CBI vs CBI Graft Case : CBI के पूर्व अधिकारी राकेश अस्‍थाना को कोर्ट से बड़ी राहत, बिचौलिये मनोज प्रसाद को नोटिस

Author : ArbindKumar Mishra Published by : Prabhat Khabar Updated At : 07 Mar 2020 6:54 PM

विज्ञापन

CBI कोर्ट ने कहा कि अस्थाना और सीबीआई के डीएसपी देवेन्द्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं

विज्ञापन

नयी दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को रिश्वत के एक मामले में सीबीआई के आरोपपत्र का संज्ञान लिया जिसमें एजेंसी ने अपने पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को हाल में क्लीनचिट दी थी.

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने कहा कि अस्थाना और सीबीआई के डीएसपी देवेन्द्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है जिन्हें 2018 में गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत मिल गई थी.

अदालत ने ‘बिचौलिये’ मनोज प्रसाद को समन किया जिसे आरोपपत्र में आरोपी बताया गया था. इसके अलावा अदालत ने प्रसाद के भाई सोमेश्वर श्रीवास्तव और ससुर सुनील मित्तल को भी यह कहते हुए समन किया कि उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त सामग्री है.

जांच के दौरान श्रीवास्तव और मित्तल के नाम सामने आए थे. अदालत ने प्रसाद, श्रीवास्तव और मित्तल को 13 अप्रैल को पेश होने के निर्देश दिए. न्यायाधीश ने कहा, ‘मनोज प्रसाद, सोमेश्वर श्रीवास्तव और सुनील मित्तल के खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं. मैं उन्हें 13 अप्रैल के लिए समन कर रहा हूं.

राकेश अस्थाना और देवेन्द्र कुमार को समन नहीं किया जा रहा है क्योंकि उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं. अदालत ने यह भी कहा कि सीबीआई अगर जांच में अस्थाना के खिलाफ कुछ पाती है तो वह आरोपपत्र दायर कर सकती है. अदालत ने भादंसं की धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), 420 (ठगी) और 385 (फिरौती) तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराओं के तहत दायर आरोपपत्र का संज्ञान लिया.

मामले में एजेंसी के पूर्व जांचकर्ता ए के बस्सी ने अदालत को बताया था कि मामले में अस्थाना के खिलाफ ‘मजबूत साक्ष्य’ हैं. 11 फरवरी को दायर आरोपपत्र में केवल प्रसाद को आरोपी बताया गया था. निलंबित डीएसपी देवेन्द्र कुमार 2017 के मामले में जांच अधिकारी थे जिसमें मांस व्यापारी मोईन कुरैशी संलिप्त थे.

हैदराबाद के व्यवसायी सतीश सना को मोइन कुरैशी धनशोधन मामले से कथित तौर पर जुड़े होने के कारण गिरफ्तार किया गया था और उसने दावा किया कि उसके जुड़ाव सीबीआई और रॉ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हैं. सना की शिकायत पर कथित रिश्वत का वर्तमान मामला दर्ज किया गया था.

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola