ePaper

अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी पर लगा आतंकवाद और देशद्रोह का आरोप, दो महिला सहयोगी भी आरोपी, जानिए पूरा मामला

Updated at : 23 Feb 2021 9:58 PM (IST)
विज्ञापन
अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी पर लगा आतंकवाद और देशद्रोह का आरोप, दो महिला सहयोगी भी आरोपी, जानिए पूरा मामला

Asiya Andrabi News कश्‍मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी के खिलाफ दिल्‍ली की एक अदालत ने देशद्रोह, आतंकवाद और अन्‍य आरोप तय किए गए हैं. इस मामले में उसकी दो महिला सहयोगी भी आरोपी हैं. अब इन तीनों पर भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और देश में आतंकी गतिविधियों की साजिश का मुकदमा चलेगा. मामला पाकिस्‍तान और आतंकी संगठनों से मदद के जरिए भारत के खिलाफ जंग छेड़ने से जुड़ा है.

विज्ञापन

Asiya Andrabi News कश्‍मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी के खिलाफ दिल्‍ली की एक अदालत ने देशद्रोह, आतंकवाद और अन्‍य आरोप तय किए गए हैं. इस मामले में उसकी दो महिला सहयोगी भी आरोपी हैं. अब इन तीनों पर भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और देश में आतंकी गतिविधियों की साजिश का मुकदमा चलेगा. मामला पाकिस्‍तान और आतंकी संगठनों से मदद के जरिए भारत के खिलाफ जंग छेड़ने से जुड़ा है.

स्‍पेशल जज प्रवीण सिंह ने अंद्राबी और उसकी दो सहयोगियों सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं और यूएपीए के तहत मुकदमा चलाने के आदेश दिए हैं. ऐसे ही आरोपों को लेकर पिछले साल पटियाला हाउस कोर्ट ने भी इन तीनों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी थी. कोर्ट ने आईपीसी की धारा 120 बी, 121, 121 ए, 124 ए, 153 ए, 153 बी और 505 के तहत आरोप तय करने के आदेश दिए थे. कोर्ट ने यूएपीए की धारा 18, 20, 38 और 39 के तहत भी आरोप तय करने के निर्देश दिए हैं.

एनआईए ने साल 2019 में अंद्राबी पर शिकंजा कसते हुए उसका मकान जब्त कर लिया था. यह घर आतंकवाद संबंधी निधि से खरीदा गया था. वहीं, मकान को गैर कानूनी गतिविधि (निरोधक) कानून के तहत जब्त किया गया था. फिलहाल आसिया अंद्राबी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है. उसको कश्मीर की पहली महिला अलगाववादी नेता माना जाता है.

आसिया महिला संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की संस्थापक है और भारत सरकार ने इस संगठन को प्रतिबंधित कर रखा है. पाकिस्तान का कुख्यात आतंकी हाफिज सईद आसिया को अपनी मुंहबोली बहन मानता है. आसिया का संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का महिला विंग है. आसिया पर देश के खिलाफ जंग छेड़ने का आरोप है.

Also Read: नेपाल के सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पीएम ओली के संसद भंग करने के फैसले को पलटा, 13 दिन में सदन की बैठक बुलाने का आदेश

Upload By Samir Kumar

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola