Delhi Water Crisis: 'दिल्ली सरकार के संरक्षण में हो रही है पानी की चोरी', जल संकट के बीच बीजेपी का बड़ा आरोप

Published by : Pritish Sahay Updated At : 11 Jun 2024 5:23 PM

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Delhi Water Crisis | ANI, X

Delhi Water Crisis: दिल्ली में जल संकट गहराता जा रहा है. बूंद-बूंद पानी को दिल्लीवासी तरस रहे हैं. आलम यह है कि पानी के लोग पानी-पानी हो रहे हैं. वहीं, बीजेपी ने AAP सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि इनके संरक्षण में पानी की चोरी हो रही है.

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Delhi Water Crisis: दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली सरकार के संरक्षण में पानी की चोरी हो रही है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में जल संकट के लिए दिल्ली जल बोर्ड, उसके अधिकारी, चेयरमैन और दिल्ली सरकार जिम्मेदार हैं. सचदेवा ने कहा कि इस वक्त दिल्ली एक बूंद के लिए संघर्ष कर रही है. महीनों तक दिल्ली बाढ़ से जूझती रहेगी क्योंकि उन्होंने नालों की सफाई नहीं की है.

हरियाणा ने दिल्ली के दिया पानी
इसी कड़ी में दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा है कि हरियाणा ने दिल्ली को उसके आवंटित हिस्से के मुताबिक पानी दिया है. एलजी ने कहा कि उनकी हरियाणा सरकार से बात हुई है. बातचीत में सीएम नायब सिंह सैनी ने बताया कि हरियाणा की ओर से दिल्ली को आवंटित हिस्से के मुताबिक पानी दिया जा रहा है.

आप ने लगाया था आरोप
गौरतलब है कि पिछले दिनों आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया था कि हरियाणा सरकार दिल्ली के हिस्से का पानी रोक रही है. बता दें, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली फिलहाल भीषण गर्मी के साथ-साथ अप्रत्याशित जल संकट से जूझ रही है. इसी कड़ी में उपराज्यपाल ने सोमवार को दिल्ली की मंत्री आतिशी एवं सौरभ भारद्वाज के साथ बैठक की थी. बैठक में उन्होंने कहा था कि हरियाणा सरकार के साथ जलापूर्ति का मुद्दा उठायेंगे. उन्होंने आप नेताओं को आरोप-प्रत्यारोप में नहीं उलझन तथा इस मुद्दे का सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान निकालने की सलाह दी थी.

आतिशी के आरोप पर भड़की बीजेपी
बीते दिनों दिल्ली की मंत्री आतिशी ने हरियाणा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि हिमाचल प्रदेश अगर दिल्ली के लिए पानी छोड़ भी दे तो भी शहर में जल संकट का समाधान नहीं होगा, क्योंकि हरियाणा ने आने वाले पानी का प्रवाह कम कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया था आदेश
दरअसल, दिल्ली जल संकट को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 6 जून को हरियाणा सरकार को निर्देश दिया था कि हिमाचल प्रदेश की ओर से दिल्ली के लिए रिलीज किए जाने वाले पानी को बिना किसी रुकावट के दिल्ली आने दें. बता दें, हिमाचल प्रदेश सरकार ने दिल्ली के लिए 7 जून को 137 क्यूसेक पानी रिलीज की थी. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि इसपर किसी किस्म की राजनीति नहीं होनी चाहिए.

दिल्ली सरकार को SC की फटकार लगाई
इसी कड़ी में सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों दिल्ली सरकार को जमकर फटकार लगाई थी. दिल्ली में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए हिमाचल प्रदेश की ओर से दिये गये अतिरिक्त पानी को छोड़ने के लिए हरियाणा को निर्देश देने की मांग करने वाली दिल्ली सरकार की याचिका में त्रुटियां नहीं दूर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आप सरकार को फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार कोई पूर्व राय कायम न करे. कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से दाखिल याचिका में त्रुटियों के कारण रजिस्ट्री में हलफनामा स्वीकार नहीं किया गया. कोर्ट की पीठ ने कहा कि आपने त्रुटियां क्यों नहीं दूर कीं? हम याचिका को खारिज कर देंगे. पिछली तारीख पर भी त्रुटियां गिनाई गई थीं और आपने इन्हें दूर नहीं किया. आपका मामला चाहे जितना भी महत्वपूर्ण क्यों न हो, अदालत की कार्यवाही के बारे में कोई पूर्व राय नहीं बनाएं.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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