Earthquake: हिमाचल प्रदेश में इस साल रिकॉर्ड 40 बार महसूस किये गये भूकंप के झटके, जानें क्या है कारण

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 21 Nov 2022 4:22 PM

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इस साल हिमाचल प्रदेश में आये अधिकांश भूकंपों का केंद्र चंबा और मंडी में था, जो मेन बाउंड्री थ्रस्ट (एमटीबी) के उत्तर में क्षेत्र है. जबकि चंबा में 15 हल्के भूकंप दर्ज किए गए, 10 का केंद्र मंडी जिले में था. मंडी जिले में 16 नवंबर की रात 9.32 बजे 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था.

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पिछले कुछ दिनों से भूकंप के लगातार झटके महसूस किये जा रहे हैं. बीते दिनों नेपाल में 6.3 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किये गये थे, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गयी थी. इसके बाद लगातार भूकंप के झटके महसूस किये जा रहे हैं. दिल्ली-एनसीआर में भी हाल के दिनों में 3 से 4 बार भूकंप के हल्के झटके महसूस किये गये. हालांकि इसमें जानमाल की कोई नुकसान नहीं हुई. लेकिन आपको यह जानकार अश्चर्य होगा कि इस साल सबसे अधिक भूकंप हिमाचल प्रदेश में महसूस किये गये.

रिकॉर्ड 40 बार हिमाचल में महसूस किये गये भूकंप के झटके

एक आंकड़े के अनुसार इस साल अबतक हिमाचल प्रदेश में रिकॉर्ड 40 बार भूकंप के झटके महसूस किये गये. विशेषज्ञों का दावा है कि यह बड़ी भूकंपीय घटना का संकेत है.

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क्यों आता है भूकंप

भूकंप सतह के नीचे होने वाली हलचल के कारण आजा है. धरती 7 प्लेट्स से मिलकर बनी है. जो घूमती रहती है, इसे टेक्टोनिक कहते हैं और हिमालय की प्लेटों का टेक्टोनिक शिफ्ट होने के कारण भूकंप के झटके महसूस किये जाते हैं. प्लेटें सालाना लगभग 3 सेंटीमीटर अपने स्थान से खिसकती हैं. हिमाचल प्रदेश के उद्योग और खनन विभाग के राज्य भूविज्ञानी पुनीत गुलेरिया के अनुसार, छोटे भूकंप से ऊर्जा निकलती है, लेकिन भविष्य में बड़े भूकंप की कोई गारंटी नहीं है.

इस साल हिमाचल प्रदेश में आये भूकंप का केंद्र चंबा और मंडी था

इस साल हिमाचल प्रदेश में आये अधिकांश भूकंपों का केंद्र चंबा और मंडी में था, जो मेन बाउंड्री थ्रस्ट (एमटीबी) के उत्तर में क्षेत्र है. जबकि चंबा में 15 हल्के भूकंप दर्ज किए गए, 10 का केंद्र मंडी जिले में था. मंडी जिले में 16 नवंबर की रात 9.32 बजे 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था. इसका केंद्र मंडी शहर से 27 किमी उत्तर-पश्चिम में जोगिंदरनगर के पास 5 किमी की गहराई में था. भूकंप पड़ोसी कुल्लू, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों में महसूस किया गया. जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ. लेकिन लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए. कांगड़ा और चंबा में 5 और 6 नवंबर को 3 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किये गये.

भूकंपीय मानचित्र के अनुसार हिमाचल प्रदेश जोन 4 और 5 में आता है

भारत के भूकंपीय मानचित्र के अनुसार हिमाचल प्रदेश जोन V और IV में आता है. जोन V संशोधित मर्केलि स्केल में भूकंपीय तीव्रता 9 और उससे ऊपर के क्षेत्रों को कवर करता है और यह सबसे गंभीर भूकंपीय क्षेत्र है जिसे बहुत उच्च क्षति जोखिम क्षेत्र कहा जाता है. जोन IV भूकंपीय तीव्रता 8 के लिए उत्तरदायी क्षेत्रों को कवर करता है और गंभीरता में दूसरा है. चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी के पांच जिलों का जोन V में 53% से 98% क्षेत्र है और शेष जिले जोन IV में आते हैं. अगर अन्य राज्यों की बात करें, तो जोन 5 में कश्मीर, वेस्टर्न और सेंट्रल हिमालय, बिहार, गुजरात का कच्छ, अंदमान और निकोबार समूह शामिल है. वहीं. जोन चार में उत्तराखंड, उत्तरी पंजाब, जम्मू-कश्मीर, उत्तरी बंगाल, सुंदरबन, हिमाचल प्रदेश और बिहार के कुछ जिलें आते हैं.

हिमाचल में पिछले 100 साल में आये 1300 भूकंप

एक रिकॉर्ड के अनुसार हिमाचल प्रदेश में पिछले 100 साल में 1300 बार भूकंप के झटके महसूस किये गये. एक अध्ययन के अनुसार 141 भूकंप रिक्टर स्केल पर 3 से 3.9 की तीव्रता के थे. जबकि 22 भूकंपों की तीव्रता 4 से 4.9, 43 की तीव्रता 5 से 5.9, सात भूकंपों की तीव्रता 6 से 6.9 के बीच थी और केवल एक की तीव्रता 8 थी.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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