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Kargil Vijay Diwas 2020 : 60 दिनों तक चली थी जंग, हजारों सैनिकों का बहा खून... उन शहीदों को देशवासियों का नमन

Updated at : 26 Jul 2020 5:34 AM (IST)
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Kargil Vijay Diwas 2020 : 60 दिनों तक चली थी जंग, हजारों सैनिकों का बहा खून... उन शहीदों को देशवासियों का नमन

kargil vijay diwas ki shubhkamnaye, kargil vijay diwas 2020 wishes, quotes, images, shayari, poem in hindi : 26 जुलाई आज ही के दिन 1999 में भारत के वीर जवानों ने पाकिस्तान की कायराना हरकत का जवाब देते हुए कारगिल युद्ध में विजय प्राप्त की थी. तब से हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के तौर पर मनाया जाने लगा. ये दिन भारतीय सेना की जांबाजी के लिए हमेशा याद किया जाएगा. आपको बता दें कि ये इतना मुश्किल युद्ध था कि 60 दिन तक लगातार हमारे जवान दुश्मनों से लोहा लेते रहे. दुश्मन ऊपर पहाड़ों पर थे और हमारे जांबाज सिपाही नीचे. ऐसे में असंभव सी माने जानी वाली जीत को हमारे बहादुर सिपाहियों ने फतेह कर दिखाया. उस जंग में शहीद हमारे तमाम जवानों को सच्ची श्रद्धांजलि. आप भी अपने दोस्तों और परिवार वालों को इस दिन की याद दिलाएं और उन रणबांकुरों की बहादुरी के किस्से याद कराएं.

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kargil vijay diwas 2020 wishes, quotes, images, shayari, poem in hindi : 26 जुलाई आज ही के दिन 1999 में भारत के वीर जवानों ने पाकिस्तान की कायराना हरकत का जवाब देते हुए कारगिल युद्ध में विजय प्राप्त की थी. तब से हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के तौर पर मनाया जाने लगा. ये दिन भारतीय सेना की जांबाजी के लिए हमेशा याद किया जाएगा. आपको बता दें कि ये इतना मुश्किल युद्ध था कि 60 दिन तक लगातार हमारे जवान दुश्मनों से लोहा लेते रहे. दुश्मन ऊपर पहाड़ों पर थे और हमारे जांबाज सिपाही नीचे. ऐसे में असंभव सी माने जानी वाली जीत को हमारे बहादुर सिपाहियों ने फतेह कर दिखाया. उस जंग में शहीद हमारे तमाम जवानों को सच्ची श्रद्धांजलि. आप भी अपने दोस्तों और परिवार वालों को इस दिन की याद दिलाएं और उन रणबांकुरों की बहादुरी के किस्से याद कराएं.

उस जंग का हिस्सा रहे कर्नल संजीत शंकर सहाय ने प्रभात खबर से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि कैसा था जंग का मंजर. उन्होंने बताया, ‘उस समय हमारी सेना नीचे थी और दुश्मन 15 हजार फीट ऊपर पहाड़ों पर. यह युद्ध अपने आप में अलग किस्म का था. हम अपनी टुकड़ी को लेकर 15 दिनों तक पहाड़ों पर रहे. हर दिन दुर्गम रास्ते पर चलते हुए आगे का रास्ता बना रहे थे. अपनी टुकड़ी को आगे बढ़ाते हुए ऊपर चढ़ रही दूसरी टुकड़ी से संपर्क बनाये रखना. हर पल चौकन्ना रहना. हर दिन नयी चुनौतियां सामने आ रही थीं, लेकिन सबके मन में जोश था कि अपनी जमीन वापस लेनी है. भारत माता के दुश्मनों को मार भगाना है. यही जज्बा सबसे बड़ा हथियार था. न तो किसी को भूख लग रही थी और न ही प्यास. बहुत मन किया तो साथ में मौजूद सूखा खाने में से कुछ ले लिया, वरना हर क्षण चोटी पर पहुंचने और दुश्मनों को मार भगाने की जिद और जज्बा ने कारगिल पर विजयश्री दिलायी.’

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जिंदगी जब तुझको समझा, मौत फिर क्या चीज है,

ऐ वतन तू हीं बता, तुझसे बड़ी क्या चीज है।

कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन

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शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,

वतन पर मिटने वालों का यही निशां होगा|

जय हिन्द जय शहीद

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