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Explainer: देश को मिली पहली Intranasal Corona Vaccine, जानें क्या है इसकी खासियत और कैसे करेगा काम

Updated at : 06 Sep 2022 9:10 PM (IST)
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Explainer: देश को मिली पहली Intranasal Corona Vaccine, जानें क्या है इसकी खासियत और कैसे करेगा काम

भारत बायोटेक द्वारा तैयार कोरोना इंट्रानेजल टीका (बीबीवी154) को नाक के जरिये लोगों को दिया जाएगा. जिसे 18 साल से ऊपर के लोगों को दिया जा सकेगा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने इस मौके पर ट्वीट किया, भारत की कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई को बड़ा प्रोत्साहन मिला है.

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कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में भारत को बड़ी सफलता हासिल हुई है. देश को पहली नेजल कोरोना वैक्सीन मिल गयी है. भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने भारत बायोटेक द्वारा तैयार इंट्रानेजल कोरोना वैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है.

नाक से दिया जाएगा कोरोना वैक्सीन, 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को लगेगा टीका

भारत बायोटेक द्वारा तैयार कोरोना इंट्रानेजल टीका (बीबीवी154) को नाक के जरिये लोगों को दिया जाएगा. जिसे 18 साल से ऊपर के लोगों को दिया जा सकेगा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने इस मौके पर ट्वीट किया, भारत की कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई को बड़ा प्रोत्साहन मिला है. भारत बायोटेक के सीएचएडी36- सार्स-कोव-एसकोविड-19 (चिम्पैंजी एडिनोवायरस वेक्टर्ड) नेजल टीके को आपात स्थिति में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के प्राथमिक टीकाकरण में इस्तेमाल की मंजूरी भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने दी है. उन्होंने कहा कि इस कदम से महामारी के खिलाफ हमारी सामूहिक लड़ाई को और मजबूती मिलेगी.

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4000 लोगों पर किया गया परीक्षण

भारत बायोटेक के सूत्रों ने बताया कि हैदराबाद की कंपनी ने करीब 4000 स्वयंसेवकों पर नेजल (नाक के जरिये लिए जाने वाले टीके) का क्लीनिकल परीक्षण किया है और किसी में दुष्प्रभाव या विपरीत प्रतिक्रिया नहीं देखी गई है.

शरीर में प्रवेश से पहले कोरोना को मार देगा इंट्रानेजल वैक्सीन

इंट्रानेजल वैक्सीन बीबीआई154 शरीर में प्रवेश से पहले की कोरोना को मार देगा. वैक्सीन श्वांस मार्ग के ऊपरी हिस्से में एंटीबॉडी पैदा करता है, जिससे कोरोना के संक्रमित करने और प्रसार करने की संभावित क्षमता कम करने में मदद मिलती है. कंपनी ने बताया, इस दिशा में और अध्ययन की योजना बनाई गई है.

क्या है खासियत

इंट्रानेजल वैक्सीन को नाक के जरिये दिया जाएगा. जिससे लोगों को वैक्सीन लेने में कोई परेशानी भी नहीं होगी.

अब दी जा रही कोरोना वैक्सीन से इंट्रानेजल बिल्कुल अलग है. इसमें निडिल की जरूरत नहीं पड़ेगी.

इसे आसानी से प्रयोग किया जा सकेगा. इसे घर पर भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकेगा. इसके लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मचारियों की आवश्यकता भी नहीं होगा.

सुई से होने वाली परेशानी और वैक्सीन लेने के बाद दर्द की समस्या से भी निजात मिलेगी.

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ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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