केरल में मुख्यमंत्री पद पर सस्पेंस बरकरार, चेन्निथला बोले- पार्टी का फैसला होगा मंजूर

केरल कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, फोटो- एएनआई
Kerala CM: केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में सस्पेंस जारी है. रमेश चेन्निथला, केसी वेणुगोपाल और वीडी सतीशन सीएम पद की दौड़ में हैं. इनके समर्थकों के बीच कलह भी बढ़ गई है. जबकि सहयोगी दल भी फैसले में देरी से नाराज होने लगे हैं.
Kerala CM: केरल का मुख्यमंत्री कौन होगा? इसको लेकर कांग्रेस में असमंजस है. राज्य में सीएम पद के तीन दावेदार हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और विपक्ष के नेता वीडी सतीशन है. तीनों सीएम की दौड़ में शामिल है. इसी सिलसिले में शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री पद के तीनों दावेदारों के साथ चर्चा की थी, लेकिन यह चर्चा किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई.
सोनिया गांधी से मिलेंगे खरगे
पार्टी नेताओं ने सोमवार (11 मई) को संकेत दिया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि मुलाकात के बाद सीएम पद को लेकर फैसला हो सकता है. पार्टी नेताओं ने यह भी कहा है कांग्रेस आलाकमान विधायक दल के नेता की घोषणा करने से पहले केरल में राजनीतिक माहौल के और शांत होने का इंतजार कर रहा है. क्योंकि नतीजे आने के बाद से ही कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के तीनों दावेदारों के समर्थकों के बीच आपसी कलह पूरे जोर पर है, और पार्टी इसे सुलझाने और शांत होने का इंतजार कर रही है.
सीएम पद के तीनों दावेदारों के समर्थकों में सिर फुटव्वल!
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ ने चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया है. लेकिन, जब सीएम बनाने की बात आई तो पार्टी तीन दावेदारों में उलझकर रह गई है. पिछले सप्ताह सतीशन और वेणुगोपाल के समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किये थे. पोस्टर लगाये गये थे. खरगे और राहुल से मुलाकात के बाद, केरल के नेताओं और दासमुंसी ने संयुक्त रूप से पार्टी कार्यकर्ताओं से नेतृत्व के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन और फ्लेक्स-बोर्ड अभियान से दूर रहने की अपील की थी. परदे के पीछे यह चर्चा भी जोर पकड़ने लगा है कि केरल में कांग्रेस नेता अंतिम फैसले को लेकर असमंजस में हैं.
सहयोगी दल भी नाखुश
कांग्रेस गठबंधन के सहयोगी दल भी मुख्यमंत्री के चयन में हो रही देरी से नाखुश हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा- विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को खत्म हो रहा है. इसलिए कोई जल्दी नहीं है- चिंता क्यों करें? इस बीच, चेन्निथला ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी आलाकमान जो भी निर्णय लेगा, उसे राज्य के कांग्रेस और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) के सभी कार्यकर्ता स्वीकार करेंगे.
सीएम के चयन में हो रही देरी पर कांग्रेस नेता चेन्निथला ने क्या कहा?
दिल्ली से लौटने के बाद चेन्निथला ने मीडिया से बात करते हुए कहा- हमें आलाकमान से जो कुछ भी कहना था, हमने कह दिया है. उन्होंने हमारी पूरी बात सुनी है. अब आगे का फैसला उन्हें ही करना है. उन्होंने कहा कि फैसले लेने में देरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक हिस्सा है. चेन्निथला ने कहा- सभी चर्चाएं पूरी हो चुकी हैं. हम उतना समय नहीं ले रहे हैं जितना वाम मोर्चे ने पिछली बार लिया था. उन्होंने बीजेपी पर भी पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ने खुद दिल्ली में अपना मुख्यमंत्री चुनने में कई दिन लगाए थे, इसलिए उन्हें जवाब देने की कोई जरूरत नहीं है.
यूडीएफ ने भारी मतों से जीत है चुनाव
केरल की 140 सदस्यों वाले सदन में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन यूडीएफ ने 102 सीटों पर जीत दर्ज की है. लेकिन, इतने भारी अंतर से जीतने के बाद भी अभी तक कौन बनेगा मुख्यमंत्री? इस पर पार्टी कोई फैसला नहीं कर पाई है. सीएम पद को लेकर पार्टी के अंदर गहण विचार जारी है. जबकि सीएम पद के तीनों दावेदारों के समर्थक अपने नेता को सीएम बनाने के लिए हर पूरा जोर लगा रहे हैं. ऐसे हालात में यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि कांग्रेस आलाकमान अपना फैसला कब सुनाएगा.
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By Pritish Sahay
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