'मेरा वजन 64 किलो से ज्यादा नहीं बढ़ रहा', बोले अरविंद केजरीवाल- मुझे रविवार को करना है सरेंडर

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 31 May 2024 12:43 PM

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Delhi CM and AAP convenor Arvind Kejriwal/ File Photo

सरेंडर करने से पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने वीडियो संदेश जारी किया है और जनता से खास अपील की है.

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दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को एक वीडियो संदेश जारी किया. अपने संदेश में उन्होंने जनता को संबोधित किया और कहा, कोर्ट की ओर से मुझे चुनाव प्रचार करने के लिए 21 दिन की मोहलत दी गई थी. शनिवार को 21 दिन पूरे हो रहे हैं और रविवार को मुझे सरेंडर करना है. एक बार फिर मुझे तिहाड़ जेल जाना होगा. मुझे नहीं पता कि इस बार ये लोग मुझे कितने दिन जेल में रखेंगे.

आगे सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मेरे हौसले बुलंद हैं और देश को तानाशाही से बचाने के लिए जेल जा रहा हूं. इन लोगों ने मुझे कई तरह से तोड़ने की कोशिश की…मुझे झुकाने की कोशिश की, लेकिन ये सफल नहीं हो सके. इन्होंने जेल में मुझे बहुत प्रताड़ित किया. मैं 20 साल से शुगर का मरीज हूं. पिछले 10 साल से मुझे रोज इंसुलीन के इंजेक्शन लगते हैं. जेल में इन्होंने मेरे इंजेक्शन रोक दिए. मेरा शुगर लेबल 300 से ज्यादा पहुंचे गई. मेरी किडनी और लीवर खराब हो सकती है. पता नहीं ये लोग क्या चाहते थे.

पचास दिन में मेरा 6 किलो वजन कम हो गया

अरविंद केजरीवाल ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि जेल में पचास दिनों में मेरा 6 किलो वजन कम हो गया. मेरा वजह 64 किलो हो गया है. जेल से बाहर आने के बाद भी मेरा वजन नहीं बढ़ रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि यह शरीर में किसी बड़ी बीमारी का भी संकेत हो सकता है. रविवार को मैं सरेंडर करूंगा. सरेंडर करने के लिए घर से करीब तीन बजे निकलूंगा. हो सकता है कि इस बार मुझे और प्रताड़ित किया जाए, लेकिन मैं झुकने वाला नहीं हूं. आप अपना ख्याल रखना…जेल में मुझे आपकी बहुत चिंता रहती है. मैं चाहे जहां रहूं…आपके काम नहीं रुकेंगे.

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मेरे माता-पिता का ख्याल रखना

दिल्ली के सीएम ने आगे कहा कि मेरे माता-पिता बहुत बुजुर्ग हैं. आप उनका ख्याल रखना. मेरा मां बीमार रहती है आप उनके लिए दुआ मांगना. दुआ में बहुत ताकत होती है. मेरी पत्नी मेरा हमेशा साथ देती है. मुश्किल वक्त में पूरा परिवार एक हो जाता है. आप लोगों ने भी मेरा साथ दिया है. मैं तानाशाही से लड़ रहा हूं. यदि मेरी जान भी चली जाए तो गम मत करना. उन्होंने कहा कि भगवान ने चाहा तो आपका ये बेटा जल्द वापस आएगा.

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लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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