कोरोना से हो रही है मौत! जानें जेएन.1 सब-वैरिएंट से किन लोगों को है ज्यादा खतरा

बताया जा रहा है कि देश में भले ही संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़ रही है और देश में जेएन.1 सब-वैरिएंट का पता चला है, लेकिन तत्काल चिंता का कोई कारण नहीं है क्योंकि संक्रमित लोगों में से 92 प्रतिशत लोग घर पर उपचार से ही ठीक हो रहे हैं.
कोरोना वायरस के संक्रमण ने एक बार फिर दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है. इस बीच लोगों के मन में एक सवाल आ रहा कि कोरोना का नया वैरिएंट कितना खतरनाक है ? तो कोरोना वायरस के जेएन.1 वैरिएंट पर बढ़ती चिंताओं के बीच, डब्ल्यूएचओ की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने लोगों को आश्वस्त किया है कि तत्काल इस नये वैरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है. एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने यह बात कही है. उन्होंने कहा कि हमें अलर्ट रहने की जरूरत है, लेकिन हमें इस वैरिएंट से घबराने की आवश्यकता नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे पास इसको लेकर किसी तरह का कोई डेटा उपलब्ध नहीं है कि यह वैरिएंट जेएन.1 अधिक गंभीर है या यह मौत का कारक भी बन सकता है.
स्वामीनाथन ने कहा कि मुझे लगता है कि हमें अलर्ट रहना चाहिए. पहले जब कोरोना प्रचंड पर था तो हमने जो सुरक्षा उपाय किये थे, उसे हमें अपनाने की जरूरत है. हम ओमीक्रॉन के बारे में जानते थे, इसलिए उससे लड़ने में हमने कुछ उपाए किये थे. ये नया वैरिएंट भी कुछ इसी प्रकार का है. इसमें कुछ चेंज आया होगा. इसीलिए मुझे लगता है कि डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि आइए इस पर नजर रखें. इसके बारे में जानें और घबराएं नहीं…
आइए आपको कोरोना के नये वैरिएंट JN.1 के बारे में बताते हैं जिसके बारे में आपको जानना चाहिए…
-भारत में अब तक JN.1 सब-वैरिएंट के 26 मामले सामने आए हैं, जिससे चिंता बढ़ादी है. इन मामलों में से 19 गोवा में, चार राजस्थान में और एक-एक केरल, दिल्ली, महाराष्ट्र में पाए गए.
-भारत में गुरुवार को कोरोना के संक्रमण से छह लोगों की मौत हुई. इनमें से तीन केरल का, दो कर्नाटक का और एक पंजाब का मरीज था. स्वास्थ्य मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि कोविड से होने वाली मौतें ज्यादातर गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों में हो रही हैं. आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 गंभीर लक्षण या मृत्यु का कारण नहीं बन रहा है.
-गोवा में पाए गए JN.1 सब-वैरिएंट के सभी 19 मामलों को ठीक कर दिया गया है. मरीजों से एकत्र किए गए नमूनों की जीनोम अनुक्रमण के दौरान वैरिएंट का पता चला था. राज्य के महामारी विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत सूर्यवंशी ने बताया कि जेएन.1 वैरिएंट वाले मरीजों में हल्के लक्षण थे और वे अब ठीक हो गए हैं.
-जहां बुधवार को कोरोना के सब-वैरिएंट जेएन.1 सब-वेरिएंट के दो मामले जैसलमेर में सामने आए, वहीं दो अन्य मामले गुरुवार को जयपुर में सामने आए.
-भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि हवाई अड्डों पर यात्रियों के लिए कोविड-19 का आरटी-पीसीआर परीक्षण अनिवार्य करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है.
-ब्लूमबर्ग के अनुसार, इंग्लैंड और स्कॉटलैंड में हर 24 में से लगभग एक व्यक्ति को कोविड-19 से संक्रमित है, जिसमें लंदन सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है क्योंकि जेएन.1 वैरिएंट तेजी से यहां फैल रहा है.
-यूके की हेल्थ सेक्यूरिटी एजेंसी और Office for National Statistics ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 18 से 44 वर्ष की आयु के लोगों में कोरोना का नया वैरिएंट तेजी से फैल रहा है.
-जो रिपोर्ट सामने आई है उसमें कहा गया है कि ठंड के मौसम की वजह से कोरोना के नये वैरिएंट का प्रसार हो रहा है. यही नहीं छोटे दिन और सर्दी के मौसम में बढ़ते मेलजोल की वजह भी इसके प्रसार का एक कारक हो सकता है. इनकी वजह से वायरस को प्रसार करने का अनुकूल वातावरण मिल जाता है.
-पूरे इंग्लैंड और स्कॉटलैंड में, कोविड प्रसार का दर 4.2% है, जिसमें लंदन 6.1% के साथ सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है.
कोविड वैरिएंट JN.1 के लक्षण क्या हैं? इस बारे में लोग गूगल पर सर्च कर रहे हैं. तो आइए जानते हैं कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के लक्षण क्या हैं..
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बुखार
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थकान
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नाक बहना
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गले में खराश
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सिरदर्द
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खांसी
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कंजेशन
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कुछ मामलों में स्ट्रो इंटेस्टाइनल समस्याएं भी संक्रमित में नजर आती है.
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लेखक के बारे में
By अमिताभ कुमार
अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.
अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.
प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in
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