ePaper

मनीष सिसोदिया ने अफसरों से मांगी आबकारी नीति से संबंधित दस्तावेज की कॉपी, पद के दुरुपयोग के लग रहे आरोप

Updated at : 10 Nov 2022 4:50 PM (IST)
विज्ञापन
मनीष सिसोदिया ने अफसरों से मांगी आबकारी नीति से संबंधित दस्तावेज की कॉपी, पद के दुरुपयोग के लग रहे आरोप

आधिकारिक सूत्रों ने आरोप लगाया है कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग कर रहे हैं, जबकि वह कथित तौर पर 144.36 करोड़ रुपये के शराब घोटाले के प्रमुख आरोपी हैं और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) इस घोटाले की जांच कर रही है.

विज्ञापन

नई दिल्ली : दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आबकारी आयुक्त और अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों से दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 से संबंधित दस्तावेज की कॉपी मांगी है. उनकी इस मांग के बाद उन पर संवैधानिक पद के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए जा रहे हैं. दिल्ली सरकार विश्वस्त सूत्रों के हवाले से मीडिया की खबरों के अनुसार, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ओएसडी एमके निखिल द्वारा हस्ताक्षरित एक चिट्ठी संबंधित विभागों के अधिकारियों को भेजी गई है, जिसमें कहा गया है कि माननीय उपमुख्यमंत्री ने आबकारी नीति 2021-22 और उससे संबंधित निविदा दस्तावेजों के गठन से संबंधित फाइलों और दस्तावेजों की फोटोकॉपी और स्कैन कॉपी मांगी है. इसलिए उपरोक्त दस्तावेजों को तुरंत प्रदान करने का अनुरोध किया जाता है.

सिसोदिया के ओएसडी ने अधिकारियों को भेजी चिट्ठी

मनीष सिसोदिया के ओएसडी की ओर से आबकारी आयुक्त और संबंधित विभाग के अधिकारियों को भेजी गई चिट्ठी के बाद बाबुओं की मंडली में हड़कंप मची हुई है. आधिकारिक सूत्रों ने मीडिया से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग कर रहे हैं, जबकि वह कथित तौर पर 144.36 करोड़ रुपये के शराब घोटाले के प्रमुख आरोपी हैं और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) इस घोटाले की जांच कर रही है.

जांच के दौरान सिसोदिया ने मांगे दस्तावेजों की कॉपी

सूत्रों ने यह आरोप भी लगाया है कि मनीष सिसोदिया ईडी, ईओडब्ल्यू, सीबीआई और आयकर विभाग की जांच में मुख्य आरोपी होने के बावजूद खुले तौर पर अपने पद के दुरुपयोग करने की कोशिश की है. सूत्रों ने अपने आरोप में यह भी कहा है कि आबकारी विभाग के घोटाले से जुड़े कागजात हासिल करने के लिए उन्होंने कागजात हासिल करने के लिए एक मंत्री के पद की शक्तियों का दुरुपयोग किया है, जो कानूनी तौर पर गलत है.

सिसोदिया ने भाजपा पर किया पलटवार

वहीं, मनीष सिसोदिया ने ट्वीटकर दिल्ली की प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा पर पलटवार किया है. अपने ट्वीट में उनहोंने कहा कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार को विधायकों की खरीदने के मामले में सफाई देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मुद्दों को भटकाने की बजाय बताया जाना चाहिए कि उन्होंने अब तक की जांच में क्या पाया? कुछ नहीं. उन्होंने कहा कि तेलंगाना में 100 करोड़ रुपये में विधायकों को खरीदते हुए रंगे हाथ पकड़े गए हैं. सिसोदिया ने कहा कि मोदी जी, बताएं कि उन्होंने वह सौ करोड़ रुपये किससे लिये.

Also Read: Delhi Excise Policy: मनीष सिसोदिया को सीबीआई ने भेजा नोटिस, दिल्ली शराब घोटाला मामले में होगी पूछताछ
आबकारी विभाग ने कानून विभाग से मांगी राय

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का यह जवाब आबकारी विभाग के अधिकारियों के तथाकथित उस आरोप के बाद आए हैं, जिसमें उन्होंने आबकारी नीति 2021-22 और संबंधित निविदा दस्तावेज की कॉपी हासिल करने के लिए अपने ओएसडी के जरिए चिट्ठी भेजवाई है. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 30 अक्टूबर 2022 को आबकारी आयुक्त को भेजी गई चिट्ठी में उन्हीं फाइलों, कागजों और दस्तावेजों की मांग की गई, जो जांच एजेंसियों के दायरे में है. आबकारी विभाग ने पहले ही वे सभी फाइल और दस्तावेजों को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय को सौंप दिया है. अब मनीष सिसोदिया द्वारा कागजातों की प्रति मांगने के बाद आबकारी विभाग ने जीएनसीटीडी के कानून विभाग से पूछा है कि क्या इन कागजातों और दस्तावेजों की कॉपी मनीष सिसोदिया को दी जा सकती है.

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola