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Indian Navy: भारत में बनेंगे नौसेना के सभी जहाज, विदेश पर निर्भरता खत्म, रक्षा मंत्री ने किया ऐलान

Updated at : 26 Aug 2025 9:44 PM (IST)
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Raksha Mantri Rajnath Singh

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

Indian Navy: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना की पूर्वी नौसेना कमान में दो बहुउद्देशीय स्टील्थ फ्रिगेट, आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस हिमगिरि को शामिल किया. इस दौरान उन्होंने बड़ा ऐलान कर दिया. उन्होंने साफ कर दिया कि भविष्य में भारतीय नौसेना के लिए कोई जहाज विदेश में नहीं बनेंगे. उन्होंने मेड इन इंडिया को बढ़ाने की बात कही.

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Indian Navy: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मेड इन इंडिया पर जोर देते हुए कहा, “आईएनएस तमाल भारतीय नौसेना के लिए अंतिम विदेशी ऑर्डर था. हमने निर्णय लिया है कि भारतीय नौसेना के लिए भविष्य में कोई भी जहाज विदेश में नहीं बनाया जाएगा. हम अपने जहाज भारत में ही बनाएंगे. यह रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बहुत ही निर्णायक कदम है.”

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अगर भारतीय नौसेना को मिला रहता मौका: रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, हमारे सशस्त्र बलों ने दुनिया को दिखाया कि हम जरूरत के समय कैसे कार्य कर सकते हैं. युद्धपोतों की त्वरित तैनाती और क्रियान्वयन के संदर्भ में भारतीय नौसेना द्वारा दिखाई गई योजना बहुत प्रभावी रही है. अगर नौसेना को मौका दिया गया होता, तो भेजा गया संदेश पूरी तरह से अलग होता.”

हमारी समुद्री तैयारी मजबूत बनी रहे : रक्षा मंत्री

हिंद महासागर में चल रहा शक्ति प्रदर्शन हमें बार-बार सचेत करता है. यहां कई देशों के हित टकराते हैं. इसलिए हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि हमारी समुद्री तैयारी मजबूत बनी रहे.”

ये भी पढ़ें: INS Udaygiri Himgiri: INS उदयगिरि और हिमगिरि नौसेना में शामिल, जानें इसकी खासियत, देखें वीडियो

रक्षा मंत्री ने INS हिमगिरि और उदयगिरि की बताई ताकत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) द्वारा निर्मित आईएनएस हिमगिरि और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा निर्मित आईएनएस उदयगिरि दोनों आधुनिक युद्धपोत हैं जिनका निर्माण स्वदेशी तौर पर किया गया है. मुझे बताया गया है कि इन युद्धपोतों में कई उन्नत क्षमताएं हैं. इनमें लंबी दूरी की सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलें, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर, टारपीडो लॉन्चर, युद्ध प्रबंधन प्रणाली और अग्नि नियंत्रण प्रणाली लगाई जा सकती हैं. ये दोनों युद्धपोत समुद्र में खतरनाक अभियानों में गेम-चेंजर साबित होंगे.”

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ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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