Chhattisgarh News : जनसंख्या के आधार पर अब आरक्षण देगी छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ?

Edited by Amitabh Kumar
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Chhattisgarh News : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कई बार जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने की बात कहते नजर आ चुके हैं. जानें क्या है प्रदेश सरकार की तैयारी. बुलाया गया है विशेष सत्र

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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार जॉब और शिक्षण क्षेत्र में आरक्षण पर बड़ा फैसला ले सकती है. इस वजह से विशेष सत्र का अयोजन किया जा रहा है. खबरों की मानें तो प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार आरक्षण संशोधन विधेयक लाने जा रही है जिसके लिए एक और दो दिसंबर को विधानसभा का विशेष सत्र कॉल किया गया है. बताया जा रहा है, आरक्षण पर संशोधन विधेयकों का प्रारूप लगभग तैयार हो चुका है जिसको 24 नवंबर को होने वाली राज्य कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी जा सकती है.

जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कई बार जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने की बात कहते नजर आ चुके हैं. ऐसी उम्मीद है कि भूपेश बघेल सरकार नये आरक्षण संशोधन विधेयक में इसे शामिल कर सकती है. यदि ऐसा होता है तो अनुसूचित जनजाति को 32 प्रतिशत और अनुसूचित जाति को 12 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान होगा. करीब 50% से अधिक आबादी वाले अन्य पिछड़ा वर्ग की बात करें तो उनको मंडल आयोग की सिफारिशों के मुताबिक 27% आरक्षण की भी बात कही जा रही है. यही नहीं केंद्र सरकार से लागू समान्य वर्ग के गरीबों का 10% आरक्षण भी प्रभावी होगा. इस प्रकार देखा जाए तो कुल 81 प्रतिशत आरक्षण हो जाएगा.

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ये बात कई बार कर चुके हैं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

2012 के हाईकोर्ट के आदेश के बाद 32 प्रतिशत आरक्षण अनुसूचित जनजाति को जबकि 12 प्रतिशत अनुसूचित जाति को दिया जा रहा था. यही नहीं अन्य पिछड़ा वर्ग को 14 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जा रहा था. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कई अवसर पर से कहते हुए सुने जा चुके हैं कि जनसंख्या के अनुपात के अनुसार आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए.

अनुसूचित जाति वर्ग का क्या है विवाद

2012 तक छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति वर्ग को 16% आरक्षण दिया जा रहा था. 2012 में बदलाव के बाद इसे 12% कर दिया गया. गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी ने इसी का विरोध करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. यदि प्रदेश सरकार जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण 13% करती है तो अनुसूचित जाति वर्ग की नाराजगी का सामना उसे करना पड़ सकता है.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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