Independence Day 2025 : लाल किले पर कड़ी सुरक्षा, परिंदा भी पर नहीं मार सकता

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 15 Aug 2025 7:03 AM

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red fort security

Independence Day 2025 : लाल किला आज 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए पूरी तरह सजाया गया है. सजावट का हिस्सा बने पोस्टर और बैनर ऑपरेशन सिंदूर को भी दर्शा रहे हैं. दिल्ली में 14,000 सुरक्षाकर्मी, ड्रोन रोधी प्रणालियां तैनात की गईं हैं. लाल किले पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था नजर आ रही है.

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Independence Day 2025 : स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी शुक्रवार को ‘हाई अलर्ट’ पर है और यहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, ऊंची इमारतों पर ‘स्नाइपर’ तैनात किए गए हैं, शहर भर में कैमरे लगाए गए हैं तथा 14,000 से अधिक सुरक्षा एवं यातायात पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लगातार 12वीं बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे. इस अवसर पर दिल्ली पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है और सुरक्षा को कई स्तर पर पुख्ता किया गया है.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास के क्षेत्रों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों, ‘ड्रोन डिटेक्शन’ प्रणाली और चेहरे की पहचान करने वाले कैमरों एवं एएनपीआर (स्वचालित नंबर प्लेट पहचान) कैमरों की मदद ली जा रही है. अधिकारी ने बताया कि लाल किले के पांच पार्किंग क्षेत्रों में वाहनों के नीचे विस्फोटक, हथियार या प्रतिबंधित सामान की जांच के लिए पहली बार ‘अंडर-व्हीकल सर्विलांस सिस्टम’ (यूवीएसएस) तैनात किए गए हैं.

भीड़ पर नजर रखने के लिए ‘हेडकाउंट’ कैमरे

अधिकारी ने बताया कि यह प्रौद्योगिकी खतरों या विसंगतियों का पता लगाने के लिए कैमरे और स्कैनर का उपयोग करती है, जिससे चौकियों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा मजबूत होती है. 15 अगस्त को लाल किले में प्रवेश केवल निमंत्रण पत्र के माध्यम से ही दिया जाएगा तथा केवल चिह्नित वाहनों को ही इसके आसपास जाने की अनुमति होगी. भीड़ पर नजर रखने के लिए ‘हेडकाउंट’ कैमरे और लावारिस या संदिग्ध वस्तुओं को चिह्नित करने के लिए भी उपकरण लगाए गए हैं तथा घुसपैठ का पता लगाने वाले कैमरे प्रतिबंधित क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं.

सुरक्षा के लिए ‘स्नाइपर’ और छतों पर निगरानी दल तैनात

अधिकारी ने बताया कि लाल किले के पास ऊंची इमारतों की सुरक्षा के लिए ‘स्नाइपर’ और छतों पर निगरानी दल तैनात किए गए हैं जबकि निर्दिष्ट प्रतिबंधित क्षेत्रों में आवाजाही को प्रवेश नियंत्रण तंत्र से नियंत्रित किया गया है. इस बीच, सभी प्रमुख रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डों हवाई अड्डे और मेट्रो स्टेशन पर चौबीसों घंटे निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात की गई हैं.

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अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की जांच, सामान की जांच और पहचान पत्र का औचक सत्यापन किया जा रहा है. राष्ट्रीय राजधानी में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पुख्ता करने के साथ जल उपचार संयंत्रों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है. उन्होंने बताया कि दिल्ली के उत्तरी और मध्य जिलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. दिल्ली पुलिस आयुक्त एस बी के सिंह ने ड्रोन रोधी तंत्र की निगरानी के लिए डीसीपी (पुलिस उपायुक्त) स्तर के एक अधिकारी को नियुक्त किया है. उन्होंने बताया कि यमुना नदी पर निगरानी बढ़ा दी गई है और नदी में ‘स्पीड बोट’ तैनात की गई हैं.

सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी कड़ी निगरानी

अधिकारियों को सतर्क रहने और सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश भी दिए गए है. यातायात कर्मियों को प्रतिबंधों का पालन कराने और वाहनों की सुचारू आवाजाही बनाए रखने के लिए प्रशिक्षित किया गया है. अधिकारी ने कहा,‘‘साइबर इकाइयों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि शांति भंग करने वाले किसी भी संभावित ऑनलाइन खतरे या गलत सूचना अभियान का पता लगाया जा सके और उसे बेअसर किया जा सके.’’

अर्धसैनिक बलों और विशेष कमांडो तैनात

पुलिस ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस सप्ताह के लिए अर्धसैनिक बलों और विशेष कमांडो सहित 10,000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों और 3,000 यातायात पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय के जरिए तोड़फोड़-रोधी जांच, वाहनों के लिए अवरोधक और सत्यापन अभियान तेज किए गए हैं. सभी जिला पुलिस इकाइयों को बाजारों, मेट्रो स्टेशन, बस अड्डों और अन्य सार्वजनिक सभा स्थलों पर पैदल गश्त करने का निर्देश दिया गया है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर रहकर सुरक्षा व्यवस्था की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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