Earthquake : दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के तेज झटके, नेपाल में था केंद्र, 30 मिनट में दो बार डोली धरती
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 03 Oct 2023 3:49 PM
भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 बताई जा रही है. भूकंप के झटके इतने जोरदार थे कि बिस्तर और कुर्सियों पर बैठे लोग हिल गए. अपार्टमेंट और घरों से भाग कर लोग खुलीे जगह पर पहुंच गए हैं.
Earthquake tremors in Delhi-NCR : दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. भूकंप का केंद्र नेपाल में था. भूकंप दिल्ली एनसीआर में भूकंप के झटके 2 :45 बजे के आसपास महसूस किए गए. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 बताई जा रही है. भूकंप के झटके इतने जोरदार थे कि बिस्तर और कुर्सियों पर बैठे लोग हिल गए. अपार्टमेंट और घरों से भाग कर लोग खुलीे जगह पर पहुंच गए हैं. जानकारी के अनुसार भूकंप के झटके पूरे उत्तर भारत में महसूस किए गए हैं. लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भूकंप के तेज झटके लोगों ने महसूस किए.
An earthquake with a magnitude of 6.2 on the Richter Scale hit Nepal at 2:51 pm today: National Centre for Seismology pic.twitter.com/CgXYfjFjKX
— ANI (@ANI) October 3, 2023
#WATCH | Uttarakhand | People rushed out of their buildings in Dehradun as strong tremors were felt in different parts of north India. Visuals from the Secretariat.
As per National Centre for Seismology, an earthquake with a magnitude of 6.2 on the Richter Scale hit Nepal at… pic.twitter.com/Cz7gczdMbr
— ANI (@ANI) October 3, 2023
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार दोपहर लगभग 2: 51 बजे नेपाल में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.2 थी. नेपाल के कांडा में भूकंप का केंद्र था. यहां 30 मिनट में दो बार धरती हिली. उत्तराखंड में भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग दहशत में आ गए और घरों से निकल कर खुली जगह में आ गए.
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जयपुर में भी धरती डोली है. दोपहर करीब दो बजकर 55 मिनट पर लोगों को भूकंप के झटके महसूस हुए और लोग घबराकर इमारतों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए. पुलिस नियंत्रण कक्ष ने बताया कि जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है.
National Center for Seismology के अनुसार असम में भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3 .0 की थी. नेपाल के कांडा में जहां इसका केंद्र था, वहां भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था. वहीं हरियाणा के कई इलाकों में तीव्रता 2.0 की थी.
Earthquake of Magnitude:3.0, Occurred on 03-10-2023, 13:18:46 IST, Lat: 26.20 & Long: 92.97, Depth: 27 Km ,Location: Karbi Anglong, Assam, India for more information Download the BhooKamp App https://t.co/Ulm4OW51Is @ndmaindia @Indiametdept @KirenRijiju @Dr_Mishra1966 pic.twitter.com/DkTa6k2tOl
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) October 3, 2023
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By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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