संसद परिसर में विपक्षी पार्टियों ने पूरी रात दिया धरना

पूरे देश के लोग अब इस इंतजार में है कि कब मणिपुर में फिर से शांति लौटेगी और यहां के लोगों का जीवन कब पटरी पर लौटेगा. प्रशासन और सरकार की ओर से इस ओर लगातार प्रयास किये जा रहे हैं.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola