ePaper

Video: 22 महीने बाद खुल गया मणिपुर, सड़कों पर चलीं गाड़ियां, कुकी समुदाय ने किया रास्ता ब्लॉक

Updated at : 08 Mar 2025 7:06 PM (IST)
विज्ञापन
Manipur Free Traffic Movement

Manipur Free Traffic Movement

Manipur Free Traffic Movement: मणिपुर में 22 महीने के बाद फिर से गाड़ियों की आवाजाही शुरू हो गई. लेकिन कई जगहों पर कुकी समुदाय के लोगों ने रास्ता रोक रखा था, जिसके बाद सुरक्षा बलों के साथ झड़प हुई.

विज्ञापन

Manipur Free Traffic Movement: मणिपुर में 22 महीने बाद कुकी और मैतेई समुदाय के इलाकों में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई. इस दौरान भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात थे. कुछ जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी किए गए और रास्ते रोक दिए गए थे. कुकी समुदाय के लोगों ने रास्ते पर टायर जलाकर फ्री ट्रैफिक मूवमेंट का विरोध किया. उनका कहना था कि वो अपने इलाके से मैतेई समुदाय के लोगों को जाने नहीं देंगे.

कुछ जगहों पर फिर भड़की हिंसा, सुरक्षा बल ने मामला किया शांत

फ्री ट्रैफिक मूवमेंट के दौरान मणिपुर के कुछ इलाकों में थोड़ी-बहुत हिंसा भड़की. जिसके बाद सुरक्षा बल ने मामले को शांत कराया. इस दौरान कुछ लोग घायल भी हुए. सोशल मीडिया में कई वीडियो वायरल हो रही हैं, जिसमें सुरक्षा बलों की तैनाती में मणिपुर स्टेट ट्रांसपोर्ट की बस दिख रही है. उसके आगे पीछे भारी संख्या में सुरक्षा बल के जवान दिख रहे हैं. कुकी सुमदाय की महिलाओं ने रास्ता रोका तो जवानों को थोड़ा बल प्रयोग करना पड़ा.

गृह मंत्री अमित शाह ने 8 मार्च से फ्री ट्रैफिक मूवमेंट का दिया था आदेश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में सुरक्षा बलों को 8 मार्च से मणिपुर में सभी मार्गों पर लोगों की मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था. उन्होंने फ्री ट्रैफिक मूवमेंट का विरोध और बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. शाह के आदेश के बा शनिवार को अंतर-जिला बस सेवाएं फिर से शुरू हुईं.

इंफाल पश्चिम में मैतेई लोगों का शांति मार्च रोका गया

मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले में शनिवार को मैतेई संगठन द्वारा आयोजित शांति मार्च को इसलिए रोक दिया गया क्योंकि यह प्रदर्शन फ्री ट्रैफिक मूवमेंट के दिन हो रहा था. सुरक्षा बलों ने इंफाल से लगभग 18 किलोमीटर दूर सेकमई में फेडरेशन ऑफ सिविल सोसायटी ऑर्गनाइजेशन द्वारा निकाले गए जुलूस को रोक दिया और आयोजकों से सरकार की मुक्त आवाजाही पहल में शामिल होने को कहा. पुलिस अधिकारियों ने कहा, “अगर वे मुक्त आवागमन पहल में भाग लेना चाहते हैं, तो वे सरकार द्वारा व्यवस्थित वाहनों से जा सकते हैं.” सुरक्षा बलों के रोकने पर मैतेई समुदाय के लोगों ने कहा, “मार्च का उद्देश्य राज्य में शांति लाना है. अगर सरकार लोगों की मुक्त आवाजाही की अनुमति देने की स्थिति में नहीं है, तो घोषणा करने की क्या जरूरत है?”

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola