Global Hunger Index में 107 वें स्थान पर पहुंचा भारत, कांग्रेस-आप ने साधा निशाना

श्रीलंका 64वें, पाकिस्तान 99वें, बांग्लादेश 84वें, नेपाल 81वें और भारत 107वें स्थान पर है. इससे पहले भारत 101वें स्थान पर था. जबकि चीन, तुर्की समेत 17 देशों का जीएचआई में रैंकिंग काफी बेहतर है.
ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत को अच्छी रैंकिंग नहीं मिली है. 121 देशों की सूची वाले इंडेक्स में भारत को 107वां स्थान मिला है. दरअसल, भूख और कुपोषण को लेकर ग्लोबल हंगर इंडेक्स ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट जारी की है. इस सूची में भारत अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश से भी पिछड़ गया है. जबकि, चीन-तुर्की समेत 17 देशों का जीएचआई में रैंकिंग काफी बेहतर है.
भूख और कुपोषण के मामले में पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश की स्थिति भारत से बेहतर है. आंकड़ों को देखें तो श्रीलंका 64वें, पाकिस्तान 99वें, बांग्लादेश 84वें, नेपाल 81वें और भारत 107वें स्थान पर है. इससे पहले भारत 101वें स्थान पर था. हालांकि साल 2021 में ग्लोबल हंगर इंडेक्स की सूची में 116 देश शामिल थे, जबकि साल 2022 में 121 देशों की सूची में नाम है.
जीएसआई की रिपोर्ट पर कई विरोधी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने रिपोर्ट को ट्वीट करते हुए लिखा, भारत की स्थित 2014 के बाद काफी खराब रही है. यह मोदी सरकार के 8 साल की रिपोर्ट कार्ड है. उन्होंने कहा कि भारत में नफरत, हिंदुत्व और हिंदी थोपने की राजनीति करने से स्थिति बेहतर नहीं होगी. उन्होंने कहा, जीएसआई की रिपोर्ट को भाजपा के लोग खारिज कर देंगे और इसपर रिसर्च करने वालों पर छापा पड़ेंगे.
Also Read: ग्लोबल इकोनॉमिक फ्रीडम इंडेक्स : 26 स्थान खिसक कर भी चीन से ऊपर है भारत
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री ने मनीष सिसोदिया ने भी रिपोर्ट को आधार बनाकर मोदी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा, केंद्र सरकार भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकनामी बनाने का सपना देख रही है. लेकिन जीएसआई में 106 देश लोगों को 2 समय का भोजन कराने में हमसे बेहतर हैं. उन्होंने कहा, भारत बच्चों की अच्छी शिक्षा के बगैर बेहतर नहीं बन सकेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Piyush Pandey
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










