Kirti Chakra Awards: कैप्टन अंशुमान, शादी कुछ महीने बाद ही देश के लिए दे गए अपना सर्वोच्च बलिदान

Published by : Kushal Singh Updated At : 07 Jul 2024 11:56 AM

विज्ञापन

सियाचिन ग्लेशियर पर तैनात थे कैप्टन अंशुमान सिंह साथी जवान को बचाते बचाते दे गए कुरबानी. अब उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से किया गया है सम्मानित. उनकी पत्नी स्मृति सिंह को प्रदान किया गया सम्मान.

विज्ञापन

Kirti Chakra Awards: भारतीय सेना के जवान देश के लिए अपना सर्वोच्च न्योछावर करने के लिए सदैव तैयार रहते है. अपने प्राणों की चिंता किए बिना वो देश की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं. उनकेे बलिदान पर उन्हें सैन्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है. इसी क्रम में इस बार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को सेना और अर्धसैनिक बलों के 10 जवानों को उनके अदम्य साहस और असाधारण वीरता के लिए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया है. इन जवानों में 7 को मरणोपरांत इस सम्मान से सम्मानित किया गया है. यदि कीर्ति चक्र की बात करे तो यह भारत का दूसरा शीर्ष सैन्य वीरता पुरस्कार है. कीर्ति चक्र से सम्मानित जवानों में एक नाम कैप्टन अंशुमान सिंह का भी है जिन्हें अपनी वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र दिया गया है. बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह की पत्नी को ये वीरता पुरस्कार दिया है. इसके साथ साथ राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा 26 सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पुलिस के कर्मियों को शौर्य चक्र भी प्रदान किए गए.

कॉलेज में हुई थी अंशुमान और स्मृति की मुलाकात

कीर्ति चक्र पाने के बाद स्मृति सिंह ने अपने और अंशुमान के बारे में बात की. अंशुमन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “वह बहुत-बहुत सक्षम थे. वह मुझसे कहते थे कि मैं अपने सीने में गोली खाकर मरूंगा. मैं एक सामान्य मौत नहीं मरूंगा. ऐसा नहीं होगा कि मैं मरूं और किसी को पता नहीं चले. हम कॉलेज के पहले वर्ष में मिले थे. मैं ड्रामेटिक नहीं हो रही, लेकिन यह पहली नजर का प्यार था. एक महीने बाद उनका चयन आर्मड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज में हो गया. वह बहुत बुद्धिमान व्यक्ति थे. एक महीने की मुलाकात के बाद हमारा 8 वर्षों का लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन रहा.

18 जुलाई को हुई लंबी बातचीत, 19 को फोन आया कि वो नहीं रहे

स्मृति सिंह ने बताया कि हमारी शादी के कुछ दिन बाद ही कैप्टन अंशुमान की सियाचिन पोस्टिंग हो गई थी. आगे उन्होंने बताया, “पोस्टिंग के बाद 18 जुलाई को इस बारे में लंबी बातचीत की थी कि अगले 50 सालों में हमारी लाइफ कैसी होगी. हम एक घर बनाएंगे, हमारे बच्चे होंगे और … 19 तारीख की सुबह जब मैं उठी मुझे फोन आया कि वह नहीं रहे।”
स्मृति ने अपने परिवार दुःख को व्यक्त करते हुए कहा, ‘पहले 7-8 घंटों तक हम यह स्वीकार नहीं कर पाए कि ऐसा कुछ भी हुआ है. आज तक मैं संभल नहीं पा रही हूं. बस यह सोच कर पता लगाने की कोशिश कर रहा हूं कि शायद यह सच नहीं है लेकिन अब जब मेरे हाथ में कीर्ति चक्र है, तो मुझे एहसास हुआ कि यह सच है. ठीक है, वे एक हीरो हैं.’ हम भी अपना लाइफ तो थोड़ा मैनेज करने की कोशिश कर सकते हैं क्योंकि उन्होंने बहुत कुछ मैनेज किया है. उन्होंने अपनी जिंदगी का त्याग दिया ताकि अन्य तीन सैन्य परिवारों को बचा जा सके.”

Also Read: Jagannath Rath Yatra: जानिए क्यों पुरी में पूजी जाती है भगवान जगन्नाथ की अधूरी मूर्ति

साथी जवान को बचाते हुए अंशुमान सिंह ने दिया था बलिदान

एक बंकर में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी आग में फंसे अपने साथी जवान को बचाते हुए कैप्‍टन अंशुमान सिंह ने अपना बलिदान दिया. दरअसल बात जुलाई 2023 की है जब कैप्टन अंशुमान सिंह सियाचिन ग्‍लेशियर में 26 मद्रास से अटैचमेंट पर 26 पंजाब बटालियन के 403 फील्‍ड में अस्‍पताल में रेजिमेंटल मेडिकल आफिसर पद पर तैनात थे. 9 जुलाई 2023 को बुधवार सियाचिन ग्लेशियर में भारतीय सेना के एक बंकर में शॉट सर्किट की वजह से आग लग गई. आग ने कई टेंटों को अपने चपेट में ले लिया. उस समय कैप्टन अंशुमान के साथी जवान बंकर में फंस गए. तभी अपने साथी जवान को बचाने के लिए कैप्‍टन अंशुमान सिंह बंकर में घुस गए. उन्होंने तीनों जवानों को तो सुरक्षित बाहर निकाल दिया परंतु स्वयंगंभीर रूप से झुलए गए. फिर उन्हें एयरलिफ्ट कर इलाज के लिए चंडीगढ़ ले गए, जहां कैप्‍टन अंशुमान सिंह शहीद हो गए.

Also Read: Maharashtra News: अमरावती सेंट्रल जेल में हुआ विस्फोट, बैरक नंबर 6 व 7 के सामने हुआ धमाका

विज्ञापन
Kushal Singh

लेखक के बारे में

By Kushal Singh

Kushal Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola