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ICA Global Cooperative Conference 2024: पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, कहा- सहकारिता जीने का तरीका

Updated at : 26 Nov 2024 12:33 AM (IST)
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ICA Global Cooperative Conference 2024

ICA Global Cooperative Conference 2024

ICA Global Cooperative Conference 2024: प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्‍ली के भारत मंडपम में अंतरराष्‍ट्रीय सहकारिता गठबंधन के वैश्विक सहकारी सम्‍मेलन का उद्घाटन किया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि 'मैं सभी किसानों, मछुआरों, एसएचजी की 10 करोड़ महिलाओं की ओर से आप सभी का स्वागत करता हूं'.

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ICA Global Cooperative Conference 2024: पीएम मोदी ने सोमवार को भारत मंडपम में आईसीए वैश्विक सहकारी सम्मेलन 2024 का उद्घाटन किया. वैश्विक स्तर पर सहकारिता के शीर्ष संगठन आईसीए के 130 साल के इतिहास में पहली बार भारत में इस सम्मेलन का आयोजन किया गया है. सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि ‘सहकारी आंदोलन को संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग वाली अर्थव्यवस्था से जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की जरूरत है’. उन्होंने कहा कि भविष्य की वृद्धि में सहकारी समितियों की बड़ी भूमिका होगी. इस सम्मेलन में भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे और फिजी के उप-प्रधानमंत्री मनोआ कामिकामिका भी शिरकत कर रहे हैं.  

महिलाएं निभा रही हैं बड़ी भूमिका- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि महिलाएं सहकारिता आंदोलन में बड़ी भूमिका निभा रही हैं. पीएम मोदी ने कहा कि सहकारी समितियों की 60 फीसदी सदस्य महिलाएं है. सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है. दो लाख अतिरिक्त बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियां स्थापित की जा रही हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो देश और समाज महिलाओं को अधिक भागीदारी प्रदान करेगा, वह उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेगा. आज, भारत में यह महिला नेतृत्व वाले विकास का समय है. हम सहकारी समितियों के प्रबंधन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं.  इसके लिए हमने बहु-राज्य सहकारी सोसायटी अधिनियम में संशोधन करके महिला निदेशकों को अनिवार्य कर दिया है.

सहकारिता जीवन जीने का एक तरीका- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईसीसी ग्लोबल को-ऑपरेटिव कॉन्फ्रेंस 2024 में कहा कि सहकारी बैंकों में करीब 12 लाख करोड़ रुपये की राशि जमा है. भारत के लिए सहकारिता संस्कृति का आधार है. यह जीवन जीने का एक तरीका है. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता क्रांति से पैदा हुआ अमूल आज का शीर्ष वैश्विक खाद्य ब्रांड है. भारत में सहकारी समितियों के पास विचार से आंदोलन तक क्रांति और फिर सशक्तिकरण तक की यात्रा है.

सहकारिता आंदोलन को भारत में नया विस्तार- प्रधानमंत्री

आईसीए वैश्विक सहकारी सम्मेलन 2024 में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘यह सम्मेलन पहली बार भारत में आयोजित किया जा रहा है.हम भारत में सहकारी आंदोलन को नया विस्तार दे रहे हैं. यह सम्मेलन भारत के भविष्य के लिए आवश्यक अंतर्दृष्टि देगा. भारत के अनुभव वैश्विक सहकारी आंदोलन को 21वीं सदी के नए उपकरण और भावना प्रदान करेंगे. दुनिया के लिए, सहकारिता एक मॉडल है, भारत के लिए यह संस्कृति का आधार है, एक जीवन शैली है’.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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