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जिन्दा है LTTE का चीफ प्रभाकरन? तमिल राष्ट्रवादी नेता ने किया दावा

Updated at : 13 Feb 2023 5:24 PM (IST)
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जिन्दा है LTTE का चीफ प्रभाकरन? तमिल राष्ट्रवादी नेता ने किया दावा

तमिल के राष्ट्रवादी नेता और वर्ल्ड कन्फेडरेशन ऑफ तमिल के अध्यक्ष पाझा नेदुमारन ने आज LTTE के चीफ प्रभाकरन को लेकर एक दावा किया है. दावा करते हुए उन्होंने कहा कि, प्रभाकरन अभी जिन्दा है और वह जल्द ही सभी के सामने पेश होगा. प्रभाकरन को 14 साल पहले श्रीलंका में मृत घोषित कर दिया गया था.

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LTTE Chief Prabhakaran Alive: तमिल राष्ट्रवादी नेता और वर्ल्ड कन्फेडरेशन ऑफ तमिल के अध्यक्ष पाझा नेदुमारन ने LTTE चीफ प्रभाकरन को लेकर एक बड़ा दावा किया है. दावा करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि- प्रभाकरन अभी जिन्दा हैं और जल्द ही सभी के सामने पेश होंगे. वेलुपिल्लई प्रभाकरन एक श्रीलंकन तमिल गुरिल्ला और LTTE ( लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम) का संस्थापक था. LTTE के बारे में हम सभी जानते हैं. ये एक आतंकी संगठन है. अगर आप नहीं जानते तो बता दें इसी संगठन ने श्रीलंका के उत्तर और पूर्व में एक स्वतंत्र तमिल राज्य बनाने की मांग की थी. LTTE ने करीबन तीन दशकों से अपने दहशत से लोगों को डराकर रखा था.

साल 2009 में मारे जाने की खबर

साल 2009 में प्रभाकरन के मौत से जुड़ी एक खबर आयी थी. इसमें बताया गया था कि, उसे श्रीलंकन सरकार और सेना ने गोली मार दी थी जिसकी वजह से उसकी मौत हो गयी थी. प्रभाकरन की मौत को लेकर कई तरह की कहानी है. किसी का कहना है कि- सैनिकों से घिर जाने के बाद उसने खुद को गोली मार ली थी तो कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि- वह सैनिकों की गोली का शिकार हुआ था

प्रभाकरन पर कई तरह के आरोप

LTTE चीफ प्रभाकरन पर कई तरह के आरोप लगाए गये थे. इनमें पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था. केवल यही नहीं प्रभाकरन पर श्रीलंका के राष्ट्रपति के हत्या की कोशिश का भी आरोप है. रिपोर्ट्स की माने तो प्रभाकरन को 25 से ज्यादा आत्मघाती हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है. बता दें प्रभाकरन पर अनगिनत राजनीतिक हत्याओं का भी आरोप है.

तमिलनाडु नेता का बड़ा दावा

तमिल राष्ट्रवादी नेता पाझा नेदुमारन ने दावा किया कि श्रीलंका में ईलम तमिलों का नेता वेलुपिल्लई प्रभाकरन ठीक है और अब उसके सामने आने के लिए अनुकूल माहौल है. नेदुमारन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि श्रीलंका में सिंहली लोगों द्वारा राजपक्षे परिवार का उग्र विरोध और अंतरराष्ट्रीय (राजनीतिक) माहौल ने ईलम तमिलों के नेता प्रभाकरन के सामने आने के लिए उचित माहौल बनाया है. उन्होंने कहा कि लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) नेता अच्छा काम कर रहा है. नेदुमारन ने कहा कि इस घोषणा से प्रभाकरन के बारे में सभी संदेह समाप्त हो जाएंगे.

तमिलों के लिए योजना की घोषणा

पाझा नेदुमारन ने कहा कि प्रभाकरन जल्द श्रीलंका में ईलम तमिलों के लिए एक योजना की घोषणा करने वाला है. उन्होंने श्रीलंका में तमिलों और दुनिया के अन्य हिस्सों में रहने वाले तमिलों से एकजुट होने तथा उन्हें अपना पूरा समर्थन देने की अपील की. नेदुमारन ने कहा कि जब तक लिट्टे शक्तिशाली था, उसने श्रीलंका में अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में भारत के प्रति शत्रुतापूर्ण रुख रखने वाली किसी भी ताकत को पैर जमाने नहीं दिया. गौरतलब है कि 2009 में श्रीलंकाई सेना और लिट्टे के बीच हुए युद्ध में प्रभाकरन मारा गया था. (भाषा इनपुट के साथ)

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