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Coronavirus : देश पर बढ़ रहा है ओमिक्रॉन वैरिएंट का खतरा, नागपुर में भी एक केस, कुल संक्रमित 37

Updated at : 12 Dec 2021 5:32 PM (IST)
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Coronavirus : देश पर बढ़ रहा है ओमिक्रॉन वैरिएंट का खतरा, नागपुर में भी एक केस, कुल संक्रमित 37

देश में ओमिक्रोन वैरिएंट का पहला मामला भी कर्नाटक में ही आया था, एक डॉक्टर और एक दक्षिण अफ्रीका के नागरिक को यहां ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित पाया गया था.

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भारत में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले 37 हो गये हैं. कर्नाटक, चंडीगढ़, आंध्र प्रदेश और नागपुर में ओमिक्रॉन वैरिएंट के एक-एक संक्रमित मिलने के बाद देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट के कुल 37 मामले हो गये हैं.

देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट का पहला मामला भी कर्नाटक में ही आया था, एक डॉक्टर और एक दक्षिण अफ्रीका के नागरिक को यहां ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित पाया गया था. आज नागपुर में भी एक केस सामने आया है. यह संक्रमित 40 साल का व्यक्ति है.

आज कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ सुधाकर ने ट्‌वीट कर जानकारी दी कि दक्षिण अफ्रीका से वापस आये एक 34 वर्षीय व्यक्ति को ओमिक्रॉन संक्रमित पाया गया है. उन्हें आइसोलेट कर दिया गया है और उनका सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है. उन्होंने कहा कि उनके संपर्क में आये लोगों की जांच भी की जा रही है.

चंडीगढ़ में एक 20 वर्षीय इटली निवासी में ओमिक्रॉन वैरिएंट पाया गया है. इटली का रहने वाला यह व्यक्ति 22 नवंबर को भारत आया था. वह अपने रिश्तेदारों से मिलने चंडीगढ़ आया है.

वहीं आंध्र प्रदेश में जो व्यक्ति संक्रमित पाया गया है, वह 34 वर्षीय विदेशी यात्री, जो आयरलैंड से मुंबई हवाई अड्डे पर आया था. पहली बार के टेस्ट में उस निगेटिव पाया गया था, लेकिन दूसरी बार के टेस्ट में उसे पॉजिटिव पाया गया है.

देश में जिस तरह ओमिक्रॉन वैरिएंट फैल रहा है लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या वह व्यक्ति जो कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुका है उसे ओमिक्रॉन से खतरा है. क्या वैक्सीन ओमिक्रॉन से बचाव करेगा?

प्रारंभिक अध्ययन में संकेत मिलता है कि अभी जो प्रतिरक्षा है वह ओमिक्रॉन वैरिएंट पर कम असरदार है. ये अध्ययन अभी प्रकाशित नहीं हुए हैं और स्वतंत्र रूप से अन्य वैज्ञानिकों द्वारा औपचारिक रूप से इसकी समीक्षा होने वाली है. हालांकि, अनुसंधान में यह भी बताया गया है कि तीसरी बूस्टर खुराक देने से सुरक्षा मिल सकती है.

हालांकि अभी वैज्ञानिक इसपर भी एकमत नजर नहीं आ रहे हैं, लेकिन यह तय है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे को कम करने के लिए वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है साथ ही कोरोना प्रोटोकॉल का पालन भी इससे बचाव के लिए बहुत जरूरी है.

स्वास्थ्य विभाग ने भी चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस के नये वैरिएंट से बचने के लिए वैक्सीनेशन पर अत्यधिक जोर देना चाहिए और मास्क का प्रयोग जरूर करना चाहिए.

Posted By : Rajneesh Anand

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