FDI: चीन सहित पड़ोसी देशों के लिए FDI में बड़ी राहत, भारत ने नियम आसान किए

Updated:
विज्ञापन

अश्विनी वैष्णव प्रेस को संबोधित करते हुए, फोटो पीटीआई

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

FDI: चीन सहित पड़ोसी देश अब आसानी से भारत में निवेश कर सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों में ढील दे दी है. अब पड़ोसी देशों की 10 प्रतिशत तक हिस्सेदारी वाली विदेशी कंपनियां बिना अनिवार्य अनुमति के भारत में निवेश कर सकती हैं.

विज्ञापन

FDI: इससे पहले चीन सहित पड़ोसी देशों के शेयरधारकों वाली विदेशी कंपनियों को भारत में किसी भी क्षेत्र में निवेश करने के लिए अनिवार्य अनुमति लेनी पड़ती थी. हालांकि क्षेत्र विशेष से जुड़ी सीमाएं और प्रवेश मार्ग समेत एफडीआई नियमों की अन्य शर्तें लागू रहेंगी.

विज्ञापन

एफडीआई में ढील के बावजूद देना होगा निवेश से संबंधित जानकारी

सरकार ने एफडीआई नियमों में भले ही ढील दे दी है, लेकिन निवेश से संबंधित जानकारी/विवरण डीपीआईआईटी को पहले से देना अनिवार्य होगा. सरकार ने इसक लिए 2020 के प्रेस नोट-3 में संशोधन किया है.

निवेश प्रस्तावों की शीघ्र मंजूरी का निर्णय

सरकार ने विशिष्ट क्षेत्रों में निवेश प्रस्तावों की शीघ्र मंजूरी का भी निर्णय लिया है. इसके तहत, पूंजीगत वस्तुओं, इलेक्ट्रॉनिक पूंजीगत वस्तुओं, इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जे, पॉलीसिलिकॉन और इनगॉट-वेफर या कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली सचिवों की समिति निवेश के प्रस्तावों पर 60 दिन के भीतर कदम उठाएगी और निर्णय लिए जाएंगे.

अधिकांश शेयर और नियंत्रण भारतीय नागरिकों के पास रहेगा

निवेशित इकाई की अधिकांश शेयर और नियंत्रण हमेशा भारतीय निवासी नागरिक के पास रहेगा. सरकार ने कोविड-19 महामारी के कारण भारतीय कंपनियों के जबरिया अधिग्रहणों को रोकने के लिए 17 अप्रैल, 2020 को प्रेस नोट-3 (2020) के माध्यम से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति में संशोधन किया था.

भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देश

भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देश चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमा और अफगानिस्तान हैं. भारत में अप्रैल, 2000 से दिसंबर, 2025 तक आये कुल एफडीआई इक्विटी प्रवाह में चीन की हिस्सेदारी केवल 0.32 प्रतिशत (2.51 अरब अमेरिकी डॉलर) है और वह 23वें स्थान पर है. जून, 2020 में गलवान घाटी में हुई भीषण झड़प के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास आ गयी थी. इसके बाद भारत ने टिक टॉक, वीचैट और अलीबाबा के यूसी ब्राउजर जैसे 200 से अधिक चीनी मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया था.

विज्ञापन
Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola