Earthquake: हिमाचल प्रदेश में इस साल रिकॉर्ड 40 बार महसूस किये गये भूकंप के झटके, जानें क्या है कारण

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Earthquake: हिमाचल प्रदेश में इस साल रिकॉर्ड 40 बार महसूस किये गये भूकंप के झटके, जानें क्या है कारण

इस साल हिमाचल प्रदेश में आये अधिकांश भूकंपों का केंद्र चंबा और मंडी में था, जो मेन बाउंड्री थ्रस्ट (एमटीबी) के उत्तर में क्षेत्र है. जबकि चंबा में 15 हल्के भूकंप दर्ज किए गए, 10 का केंद्र मंडी जिले में था. मंडी जिले में 16 नवंबर की रात 9.32 बजे 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था.

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पिछले कुछ दिनों से भूकंप के लगातार झटके महसूस किये जा रहे हैं. बीते दिनों नेपाल में 6.3 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किये गये थे, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गयी थी. इसके बाद लगातार भूकंप के झटके महसूस किये जा रहे हैं. दिल्ली-एनसीआर में भी हाल के दिनों में 3 से 4 बार भूकंप के हल्के झटके महसूस किये गये. हालांकि इसमें जानमाल की कोई नुकसान नहीं हुई. लेकिन आपको यह जानकार अश्चर्य होगा कि इस साल सबसे अधिक भूकंप हिमाचल प्रदेश में महसूस किये गये.

रिकॉर्ड 40 बार हिमाचल में महसूस किये गये भूकंप के झटके

एक आंकड़े के अनुसार इस साल अबतक हिमाचल प्रदेश में रिकॉर्ड 40 बार भूकंप के झटके महसूस किये गये. विशेषज्ञों का दावा है कि यह बड़ी भूकंपीय घटना का संकेत है.

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क्यों आता है भूकंप

भूकंप सतह के नीचे होने वाली हलचल के कारण आजा है. धरती 7 प्लेट्स से मिलकर बनी है. जो घूमती रहती है, इसे टेक्टोनिक कहते हैं और हिमालय की प्लेटों का टेक्टोनिक शिफ्ट होने के कारण भूकंप के झटके महसूस किये जाते हैं. प्लेटें सालाना लगभग 3 सेंटीमीटर अपने स्थान से खिसकती हैं. हिमाचल प्रदेश के उद्योग और खनन विभाग के राज्य भूविज्ञानी पुनीत गुलेरिया के अनुसार, छोटे भूकंप से ऊर्जा निकलती है, लेकिन भविष्य में बड़े भूकंप की कोई गारंटी नहीं है.

इस साल हिमाचल प्रदेश में आये भूकंप का केंद्र चंबा और मंडी था

इस साल हिमाचल प्रदेश में आये अधिकांश भूकंपों का केंद्र चंबा और मंडी में था, जो मेन बाउंड्री थ्रस्ट (एमटीबी) के उत्तर में क्षेत्र है. जबकि चंबा में 15 हल्के भूकंप दर्ज किए गए, 10 का केंद्र मंडी जिले में था. मंडी जिले में 16 नवंबर की रात 9.32 बजे 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था. इसका केंद्र मंडी शहर से 27 किमी उत्तर-पश्चिम में जोगिंदरनगर के पास 5 किमी की गहराई में था. भूकंप पड़ोसी कुल्लू, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों में महसूस किया गया. जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ. लेकिन लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए. कांगड़ा और चंबा में 5 और 6 नवंबर को 3 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किये गये.

भूकंपीय मानचित्र के अनुसार हिमाचल प्रदेश जोन 4 और 5 में आता है

भारत के भूकंपीय मानचित्र के अनुसार हिमाचल प्रदेश जोन V और IV में आता है. जोन V संशोधित मर्केलि स्केल में भूकंपीय तीव्रता 9 और उससे ऊपर के क्षेत्रों को कवर करता है और यह सबसे गंभीर भूकंपीय क्षेत्र है जिसे बहुत उच्च क्षति जोखिम क्षेत्र कहा जाता है. जोन IV भूकंपीय तीव्रता 8 के लिए उत्तरदायी क्षेत्रों को कवर करता है और गंभीरता में दूसरा है. चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी के पांच जिलों का जोन V में 53% से 98% क्षेत्र है और शेष जिले जोन IV में आते हैं. अगर अन्य राज्यों की बात करें, तो जोन 5 में कश्मीर, वेस्टर्न और सेंट्रल हिमालय, बिहार, गुजरात का कच्छ, अंदमान और निकोबार समूह शामिल है. वहीं. जोन चार में उत्तराखंड, उत्तरी पंजाब, जम्मू-कश्मीर, उत्तरी बंगाल, सुंदरबन, हिमाचल प्रदेश और बिहार के कुछ जिलें आते हैं.

हिमाचल में पिछले 100 साल में आये 1300 भूकंप

एक रिकॉर्ड के अनुसार हिमाचल प्रदेश में पिछले 100 साल में 1300 बार भूकंप के झटके महसूस किये गये. एक अध्ययन के अनुसार 141 भूकंप रिक्टर स्केल पर 3 से 3.9 की तीव्रता के थे. जबकि 22 भूकंपों की तीव्रता 4 से 4.9, 43 की तीव्रता 5 से 5.9, सात भूकंपों की तीव्रता 6 से 6.9 के बीच थी और केवल एक की तीव्रता 8 थी.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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