Leh Ladakh Violence: DGP का बड़ा खुलासा- पाक एजेंट के संपर्क में थे सोनम वांगचुक, बांग्लादेश भी गए थे, हिंसा में शामिल थे विदेशी नागरिक

Updated:
विज्ञापन
Climate Activist Sonam Wangchuk

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक

Leh Ladakh Violence: लद्दाख हिंसा और प्रदर्शन को लेकर पुलिस महानिदेश एसडी सिंह जामवाल ने बड़ा खुलासा किया है. बताया- सोनम वांगचुक पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में थे और बांग्लादेश-पाकिस्तान की यात्रा भी की थी.

विज्ञापन

Leh Ladakh Violence: लद्दाख के डीजीपी एसडी सिंह जामवाल ने शनिवार को बताया- “सोनम वांगचुक के विरोध-प्रदर्शनों के वीडियो सीमा पार भेजने वाले एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट की पिछले माह हुई गिरफ्तारी के संदर्भ में, पुलिस वांगचुक के पाकिस्तान से कथित संबंधों की जांच कर रही है.” डीजीपी ने सोनम वांगचुक को बुधवार को हुई हिंसा का जिम्मेदार बताया. इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे.

लेह में दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक और कर्फ्यू में ढील

लेह में कर्फ्यू के बारे में लद्दाख के डीजीपी डॉ एस.���ी. सिंह जामवाल ने कहा, “…हमने दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक कर्फ्यू में चरणबद्ध तरीके से ढील देने का फैसला किया है. पुराने शहर में इसमें ढील दी जाएगी। नए क्षेत्र में हम दोपहर 3.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक ढील देंगे.”

जेल में हैं वांगचुक

सोनम वांगचुक को लद्दाख हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में लिया गया था. बाद में उन्हें राजस्थान के जोधपुर की एक जेल में भेज दिया गया. वांगचुक, लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और केंद्रशासित प्रदेश को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर ‘लेह एपेक्स बॉडी’ और ‘करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस’ द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का मुख्य चेहरा रहे हैं.

ये भी पढ़ें: Ladakh Violence : पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़, लेह में हिंसा की वजह क्या?

वांगचुक के भाषण लोगों को उकसाने वाले थे : डीजीपी

डीजीपी जामवाल ने प्रेस कॉन्फेंस में बताया, ‘‘वांगचुक के खिलाफ जांच में क्या पाया गया है, यह अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. अगर आप उनका यूट्यूब पर उपलब्ध प्रोफाइल और इतिहास देखें, तो उनके भाषण लोगों को उकसाने वाले प्रतीत होते हैं, क्योंकि उन्होंने अरब क्रांति और नेपाल, बांग्लादेश एवं श्रीलंका में हाल की अशांति का जिक्र किया था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनका अपना एक एजेंडा था. उनके खिलाफ विदेशी चंदा और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के उल्लंघन की जांच जारी है. एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट हमारी हिरासत में है, जो वांगचुक के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के वीडियो सीमा पार भेज रहा था’’.

पाकिस्तान और बांग्लादेश की यात्रा पर गए थे वांगचुक – डीजीपी

लद्दाख के डीजीपी ने वांगचुक की विदेश यात्राओं को संदिग्ध बताया. उन्होंने कहा- ‘‘वांगचुक पाकिस्तान में द डॉन (पाकिस्तानी समाचार पत्र) के एक कार्यक्रम में भाग लिया था और बांग्लादेश भी गए.’’

ये भी पढ़ें: Sonam Wangchuk Arrest : सोनम वांगचुक को इस हाई-सिक्योरिटी जेल में किया गया शिफ्ट, लेह में इंटरनेट सेवा बंद

लद्दाख हिंसा में शामिल थे विदेशी नागरिक

लद्दाख के एलजी कविंदर गुप्ता ने हिंसा में विदेशी साजिश की आशंका व्यक्त की थी. एलजी के बयान पर डीजीपी ने कहा- “गोली लगने से घायल तीन नेपाली नागरिकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और कुछ अन्य विदेशी नागरिकों की संलिप्तता भी सामने आई है. हिंसा के सिलसिले में अब तक कुल 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से कम से कम छह लोगों के हिंसा में शामिल होने का संदेह है.

विज्ञापन
अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola