Lok Sabha Election 2024 : पीएम मोदी ने कहा- कांग्रेस के लोग पाकिस्तान के एटम बम से देशवासियों को डरा रहे

PM Narendra Modi in Odisha
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के कंधमाल में कहा कि आज ही के दिन अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने पोखरण में परमाणु बम विस्फोट किया था और देश को सुरक्षित किया था.
Lok Sabha Election 2024 : कांग्रेस कहती है संभल कर चलो पाकिस्तान के पास एटम बम है. उनका सम्मान करो. ये मरे पड़े लोग, देश के मन को भी मार रहे हैं. उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के कंधमाल में कही. उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग देश को डराना चाहते हैं. वे पाकिस्तान के बम के बारे में बात करते हैं, लेकिन पाकिस्तान की हालत ऐसी है कि उनसे अपना बम रखा नहीं जा रहा है, वे अपने बम को बेचना चाहते हैं. लेकिन पाकिस्तान को कोई खरीददार नहीं मिल रहा है, क्योंकि विश्व को उसकी गुणवत्ता के बारे में पता है. पीएम मोदी ने यहां कहा कि 26 साल पहले आज ही के दिन अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था. वाजपेयी सरकार ने दिखा दिया था कि देशभक्ति से ओत-प्रोत सरकार देश की रक्षा लिए हमेशा तैयार रहती है. वह लोगों की सुरक्षा और उनकी अपेक्षाओं के लिए तत्पर रहकर काम करती है. पीएम मोदी ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बयान को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है. अय्यर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि पाकिस्तान के पास एटम बम है हमें उसका सम्मान करना चाहिए.
कांग्रेस को चुनाव में 50 सीट भी नहीं मिलेगी
पीएम मोदी ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस लोकसभा चुनाव 2024 में 50 सीट भी नहीं जीत पाएगी. चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी को विपक्षी पार्टी का दर्जा भी नहीं मिलेगा. पीएम मोदी ने कहा कि ओडिशा के लोगों से मुझे जो प्यार मिला है वो मेरे लिए अनमोल है. पीएम मोदी ने कहा कि ओडिशा का कोई युवक ही यहां का सीएम बेगा. पीएम मोदी ने जगन्नाथ मंदिर की चर्चा करते हुए कहा कि सात दशक पहले मंदिर प्रबंधन के लिए कई नियम बनाए गए थे. उनमें से एक नियम यह था कि मंदिर की संपत्ति जिनमें सोना चांदी, कीमती पत्थर और चल-अचल संपत्ति होगी उसका रिकॉर्ड रखा जाएगा. इसके बाद श्री रत्न भंडार में रखे कीमतों समानों की सूची तैयार की जाएगी. आपको यह पता होगा कि श्री रत्न भंडार में रखे कीमती सामानों का मूल्यांकन करीब 45 साल पहले हुआ था, उसके बाद से यह काम बंद है. अब इस तरह की सूचना सामने आ रही है कि इस रत्न भंडार की चाबी कहीं खो गई है. क्या आपको यह जानने का हक नहीं है कि इस मंदिर के रत्न भंडार की चाबी आखिर कहां गई.
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आतंकियों को उनके घर में घुसकर मारते हैं
पीएम मोदी ने कहा कि एक समय था जब भारत के सामर्थ्य से दुनिया परिचित थी, लेकिन दूसरी तरफ कांग्रेस के लोग देश को डराने का काम करती है. कांग्रेस के इसी रवैये की वजह से देश ने जम्मू-कश्मीर में 60 साल तक आतंक को भुगता है. देश पर कई आतंकी हमले हुए हैं, लेकिन कांग्रेस ने आतंकवादियों को सबक सिखाने की बजाय उनके साथ बैठकें की. लेकिन आज हम आतंकियों को उनके घर में घुसकर मारते हैं, कोई हमारे देश की तरफ आंख उठा कर नहीं देख सकता है.
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By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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