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चक्का जाम के बाद अब रेल रोको अभियान, जानिए किसानों का क्या है नया एजेंडा

Updated at : 11 Feb 2021 9:44 AM (IST)
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चक्का जाम के बाद अब रेल रोको अभियान, जानिए किसानों का क्या है नया एजेंडा

Ghaziabad: Farmers shout slogans during their protest against the new farm laws, at Ghazipur Delhi-UP border in Ghaziabad, Thursday, Dec. 31, 2020. (PTI Photo/Vijay Verma)(PTI12_31_2020_000049A)

Farmer Protest, Kisan Andolan, Rail Roko Abhiyan: संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि राजस्थान में 12 फरवरी से टोल संग्रह नहीं करने दिया जायेगा. मोर्चा ने एलान किया कि पूरे देश में 18 फरवरी को दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक ‘रेल रोको’ अभियान चलाया जायेगा. इससे पहले किसानों ने तीन घंटे के लिए चक्का जाम का एलान किया था.

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Farmer Protest, Kisan Andolan, Rail Roko Abhiyan: नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन (Framer Protest) लगातार 77 दिनों से जारी है. किसान दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं, अब आंदोलन को तेज करते हुए प्रदर्शनकारी किसानों ने 18 फरवरी को चार घंटे के राष्ट्रव्यापी ‘रेल रोको’ (Rail Roko) अभियान की घोषणा की है. किसानों ने 2019 में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों की याद में 14 फरवरी को एक मोमबत्ती मार्च निकालने का भी फैसला किया है.

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि राजस्थान में 12 फरवरी से टोल संग्रह नहीं करने दिया जायेगा. मोर्चा ने एलान किया कि पूरे देश में 18 फरवरी को दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक ‘रेल रोको’ अभियान चलाया जायेगा. तीन कृषि कानूनों को निरस्त किये जाने की मांग को लेकर इस महीने के शुरू में किसानों ने तीन घंटे के लिए चक्का जाम का एलान किया था.

सत्ता परिवर्तन नहीं, मुद्दों का हल चाहते हैं किसान- टिकैत : भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का कहना है कि आंदोलनकारी किसान केंद्र में कोई सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं. टिकैत ने सिंघू बॉर्डर पर किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि केंद्र किसानों के मुद्दों का समाधान नहीं कर देता.

कृषि कानून बंधन नहीं, विकल्प है- पीएम मोदी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में तीन नये कृषि कानूनों को लेकर कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों पर झूठ और अफवाह फैलाने का आरोप लगाया. साथ ही प्रदर्शन कर रहे किसानों से बैठ कर चर्चा करने और समाधान निकालने की अपील की. कृषि कानूनों को लेकर तमाम आशंकाओं को निराधार करार दिया. कहा कि ये कानून किसी के लिए बंधन नहीं, बल्कि विकल्प हैं.

सत्ता में आये, तो कृषि कानून रद्द करेंगे- प्रियंका: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर तीनों नये कृषि कानूनों को रद्द किया जायेगा. उन्होंने कहा कि यह तीनों कृषि कानून राक्षस रूपी हैं, जिन का मकसद किसानों को खत्म करना है. प्रियंका ने कांग्रेस के ‘जय जवान जय किसान’ अभियान के तहत सहारनपुर के चिलकाना में आयोजित किसान महापंचायत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला.

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Posted by: Pritish Sahay

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