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Cyclone Asna Alert: चक्रवात असना से होगी भयंकर बारिश, इन राज्यों में दिखेगा असर

Updated at : 31 Aug 2024 5:04 PM (IST)
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Heavy Rain Warning

Heavy Rain Warning | PTI

Cyclone Asna: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र पर एक चक्रवात बना है. यह अगले दो दिनों तक भारतीय तट से दूर उत्तर-पूर्व अरब सागर के ऊपर लगभग पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ता रहेगा.

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Cyclone Asna Alert: अरब सागर में बना डीप डिप्रेशन अब भयंकर चक्रवात में तब्दील हो गया है. साल 1976 के बाद से अरब सागर में अगस्त महीने में आया यह पहला चक्रवात है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि इस चक्रवात का नाम असना पाकिस्तान ने दिया है. गुजरात में शुक्रवार को मूसलाधार बारिश और बाढ़ का कारण बना गहन अवदाब कच्छ के अपतटीय और पास के पाकिस्तानी इलाके में चक्रवात असना में बदल गया है. आईएमडी ने कहा है कि साल 1891 और 2023 के बीच अगस्त के दौरान अरब सागर में केवल तीन चक्रवात आए. पहला 1976 में, दूसरा 1964 में और तीसरा 1944 में आया था. वर्ष 1976 का चक्रवात ओडिशा से बनने के बाद पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा और अरब सागर में प्रवेश कर गया. हालांकि ओमान तट के पास उत्तर-पश्चिम अरब सागर में यह कमजोर हो गया.

चक्रवात से बढ़ा बारिश का खतरा
आईएमडी ने कहा है कि गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र पर एक भारी चक्रवात बन गया है. इसका खासा प्रभाव गुजरात में नजर आएगा. बता दें, डीप डिप्रेशन के कारण गुजरात में लगातार भारी बारिश हो रही है. वडोदरा समेत कई शहरों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. इस बीच भीषण चक्रवात से खतरा बड़ा हो गया है.

पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ता रहेगा चक्रवात असना
कच्छ तट और पाकिस्तान तथा पूर्वोत्तर अरब सागर के आसपास के क्षेत्रों के ऊपर बना डीप प्रेशर पिछले छह घंटों के दौरान छह किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम की ओर बढ़ गया. इसके बाद यह चक्रवात असना में बदल गया. यह चक्रवात (Cyclone Asna) सुबह साढ़े 11 बजे गुजरात के भुज से 190 किमी दूर पश्चिम-उत्तर पश्चिम में फिर उसी क्षेत्र पर केंद्रित हो गया. यह अगले दो दिनों तक भारतीय तट से दूर उत्तर-पूर्व अरब सागर के ऊपर लगभग पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ता रहेगा.

क्या है डीप डिप्रेशन
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के पूर्व सचिव माधवन नायर राजीवन ने बताया कि उत्तरी अरब सागर के ऊपर मौसम प्रणाली को चक्रवात में तब्दील होना एक आश्चर्यजनक घटना है. बता दें, डीप डिप्रेशन एक कम दबाव की स्थिति है जिसमें हवा की गति 52 किमी प्रति घंटे से 61 किमी प्रति घंटे तक होती है. जबकि चक्रवात में हवा की गति 63 किमी प्रति घंटे और 87 किमी प्रति घंटे के बीच होती है. यानी डीप प्रेशर की स्थिति चक्रवात उत्पन्न होने से पहले की स्थिति है. भाषा इनपुट से साभार

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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