'वे केवल हिंदुओं के पीएम नहीं हैं', नए संसद भवन के उद्घाटन पर ओवैसी का पीएम मोदी पर तंज
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 31 May 2023 6:36 PM
एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने उद्घाटन समारोह के दौरान केवल हिंदू पंडितों को संसद परिसर में प्रवेश कराने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की. उन्होंने कहा कि नए संसद भवन का उद्घाटन किया गया. मैंने इसे टेलीविजन पर देखा.
नई दिल्ली : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को नए संसद भवन के उद्घाटन के मौके पर संतों को आमंत्रित किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है. हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि नए संसद भवन के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री केवल एक धर्म के लोगों को अंदर ले गए. उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री होने के नाते उन्हें सभी धर्मों के संतों को अपने साथ अंदर ले जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी केवल हिंदुओं के ही प्रधानमंत्री नहीं हैं, बल्कि वे देश के 130 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री हैं.
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सेंगोल का कराया गया संसद प्रवेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कर्नाटक के शृंगेरी मठ के पुजारियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नए संसद भवन का उद्घाटन किया. नए संसद भवन के उद्घाटन से पहले पूजा के दौरान देवताओं का आह्वान करने के लिए उन्होंने ‘गणपति होमम’ किया. इसके बाद उन्होंने ‘सेंगोल’ के सामने दंडवत किया और तमिलनाडु में विभिन्न अधिनामों के महायाजकों से आशीर्वाद मांगा. इससे पहले, प्रधानमंत्री ने ‘नादस्वरम’ की धुनों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ‘सेंगोल’ को नए संसद परिसर में ले गए और इसे लोकसभा कक्ष में अध्यक्ष की कुर्सी के दाईं ओर स्थापित किया.
अन्य धर्मों के पुजारियों को आमंत्रित क्यों नहीं किया?
एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने उद्घाटन समारोह के दौरान केवल हिंदू पंडितों को संसद परिसर में प्रवेश कराने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की. उन्होंने कहा कि नए संसद भवन का उद्घाटन किया गया. मैंने इसे टेलीविजन पर देखा. प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री संसद के अंदर जा रहे थे और उनके पीछे 18-20 हिंदू पुजारी वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए मंत्र जाप करते हुए संसद में प्रवेश किए. उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री जी, आपने केवल हिंदू पुजारियों को ही इस समारोह में क्यों आमंत्रित किया? उन्होंने कहा कि क्या ईसाई पादरी, मुस्लिम मौलाना और अन्य धर्मों के धार्मिक नेताओं को नई संसद अंदर नहीं ले जाना चाहिए था?
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दूसरे विपक्षी दलों ने भी किया विरोध
बताते चलें कि नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह के दौरान धार्मिक आयोजन को लेकर केवल एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ही नाराज दिखाई दे रहे हैं, बल्कि विपक्ष की कई पार्टियां भी इसका विरोध कर रही हैं. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने भी उद्घाटन समारोह के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों का विरोध किया था. उन्होंने कहा था कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के आधुनिक भारत की अवधारणा के बारे में बात करने और आज नई दिल्ली में नए संसद भवन में किए गए अनुष्ठानों की एक शृंखला के बीच एक बड़ा अंतर है. मुझे डर है कि हम अपने देश को दशकों पीछे ले जा रहे हैं.
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