Modi Govt In Action: अवामी एक्शन कमेटी, जम्मू-कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन पर केंद्र का एक्शन, 5 साल के लिए किया बैन
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 11 Mar 2025 10:02 PM
अमित शाह.
Modi Govt In Action: केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के दो संगठनों को कथित राष्ट्र विरोधी गतिविधियों, आतंकवाद के समर्थन और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को 5 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया.
Modi Govt In Action: केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के जिन दो संगठनों को 5 साल के बैन लगाया है, उसमें मीरवाइज उमर फारूक की अध्यक्षता वाली अवामी एक्शन कमेटी (एएसी) और मसरूर अब्बास अंसारी की अगुवाई वाली जम्मू-कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन (जेकेआईएम) शामिल हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, “जम्मू और कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन और अवामी एक्शन कमेटी को यूएपीए के तहत गैरकानूनी संगठन घोषित किया गया है. ये संगठन लोगों को कानून और व्यवस्था की स्थिति पैदा करने के लिए उकसाते पाए गए, जिससे भारत की एकता और अखंडता को खतरा पैदा हुआ. देश की शांति, व्यवस्था और संप्रभुता के खिलाफ गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को मोदी सरकार की कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा.”
कौन हैं मीरवाइज उमर फारूक
मीरवाइज उमर फारूक अलगाववादी संगठनों के गठबंधन ‘ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस’ के अध्यक्ष और श्रीनगर की जामिया मस्जिद के मुख्य मौलवी हैं, जो कश्मीर की सबसे भव्य और प्रभावशाली मस्जिद है. वहीं, अंसारी ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और कश्मीर घाटी के प्रमुख शिया नेता हैं.
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उमर फारूक और निसार अहमद के खिलाफ दर्ज हैं कई मामले
उमर फारूक, मुश्ताक-उल-इस्लाम, निसार अहमद राथर और निसार अहमद भट जैसे एएसी नेताओं के खिलाफ भारत की अखंडता के खिलाफ नारे लगाने, जम्मू-कश्मीर के भारत संघ से अलग न होने तक संघर्ष जारी रखने का आह्वान करने और पत्थरबाजी जैसे आरोपों में मामले दर्ज किए गए हैं. उमर फारूक तीन अगस्त 2011 को सैयद अली शाह गिलानी द्वारा किए गए ‘हड़ताल’ के आह्वान का समर्थन करने और घाटी के आम लोगों तथा युवाओं को भारत की संप्रभुता के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए उकसाने के आरोप में भी मुकदमे का सामना कर रहे हैं.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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