Cough Syrup Case: हरियाणा सरकार ने मेडन फार्मा के कफ सीरप उत्पादन पर लगाई रोक, WHO ने दी थी चेतावनी

Published by : Pritish Sahay Updated At : 12 Oct 2022 3:44 PM

विज्ञापन

कफ सीरप के उत्पादन की केंद्र और हरियाणा राज्य के दवा विभागों की संयुक्त निरीक्षण की गई. परीक्षण में इनमें 12 खामियां पाई गईं जिसके बाद हरियाणा सरकार ने हुए निर्णय लिया कि सिरप का उत्पादन बंद करा दिया जाए. वहीं, मामले को लेकर हरियाणा दवा नियंत्रक ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है.

विज्ञापन

Maiden Pharmaceuticals Cough Syrups: हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के कफ सीरप के उत्पादन पर रोक लगा दी है. बता दें, गांबिया में 66 बच्चों की मौत के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से मेडन फार्मास्युटिकल्स के चार कफ सीरप के खिलाफ मेडिकल अलर्ट जारी किया गया था. डब्ल्यूएचओ ने कहा था मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड की ओर से दूषित और कम गुणवत्ता वाले कफ सीरप गांबिया में बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं. जिसके बाद हरियाणा सरकार ने यह कदम उठाया.

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने दी जानकारी: सीरप के उत्पादन पर बैन की जानकारी देते हुए हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य सरकार ने कफ सीरप के उत्पादन पर रोक लगा दी है. विज ने कहा कि डब्ल्यूएचओ की ओर से मेडिकल अलर्ट जारी होने के बाद सरकार ने फार्मास्युटिकल्स कंपनी के चारों कफ सीरप के सैंपल को कोलकाता जांच के लिए भेजा था. उन्होंने बताया कि अभी रिपोर्ट नहीं आई है.

पाई गई थी 12 खामियां: न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के कफ सिरप के उत्पादन की केंद्र और हरियाणा राज्य के दवा विभागों की संयुक्त निरीक्षण की गई. परीक्षण में इनमें 12 खामियां पाई गईं जिसके बाद हरियाणा सरकार ने हुए निर्णय लिया कि सीरप का उत्पादन बंद करा दिया जाए. वहीं, मामले को लेकर हरियाणा दवा नियंत्रक ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है. साथ ही पूछा है कि कंपनी कारण बताये कि सीरप का उत्पादन बंद क्यों नहीं किया जाये.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कहा कि गाम्बिया में चिन्हित की गई उन दूषित दवाओं का असर अभी सिर्फ गांबिया में दिखा है. ये दवाएं भारत में उत्पादित कफ सीरप हैं. WHO ने आशंका जताई है कि संभवता अन्य देशों में भी इस दवा को सप्लाई किया गया होगा. ऐसे में डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि दवा के तथाकथित हानिकारक प्रभाव को देखते हुए इन उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाएं.

Also Read: Gujarat Election: मिशन गुजरात पर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola