ePaper

श्रीनगर में ड्रोन और मानव रहित वाहनों के इस्तेमाल पर रोक, जम्मू में हुए हमले के बाद प्रशासन ने लिया फैसला

Updated at : 04 Jul 2021 5:11 PM (IST)
विज्ञापन
श्रीनगर में ड्रोन और मानव रहित वाहनों के इस्तेमाल पर रोक, जम्मू में हुए हमले के बाद प्रशासन ने लिया फैसला

Drones Banned In Srinagar जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले के बाद से श्रीनगर जिला प्रशासन ने ड्रोन और इसी तरह के मानव रहित हवाई वाहनों पर रोक लगाने का फैसला लिया है. माना जाता है कि ड्रोन और ऐसे वाहनों को पाकिस्तान के साथ सटे सीमा पार से संचालित किया जाता है. श्रीनगर के जिला मजिस्ट्रेट मोहम्मद एजाज ने शनिवार को एक आदेश जारी कर श्रीनगर जिला के क्षेत्रीय अधिकार एरिया में ड्रोन और इसी तरह के मानव रहित वाहनो के भंडारण, बिक्री व कब्जे, उपयोग एवं परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया है.

विज्ञापन

Drones Banned In Srinagar जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले के बाद से श्रीनगर जिला प्रशासन ने ड्रोन और इसी तरह के मानव रहित हवाई वाहनों पर रोक लगाने का फैसला लिया है. माना जाता है कि ड्रोन और ऐसे वाहनों को पाकिस्तान के साथ सटे सीमा पार से संचालित किया जाता है. हिंदुस्तान टाहम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीनगर के जिला मजिस्ट्रेट मोहम्मद एजाज ने शनिवार को एक आदेश जारी कर श्रीनगर जिला के क्षेत्रीय अधिकार एरिया में ड्रोन और इसी तरह के मानव रहित वाहनों के भंडारण, बिक्री व कब्जे, उपयोग एवं परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया है.

इसके संबंधित आदेश में श्रीनगर के जिला मजिस्ट्रेट मोहम्मद एजाज ने कहा कि महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और अत्यधिक आबादी वाले क्षेत्रों के पास हवाई क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए, सभी सामाजिक और सांस्कृतिक समारोहों में ड्रोन के उपयोग को बंद करना अनिवार्य है. इससे जान-माल की क्षति के किसी भी जोखिम को टाला जा सकता है. इस संबंध में जम्मू और कश्मीर में श्रीनगर जिला प्रशासन ने ड्रोन के उपयोग को लेकर एक गाइडलाइंस जारी की है. गाइडलाइंस के तहत जिन व्यक्तियों के पास पहले से ही ड्रोन कैमरे हैं, उन्हें स्थानीय पुलिस थाने में इसकी जानकारी देनी होगी.

इसके अलावा आदेश में यह भी गया गया है कि जिन व्यक्तियों के पास पहले से ही ड्रोन कैमरे व मानव रहित हवाई वाहन हैं, उन्हें स्थानीय पुलिस थाने में उचित रसीद के साथ इसे जमा कराना होगा. बता दें कि यह आदेश सीआरपीसी की धारा 144 के तहत जारी किया गया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन के दुरुपयोग के हालिया प्रकरणों को देखते हुए हवाई क्षेत्र की सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम उठाया गया है. दरअसल, पिछले एक हफ्ते से केंद्रशासित राज्य में कई बार ड्रोने देखे जाने के मामले आ चुके हैं और इसी के बाद ये फैसला लिया गया है.

उल्लेखनीय है कि जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले के बाद से पिछले कुछ दिनों में जम्मू में कई ड्रोन दिखाई दिए हैं. पिछले हफ्ते रविवार को 5 मिनट के अंदर दो धमाकों ने जम्मू एयरफोर्स स्टेशन को हिलाकर रख दिया था. उसके बाद से शहर में पांच बार ड्रोन देखे गए हैं. रविवार को हुए ड्रोन हमले में दो जवान घायल हो गए थे. जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर हुए हमले के एक दिन बाद 27 और 28 जून की मध्यरात्रि को दो ड्रोन कालूचक सैन्य स्टेशन के ऊपर मंडराते हुए पाए गए. ड्रोन देखे जाने पर जम्मू क्षेत्र में विशेष रूप से सेना स्टेशनों को एक हाई अलर्ट जारी किया गया था. बाद में 29 जून को ड्रोन को जम्मू में तीन अलग-अलग स्थानों कुंजवानी, सुंजवां और कालूचक क्षेत्रों में देखा गया.

Also Read: मॉनसून सत्र के पहले लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी का पत्ता होगा साफ!, जानिए क्यों

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola