INS Udaygiri Himgiri: INS उदयगिरि और हिमगिरि नौसेना में शामिल, जानें इसकी खासियत, देखें वीडियो

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 26 Aug 2025 5:14 PM

विज्ञापन

उदयगिरि और हिमगिरि

INS Udaygiri Himgiri: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने INS उदयगिरि और INS हिमगिरि भारतीय नौसेना में शामिल किया. उदयगिरि और हिमगिरि भारतीय नौसेना की नवीनतम अत्याधुनिक ‘प्रोजेक्ट 17ए’ के तहत बने हैं. दोनों अत्याधुनिक लड़ाकू जहाज अलग-अलग शिपयार्ड में तैयार किए गए हैं.

विज्ञापन

INS Udaygiri Himgiri: अत्याधुनिक लड़ाकू जहाज उदयगिरि और हिमगिरि के भारतीय नौसेना में शामिल होने के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) द्वारा निर्मित INS हिमगिरि और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा निर्मित INS उदयगिरि दोनों आधुनिक युद्धपोत हैं जिनका निर्माण स्वदेशी तौर पर किया गया है.” उन्होंने आगे कहा- इन युद्धपोतों में कई उन्नत क्षमताएं हैं. इनमें लंबी दूरी की सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलें, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर, टारपीडो लॉन्चर, युद्ध प्रबंधन प्रणाली और अग्नि नियंत्रण प्रणाली लगाई जा सकती हैं. ये दोनों युद्धपोत समुद्र में खतरनाक अभियानों में गेम-चेंजर साबित होंगे.”

Udaygiri-Himgiri
उदयगिरि और हिमगिरि

भविष्य में कोई भी जहाज विदेश में नहीं बनाया जाएगा : रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “आईएनएस तमाल भारतीय नौसेना के लिए अंतिम विदेशी ऑर्डर था. हमने निर्णय लिया है कि भारतीय नौसेना के लिए भविष्य में कोई भी जहाज विदेश में नहीं बनाया जाएगा; हम अपने जहाज भारत में ही बनाएंगे. यह रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बहुत ही निर्णायक कदम है… इन युद्धपोतों के जलावतरण के साथ भारतीय नौसेना ने एक शताब्दी पूरी कर ली है.”

रडार भी नहीं पकड़ पाएगा

रक्षा अधिकारियों के अनुसार, उदयगिरि और हिमगिरि, परियोजना 17 (शिवालिक) श्रेणी के मध्यम आकार के अनुवर्ती पोत हैं, और दोनों जहाजों में डिजाइन, स्टील्थ (रडार की पहुंच से बच निकलने की क्षमता), हथियार और सेंसर प्रणालियों में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, जो गहन समुद्री परिस्थितियों में मिशनों को अंजाम देने में सक्षम हैं. उदयगिरि, प्रोजेक्ट 17ए युद्धपोत का दूसरा जहाज है और इसका निर्माण मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा किया गया है। हिमगिरि, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), कोलकाता द्वारा निर्मित पहला पी17ए जहाज है. दोनों ही युद्धपोत पहले के डिजाइनों की तुलना में काफी अत्याधुनिक हैं.

INS-Udaygiri-Himgiri
उदयगिरि और हिमगिरि

हिमगिरी और उदयगिरि की खासियत

विशेषताINS हिमगिरिINS उदयगिरि
क्लासप्रोजेक्ट 17A – निलगिरी क्लास फ्रिगेटप्रोजेक्ट 17A – निलगिरी क्लास फ्रिगेट
शिपयार्डगार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकातामझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), मुंबई
लॉन्च तिथि14 दिसंबर 202017 मई 2022
कमीशन (नौसेना में शामिल)26 अगस्त 202526 अगस्त 2025
लंबाईलगभग 149 मीटरलगभग 149 मीटर
चौड़ाई17.8 मीटर17.8 मीटर
विस्थापन (Displacement)लगभग 6,670 टनलगभग 6,670 टन
गति (Speed)28 नॉट्स (52 किमी/घंटा) तक28 नॉट्स (52 किमी/घंटा) तक
क्रू क्षमता250 अधिकारी और नाविक250 अधिकारी और नाविक
स्टील्थ डिजाइनकम राडार सिग्नेचरकम राडार सिग्नेचर
हथियार प्रणालीसतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (SAMs) – एंटी-शिप मिसाइलें (AShM) – टॉरपीडो और एंटी-सबमरीन रॉकेट – 76mm और 127mm तोपेंसतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (SAMs) – एंटी-शिप मिसाइलें (AShM) – टॉरपीडो और एंटी-सबमरीन रॉकेट – 76mm और 127mm तोपें
हेलिकॉप्टर क्षमतादो मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर (जैसे MH-60R या HAL ध्रुव)दो मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर (जैसे MH-60R या HAL ध्रुव)
प्रमुख विशेषताGRSE द्वारा बनाए गए जहाजों में सबसे एडवांस फ्रिगेटMDL द्वारा बनाए गए जहाजों में सबसे एडवांस फ्रिगेट
विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola