Lok Sabha Election 2024 : पीएम मोदी ने कहा- कांग्रेस के लोग पाकिस्तान के एटम बम से देशवासियों को डरा रहे
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 11 May 2024 1:22 PM
PM Narendra Modi in Odisha
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के कंधमाल में कहा कि आज ही के दिन अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने पोखरण में परमाणु बम विस्फोट किया था और देश को सुरक्षित किया था.
Lok Sabha Election 2024 : कांग्रेस कहती है संभल कर चलो पाकिस्तान के पास एटम बम है. उनका सम्मान करो. ये मरे पड़े लोग, देश के मन को भी मार रहे हैं. उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के कंधमाल में कही. उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग देश को डराना चाहते हैं. वे पाकिस्तान के बम के बारे में बात करते हैं, लेकिन पाकिस्तान की हालत ऐसी है कि उनसे अपना बम रखा नहीं जा रहा है, वे अपने बम को बेचना चाहते हैं. लेकिन पाकिस्तान को कोई खरीददार नहीं मिल रहा है, क्योंकि विश्व को उसकी गुणवत्ता के बारे में पता है. पीएम मोदी ने यहां कहा कि 26 साल पहले आज ही के दिन अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था. वाजपेयी सरकार ने दिखा दिया था कि देशभक्ति से ओत-प्रोत सरकार देश की रक्षा लिए हमेशा तैयार रहती है. वह लोगों की सुरक्षा और उनकी अपेक्षाओं के लिए तत्पर रहकर काम करती है. पीएम मोदी ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बयान को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है. अय्यर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि पाकिस्तान के पास एटम बम है हमें उसका सम्मान करना चाहिए.
कांग्रेस को चुनाव में 50 सीट भी नहीं मिलेगी
पीएम मोदी ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस लोकसभा चुनाव 2024 में 50 सीट भी नहीं जीत पाएगी. चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी को विपक्षी पार्टी का दर्जा भी नहीं मिलेगा. पीएम मोदी ने कहा कि ओडिशा के लोगों से मुझे जो प्यार मिला है वो मेरे लिए अनमोल है. पीएम मोदी ने कहा कि ओडिशा का कोई युवक ही यहां का सीएम बेगा. पीएम मोदी ने जगन्नाथ मंदिर की चर्चा करते हुए कहा कि सात दशक पहले मंदिर प्रबंधन के लिए कई नियम बनाए गए थे. उनमें से एक नियम यह था कि मंदिर की संपत्ति जिनमें सोना चांदी, कीमती पत्थर और चल-अचल संपत्ति होगी उसका रिकॉर्ड रखा जाएगा. इसके बाद श्री रत्न भंडार में रखे कीमतों समानों की सूची तैयार की जाएगी. आपको यह पता होगा कि श्री रत्न भंडार में रखे कीमती सामानों का मूल्यांकन करीब 45 साल पहले हुआ था, उसके बाद से यह काम बंद है. अब इस तरह की सूचना सामने आ रही है कि इस रत्न भंडार की चाबी कहीं खो गई है. क्या आपको यह जानने का हक नहीं है कि इस मंदिर के रत्न भंडार की चाबी आखिर कहां गई.
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आतंकियों को उनके घर में घुसकर मारते हैं
पीएम मोदी ने कहा कि एक समय था जब भारत के सामर्थ्य से दुनिया परिचित थी, लेकिन दूसरी तरफ कांग्रेस के लोग देश को डराने का काम करती है. कांग्रेस के इसी रवैये की वजह से देश ने जम्मू-कश्मीर में 60 साल तक आतंक को भुगता है. देश पर कई आतंकी हमले हुए हैं, लेकिन कांग्रेस ने आतंकवादियों को सबक सिखाने की बजाय उनके साथ बैठकें की. लेकिन आज हम आतंकियों को उनके घर में घुसकर मारते हैं, कोई हमारे देश की तरफ आंख उठा कर नहीं देख सकता है.
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By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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