सिया ही निकली केतन की कातिल, इंस्टाग्राम पर दिखाती रही प्यार, बॉयफ्रेंड संग रची साजिश; ऐसे पकड़ी गई

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केतन अग्रवाल और सिया गोयल. फोटो- एक्स.

Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत मामले में मंगेतर सिया गोयल और चेतन चौधरी पर हत्या की साजिश का आरोप लगा है. पुणे पुलिस का दावा है कि पासपोर्ट चोरी और नष्ट करने की घटना हत्या की कथित साजिश का हिस्सा है. पुलिस ने खुलासा किया है कि दोनों ने लोहगढ़ किले में मौत से पहले भी एक बार कोशिश की थी.

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Ketan Agrawal Murder Case: महाराष्ट्र के पुणे में कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब हादसे से हत्या की साजिश तक पहुंच गया है. इस मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल ही साजिशकर्ता के रूप में सामने आई है. केतन अग्रवाल की मौत की कहानी पिछले साल हुए राजा रघुवंशी की हत्या जैसी ही दिख रही है. उसमें सोनम रघुवंशी ने अपने पति को मौत के घाट उतारा था, वहीं केतन की कहानी भी कुछ वैसी ही रही. हालांकि, सिया ने कोशिश जरूर की, लेकिन कानून का शिकंजा अच्छे-अच्छे चालबाजों को पकड़ ही लेता है. पुलिस ने पूरे केस का खुलासा कर दिया है. आइये जानते हैं कैसे पकड़ी गई केतन की कातिल सिया और उसका प्रेमी चेतन.  

पुलिस ने इस मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल और चेतन बाबूलाल चौधरी को गिरफ्तार किया है. दोनों पर हत्या और आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया गया है. पुलिस के अनुसार, शुरुआती तौर पर इसे लोहगढ़ किले पर हादसा माना गया था, लेकिन जांच के दौरान कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे शक गहराता गया. इनमें सिया और चेतन के बीच संबंध, फोन कॉल रिकॉर्ड, बाली यात्रा से पहले पासपोर्ट गायब होना और लोहगढ़ किले की घटनाएं शामिल हैं.

पुणे ग्रामीण पुलिस का दावा है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल ने कथित तौर पर उनका पासपोर्ट चोरी कर नष्ट कर दिया था, जिससे वह विदेश यात्रा पर नहीं जा सके. पुलिस का मानना है कि यह कोई अलग घटना नहीं थी, बल्कि कथित साजिश का हिस्सा थी, जिसका अंत 26 वर्षीय केतन की लोहोगढ़ किले के पास मौत के रूप में हुआ.

केतन महाराष्ट्र के एक बड़े कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखते थे. वह पुणे जिले के गहुंजे इलाके के रहने वाले थे और एक रियल एस्टेट कंपनी में निदेशक थे. 18 जून को लोहगढ़ किले के पास वह मृत पाए गए थे. शुरुआत में पुलिस ने इसे ट्रेकिंग के दौरान गिरने की घटना माना था. सिया के बयान के आधार पर पुलिस ने पहले आकस्मिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की थी.

सिया ने बताया था कि तेज हवा के बीच फोटो खींचते समय केतन फिसलकर खाई में गिर गए.  लेकिन, पुणे ग्रामीण पुलिस का आरोप है कि सिया गोयल के चेतन चौधरी के साथ संबंध थे और वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी. दोनों ने केतन को अपने रिश्ते में बाधा माना और उसकी हत्या की योजना बनाई.

बाली प्री-वेडिंग शूट से पहले गायब हुआ पासपोर्ट

केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई फरवरी में हुई थी. दोनों 6 जून को प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए इंडोनेशिया के बाली जाने वाले थे. इस यात्रा में चार लोग शामिल थे, लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने के बाद अचानक पता चला कि केतन का पासपोर्ट गायब है. इसके बाद वह यात्रा पर नहीं जा सके और उन्हें एयरपोर्ट से वापस लौटना पड़ा.

केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने इस घटना को संदिग्ध बताया. उन्होंने कहा, ‘उन्हें 6 जून को प्री-वेडिंग शूट के लिए मुंबई से बाली जाना था. घर से निकलते समय कार में सिर्फ चार लोग थे. सभी ने कार में बैठकर अपने पासपोर्ट चेक किए थे और पासपोर्ट, पैसे, क्रेडिट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि सभी एक ही पाउच में रखे गए थे. वह पाउच कार में ही था.’

उन्होंने आगे कहा, ‘एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सभी के पास पासपोर्ट थे, सिर्फ केतन का पासपोर्ट चोरी हुआ था. इसी वजह से वह नहीं जा सके और एयरपोर्ट से वापस लौट आए.’ इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांच में सामने आया कि सिया ने कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट लिया, उसे फाड़ा और एयरपोर्ट जाने से पहले जिस होटल में नाश्ते के लिए रुके थे, वहां के वॉशरूम में फेंक दिया.

सिया और चेतन के रिश्ते का खुलासा

पुलिस जांच में सामने आया कि सिया की मुलाकात चेतन बाबूलाल चौधरी से पिछले साल एक कारोबारी बैठक के दौरान हुई थी. सिया बेकरी चलाती थी, जबकि 22 वर्षीय चेतन ड्राई फ्रूट का कारोबार करता था.

पुलिस जांच में सामने आया कि सिया और चेतन के बीच पिछले सात महीनों में 2004 फोन कॉल हुईं. इस दौरान दोनों ने करीब 238 घंटे बात की थी. पुलिस के अनुसार, दोनों का रिश्ता नवंबर 2025 में शुरू हुआ था, उसी समय जब केतन और सिया के परिवार शादी की तैयारियां आगे बढ़ा रहे थे.

प्लान ए में नाकाम रहे चेतन और सिया

पुलिस के अनुसार, चेतन सिया और केतन के रिश्ते से नाराज था और दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची. पुलिस ने कहा, ‘जांच में सामने आया कि सिया केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और उसे चेतन के साथ अपने रिश्ते में बाधा मानती थी.’

पुलिस के मुताबिक, दोनों ने केतन को रास्ते की रुकावट माना और उसकी हत्या की योजना कथित तौर पर उसकी मौत से कई हफ्ते पहले बनानी शुरू कर दी थी. जांच में पुलिस ने 18 जून से पहले केतन को नुकसान पहुंचाने की कथित कई कोशिशों का दावा किया है.

लोहगढ़ किले पर कथित पहली कोशिश

पुलिस के मुताबिक, 14 जून को भी केतन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी. जांच एजेंसियों का दावा है कि सिया केतन को लोहगढ़ किले ले गई थी और वहां उसे घाटी की ओर धक्का देने की कोशिश की गई.

पुलिस के अनुसार, केतन गिरने से बच गए क्योंकि उन्होंने किनारे की झाड़ी पकड़ ली थी. इसके बाद कथित तौर पर सिया ने मामला छिपाने के लिए सांप दिखने का शोर मचाया और डर का माहौल बनाया. पुलिस का दावा है कि इसके बाद उसने केतन को गले भी लगाया.

प्लान बी सफल हुआ- 18 जून को हुई केतन की मौत

पुलिस के अनुसार, 18 जून को सिया ने केतन को फिर से लोहगढ़ किले बुलाया. जांच में दावा किया गया कि चेतन अलग से वहां पहुंचा और करीब 20 से 30 फीट की दूरी से दोनों का पीछा करता रहा. पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में चेतन हुडी पहने दिखाई दिया, ताकि उसकी पहचान छिपी रहे. गर्मी के मौसम में हुडी पहनना भारी पड़ गया. चेतन ने चालाकी करते हुए अपना मोबाइल कोंढवा के घर में ही रख दिया. 

इसके बाद पुलिस का आरोप है कि दोनों ने पीछे से केतन को धक्का दिया, जिससे वह गहरी खाई में गिर गए और उनकी मौत हो गई. केतन का शव किले के पास खाई में मिला था. अधिकारियों ने बताया था कि ट्रेकिंग के दौरान तेज हवा के बीच फोटो खींचते समय केतन करीब 400 फीट गहरी घाटी में गिर गए. जिस समय केतन को धक्का दिया गया वह अपने मोबाइल से फोटो खींच रहे थे. चेतन और सिया का केतन को मारने का प्लान बी सफल हो गया. जांच में यह भी दावा किया गया कि दोनों ने पहले की योजना विफल होने की स्थिति में ‘प्लान सी’ भी तैयार रखा था.

इंस्टाग्राम पर दिख रही थी प्यार भरी कहानी

केतन और सिया की सोशल मीडिया तस्वीरें कुछ और ही कहानी दिखा रही थीं. दोनों ने फरवरी में सगाई की थी और नवंबर में शादी की तैयारी चल रही थी. परिवारों ने जयपुर के एक महल में करीब 17 करोड़ रुपये में शादी की बुकिंग कराई थी. मेहमानों के लिए दो प्राइवेट प्लेन की व्यवस्था की जा रही थी. सगाई के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर केतन के साथ कई रोमांटिक पोस्ट शेयर किए थे.

एक पोस्ट में मोमबत्ती से सजे केक की तस्वीर के साथ उसने लिखा था, ‘मेरे दिल को अपना घर मिले एक महीने पूरे होने की खुशी में.’ मई में सिया ने केतन द्वारा फूल देने वाली तस्वीर शेयर की थी और लिखा था, ‘उन्हें ‘पसंद है तुम्हें’ वाली बात को उन्होंने बहुत गंभीरता से ले लिया.’

इसके बाद दोनों के गले मिलने की तस्वीर भी सामने आई. सिया ने केतन की एक इंस्टाग्राम स्टोरी भी शेयर की थी, जिसमें लिखा था, ‘That Smile’ और साथ में दिल वाला इमोजी था. 19 मई को सिया ने अपना बर्थडे काउंटडाउन भी शेयर किया था, जिसमें दोनों रोमांटिक गाने पर डांस करते नजर आए थे. लेकिन इसके करीब एक महीने बाद कहानी पूरी तरह बदल गई.

सिया के व्यवहार से परिवार को हुआ शक

केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने बताया कि शुरुआत में परिवार ने भी इसे हादसा माना था, लेकिन बाद में सिया के व्यवहार ने उन्हें शक करने पर मजबूर किया. उन्होंने कहा कि हमने भी इसे हादसा ही माना था. लेकिन जब पुलिस शव लेकर आई तो सिया की कोई प्रतिक्रिया नहीं थी. जब किसी महिला के मंगेतर या पति की मौत होती है तो वह दुखी होती है, लेकिन उसके व्यवहार में ऐसा कोई दुख नजर नहीं आया. यह पहली बात थी जिसने हमें परेशान किया, लेकिन अस्पताल जाना जरूरी था इसलिए हमने ज्यादा ध्यान नहीं दिया.

उन्होंने बताया कि दोनों की शादी नवंबर में राजस्थान के एक महल में तय हुई थी. विशाल अग्रवाल ने कहा, ‘मेरे बेटे की इस लड़की से फरवरी में सगाई हुई थी. 19 तारीख को सिया का जन्मदिन था, इसलिए उसने जिद की और 18 तारीख को प्री-बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए लड़ाई की और उसे लोहोगढ़ किले ले गई.’ उनके अनुसार, केतन 18 जून की सुबह 8:20 बजे घर से निकले थे. करीब 10:45 बजे परिवार को सिया की मां का फोन आया कि केतन घाटी में गिर गए हैं.

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परिवार ने दूसरे लोगों की भूमिका पर भी जताया शक

विशाल अग्रवाल ने कहा कि यह रिश्ता दोनों परिवारों की सहमति से तय हुआ था और उनके परिवार को सिया के किसी अन्य रिश्ते की जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि यह अरेंज मैरिज थी. दोनों परिवारों की सहमति से फैसला हुआ था. उनके बेटे की तरफ से किसी को इसकी जानकारी नहीं थी. लेकिन आज हम लड़की के व्यवहार और उसके रिश्तों को देखकर महसूस कर रहे हैं कि वह अकेली नहीं है, इसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं. 

उन्होंने कहा कि यह सब उसके परिवार को पता था. इसके बावजूद उन्होंने हमें फंसाने की योजना बनाई. केतन के परिवार के लिए अब गायब हुआ पासपोर्ट एक ऐसा संकेत लग रहा है, जिसे उस समय समझा नहीं जा सका. विशाल अग्रवाल ने कहा, ‘अगर वह शादी नहीं करना चाहती थी तो सीधे मना कर सकती थी. इतना बड़ा कदम उठाने की जरूरत क्यों पड़ी?’

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

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