Bengaluru Water Crisis: बेंगलुरु में भीषण जल संकट, सीएम सिद्धरमैया परेशान, सरकार ने लिया ये कड़ा फैसला

Edited by Amitabh Kumar
Updated:
विज्ञापन

Bengaluru Water Crisis

Bengaluru Water Crisis: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु भीषण जल संकट से गुजर रहा है. प्रदेश के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया भी इस संकट से अछूते नहीं हैं. जानें सरकार ने क्या लिया है फैसला

विज्ञापन

Bengaluru Water Crisis: बेंगलुरु में जल संकट से लोग परेशान हैं. इस बीच कर्नाटक सरकार ने एक अहम फैसला लिया है जिसके तहत कारों की धुलाई, बागवानी, निर्माण और रखरखाव सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए पीने के पानी के उपयोग पर बैन लगाया गया है. कर्नाटक जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड (KWSSB) ने भी फैसले का उल्लंघन करने पर 5,000 का जुर्माना लगाने की बात कही है. बताया जा रहा है कि साल 2023 में बारिश की कमी के कारण पूरा कर्नाटक, खासकर बेंगलुरु हाल के वर्षों में जल संकट की सबसे खराब स्थिति का सामना करता नजर आ रहा है.

इधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने कम बारिश के लिए अल नीनो प्रभाव को जिम्मेदार ठहराया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बेंगलुरु के कुमारकृपा रोड स्थित कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के कार्यालय-सह-आवास के अंदर पानी के टैंकर देखे गए हैं. इससे सजह ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजधानी के लोग किस स्थिति से गुजर रहे हैं. अभी गर्मी की शुरूआत भी ठीक से नहीं हुई है और पानी की कमी से लोग त्रस्त हैं.

ऑनलाइन क्लास लेने का फैसला

जो खबर सामने आ रही है उसके अनुसार, बेंगलुरु के विजयनगर स्थित एक कोचिंग सेंटर ने अपने छात्रों से ‘आपात’ स्थिति के कारण एक सप्ताह के लिए ऑनलाइन क्लास लेने की बात कही है. यही नहीं शहर के बन्नेरघट्टा मार्ग स्थित एक स्कूल को भी बंद करने का फैसला लिया गया है और ऑनलाइन क्लास लेने का निर्देश दिया गया है. यह ‘आपात’ स्थिति और कुछ नहीं बल्कि शहर में जारी भीषण जल संकट की वजह से है.

Water Crisis: कर्नाटक के कई इलाकों में गंभीर जल संकट, एक टैंकर पानी के लिए चुकाने पड़ रहे 1600 से 2000 रुपये

टैंकर की दर 1,500 से 1,800 रुपये के बीच

इस बीच उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने कहा कि बेंगलुरु के सदाशिवनगर में उनके घर का बोरवेल पहली बार पूरी तरह से सूख चुका है. उनका घर सदाशिवनगर सैंकी झील के बगल में स्थित है उसके बाद भी इस तरह की स्थिति उत्पन्न हो गई है. उल्लेखनीय है कि बेंगलुरु की सड़कों पर पानी के टैंकर को चक्कर लगाते देखना अब आम है. शिवकुमार की मानें तो, सामान्य दिनों में पानी की आपूर्ति करने वाला एक टैंकर 700 से 800 रुपये लेता था, लेकिन अधिक मांग होने के कारण अब टैंकर की दर 1,500 से 1,800 रुपये के बीच हो चुकी है.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola