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Bangladesh News: चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका खारिज, VHP नेता ने कहा- जिहादियों के दबाव में काम कर रही है कोर्ट

Updated at : 02 Jan 2025 4:03 PM (IST)
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Bangladesh News: बांग्लादेश की अदालत ने हिंदू आध्यात्मिक नेता चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका खारिज कर दिया है. इसपर वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल दुख जाहिर किया है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश अलगाववादियों का स्वर्ग बन गया है. ऐसा लगता है कि उनकी निचली न्यायपालिका जिहादियों के दबाव में काम कर रही है.

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Bangladesh News: बांग्लादेश की एक अदालत ने हिंदू आध्यात्मिक नेता चिन्मय कृष्ण दास को जमानत देने से इनकार कर दिया है. इसे कोलकाता स्थित अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ ने दुखद करार दिया. राधारमण दास ने कहा कि यह दुखद है कि उनकी जमानत याचिका को अस्वीकार कर दिया गया. हमें उम्मीद थी कि नव वर्ष में उन्हें रिहा कर दिया जाएगा. बांग्लादेश के कोर्ट ने देशद्रोह के एक मामले में इस्कॉन के पूर्व संत चिन्मय कृष्ण दास को आज यानी गुरुवार को जमानत देने से इनकार कर दिया. बांग्लादेश की कोर्ट के इस फैसले पर भारत में भी कई और लोगों ने दुख जाहिर किया है.

VHP नेता ने कहा- जिहादियों के दबाव में काम कर रही है कोर्ट

बांग्लादेश की अदालत की ओर से इस्कॉन नेता चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका खारिज किए जाने पर वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा है कि “बांग्लादेश अलगाववादियों का स्वर्ग बन गया है. ऐसा लगता है कि उनकी निचली न्यायपालिका जिहादियों के दबाव में काम कर रही है. जो एक विकृत, जिहादी, हिंदू विरोधी और बांग्लादेश विरोधी मानसिकता का प्रतीक है. बांग्लादेश के युवाओं ने इस्लाम की छवि को नष्ट कर दिया है.”

यह न्याय का मजाक है- पूर्व उच्चायुक्त वीना सीकरी

बांग्लादेश की अदालत की ओर से इस्कॉन नेता चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका खारिज किए जाने पर बांग्लादेश में भारत की पूर्व उच्चायुक्त वीना सीकरी ने कहा है कि यह न्याय का मजाक है. उनके खिलाफ आरोपों के लिए कोई सबूत नहीं दिया गया है. यह राष्ट्रीय न्याय और मानवीय पहलुओं के सिद्धांत के खिलाफ है. बांग्लादेश शासन अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के बारे में बात भी नहीं कर रहा है. पहली जमानत सुनवाई के दौरान चिन्मय कृष्ण दास को वकील तक नहीं मिला. दुनिया के इसपर ध्यान ध्यान देना चाहिए कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के साथ क्या हो रहा है”.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चटगांव मेट्रोपॉलिटन सेशंस जज, मोहम्मद सैफुल इस्लाम ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के हिंदू संत की जमानत याचिका खारिज कर दी. इस मामले में चिन्मय कृष्ण दास की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के 11 वकीलों की एक टीम सुबह करीब ने जिरह किया था. बता दें, चिन्मय दास बीते 40 दिनों से ज्यादा समय से जेल में बंद हैं. उनका स्वास्थ्य भी खराब है. ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि कोर्ट से उन्हें न्याय मिलेगा. बता दें, चिन्मय कृष्ण दास को 25 नवंबर को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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