Indore Contaminated Water: इंदौर में दूषित पानी पीने से मौत मामला तूल पकड़ता जा रहा है. रविवार को यूथ कांग्रेस की ओर से जोरदार प्रदर्शन किया गया. बड़ी संख्या में यूथ कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर मार्च किया. यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इंदौर में पानी में मिलावट के मुद्दे पर राज्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस ने आंदोलन कर रहे कई यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है. प्रशासन ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल त्रासदी में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि कई मरीज बीमार होकर अस्पताल में भर्ती है.
कांग्रेस ने किया बड़ा विरोध प्रदर्शन का ऐलान
दूषित पानी के मुद्दे पर कांग्रेस आगामी दिनों में बड़ा आंदोलन करने की बात कह रही है. पार्टी नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा- हमारे प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी चार दिन पहले उस इलाके में गए थे और सभी से मिले थे. उन्होंने उनसे वादा किया था कि कांग्रेस इस मामले की जांच के लिए वरिष्ठ नेताओं की एक कमेटी भेजेगी और वह उन्हें, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और मोहन यादव सरकार को पूरी रिपोर्ट सौंपेगी ताकि उन्हें न्याय मिल सके. हम कल वहां गए थे और 1 से 2 परिवारों से मिले, लेकिन बीजेपी ने हंगामा करने की कोशिश की. पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने के बजाय हमें गिरफ्तार कर लिया. यह विपक्ष को दबाने और लोगों की भावनाओं को कुचलने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि 11 जनवरी को हम इस घटना के खिलाफ इंदौर में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे. राहुल गांधी समेत शीर्ष नेता इसमें शामिल हो सकते हैं. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर को इस्तीफा देना चाहिए.
कांग्रेस के 45 नेताओं को किया गया गिरफ्तार
शनिवार को भागीरथपुरा इलाके में कांग्रेस के 45 नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. दूषित पेयजल त्रासदी मामले में कांग्रेस ने सूबे के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की अगुवाई में जांच समिति बनाई. शनिवार को जांच समिति विधायक महेश परमार और प्रताप ग्रेवाल के समेत स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ भागीरथपुरा में पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे थे, इसी दौरान बीजेपी के कार्यकर्ता वहां जमा हो गए. आमने-सामने होने पर दोनों दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं में तनावपूर्ण माहौल हो गया. देखते ही देखते दोनों दलों के कार्यकर्ता की ओर से एक दूसरे पर चप्पलें फेंकी गई और मारपीट हुई. भारी हंगामे के बीच पुलिस ने कांग्रेस की जांच समिति के सदस्यों और पार्टी के अन्य नेताओं को भागीरथपुरा से बाहर निकाला और गिरफ्तार कर लिया.
दूषित जल पीने के कई लोग हुए बीमार
शनिवार को भागीरथपुरा में रिंग सर्वेक्षण किया गया. इसमें शामिल सदस्यों ने 5 हजार से ज्यादा घरों का सर्वेक्षण किया. इस दौरान 25,395 लोगों की जांच में उल्टी-दस्त के हल्के लक्षणों वाले 65 मरीज मिले जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया. दल ने बताया कि 15 अन्य मरीजों को अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के बाह्य रोगी विभाग (OPD) में भेजा गया. अधिकारियों के मुताबिक भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप के बाद अब तक अस्पतालों में कुल 354 मरीजों को भर्ती किया गया है जिनमें से 205 लोगों को स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई है. फिलहाल 149 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं जिनमें से 20 लोग गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में हैं.रिंग सर्वेक्षण में 16 दल शामिल हैं. जिनमें चिकित्सा अधिकारियों और नर्सिंग अधिकारियों के साथ ही आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और गैर सरकारी संगठनों के स्वयंसेवक शामिल हैं.

