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कोरोना से हो रही है मौत! जानें जेएन.1 सब-वैरिएंट से किन लोगों को है ज्यादा खतरा

Updated at : 22 Dec 2023 9:43 AM (IST)
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कोरोना से हो रही है मौत! जानें जेएन.1 सब-वैरिएंट से किन लोगों को है ज्यादा खतरा

Bengaluru: People wearing face masks as a precautionary measure after cases of COVID-19 sub-variant JN.1 were detected in the country, in Bengaluru, Wednesday, Dec. 20, 2023. (PTI Photo)(PTI12_20_2023_000294B)

बताया जा रहा है कि देश में भले ही संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़ रही है और देश में जेएन.1 सब-वैरिएंट का पता चला है, लेकिन तत्काल चिंता का कोई कारण नहीं है क्योंकि संक्रमित लोगों में से 92 प्रतिशत लोग घर पर उपचार से ही ठीक हो रहे हैं.

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कोरोना वायरस के संक्रमण ने एक बार फिर दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है. इस बीच लोगों के मन में एक सवाल आ रहा कि कोरोना का नया वैरिएंट कितना खतरनाक है ? तो कोरोना वायरस के जेएन.1 वैरिएंट पर बढ़ती चिंताओं के बीच, डब्ल्यूएचओ की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने लोगों को आश्वस्त किया है कि तत्काल इस नये वैरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है. एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने यह बात कही है. उन्होंने कहा कि हमें अलर्ट रहने की जरूरत है, लेकिन हमें इस वैरिएंट से घबराने की आवश्यकता नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे पास इसको लेकर किसी तरह का कोई डेटा उपलब्ध नहीं है कि यह वैरिएंट जेएन.1 अधिक गंभीर है या यह मौत का कारक भी बन सकता है.

स्वामीनाथन ने कहा कि मुझे लगता है कि हमें अलर्ट रहना चाहिए. पहले जब कोरोना प्रचंड पर था तो हमने जो सुरक्षा उपाय किये थे, उसे हमें अपनाने की जरूरत है. हम ओमीक्रॉन के बारे में जानते थे, इसलिए उससे लड़ने में हमने कुछ उपाए किये थे. ये नया वैरिएंट भी कुछ इसी प्रकार का है. इसमें कुछ चेंज आया होगा. इसीलिए मुझे लगता है कि डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि आइए इस पर नजर रखें. इसके बारे में जानें और घबराएं नहीं…

आइए आपको कोरोना के नये वैरिएंट JN.1 के बारे में बताते हैं जिसके बारे में आपको जानना चाहिए…

-भारत में अब तक JN.1 सब-वैरिएंट के 26 मामले सामने आए हैं, जिससे चिंता बढ़ादी है. इन मामलों में से 19 गोवा में, चार राजस्थान में और एक-एक केरल, दिल्ली, महाराष्ट्र में पाए गए.

-भारत में गुरुवार को कोरोना के संक्रमण से छह लोगों की मौत हुई. इनमें से तीन केरल का, दो कर्नाटक का और एक पंजाब का मरीज था. स्वास्थ्य मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि कोविड से होने वाली मौतें ज्यादातर गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों में हो रही हैं. आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 गंभीर लक्षण या मृत्यु का कारण नहीं बन रहा है.

-गोवा में पाए गए JN.1 सब-वैरिएंट के सभी 19 मामलों को ठीक कर दिया गया है. मरीजों से एकत्र किए गए नमूनों की जीनोम अनुक्रमण के दौरान वैरिएंट का पता चला था. राज्य के महामारी विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत सूर्यवंशी ने बताया कि जेएन.1 वैरिएंट वाले मरीजों में हल्के लक्षण थे और वे अब ठीक हो गए हैं.

Also Read: Corona Update: नोएडा-गाजियाबाद के बाद अब लखनऊ में भी कोरोना का दस्तक, नए वैरिएंट JN.1 को लेकर अलर्ट जारी

-जहां बुधवार को कोरोना के सब-वैरिएंट जेएन.1 सब-वेरिएंट के दो मामले जैसलमेर में सामने आए, वहीं दो अन्य मामले गुरुवार को जयपुर में सामने आए.

-भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि हवाई अड्डों पर यात्रियों के लिए कोविड​​-19 का आरटी-पीसीआर परीक्षण अनिवार्य करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है.

-ब्लूमबर्ग के अनुसार, इंग्लैंड और स्कॉटलैंड में हर 24 में से लगभग एक व्यक्ति को कोविड-19 से संक्रमित है, जिसमें लंदन सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है क्योंकि जेएन.1 वैरिएंट तेजी से यहां फैल रहा है.

-यूके की हेल्थ सेक्यूरिटी एजेंसी और Office for National Statistics ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 18 से 44 वर्ष की आयु के लोगों में कोरोना का नया वैरिएंट तेजी से फैल रहा है.

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-जो रिपोर्ट सामने आई है उसमें कहा गया है कि ठंड के मौसम की वजह से कोरोना के नये वैरिएंट का प्रसार हो रहा है. यही नहीं छोटे दिन और सर्दी के मौसम में बढ़ते मेलजोल की वजह भी इसके प्रसार का एक कारक हो सकता है. इनकी वजह से वायरस को प्रसार करने का अनुकूल वातावरण मिल जाता है.

-पूरे इंग्लैंड और स्कॉटलैंड में, कोविड प्रसार का दर 4.2% है, जिसमें लंदन 6.1% के साथ सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है.

JN.1 के लक्षण क्या हैं?

कोविड वैरिएंट JN.1 के लक्षण क्या हैं? इस बारे में लोग गूगल पर सर्च कर रहे हैं. तो आइए जानते हैं कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के लक्षण क्या हैं..

  • बुखार

  • थकान

  • नाक बहना

  • गले में खराश

  • सिरदर्द

  • खांसी

  • कंजेशन

  • कुछ मामलों में स्ट्रो इंटेस्टाइनल समस्याएं भी संक्रमित में नजर आती है.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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